blogid : 319 postid : 1395353

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2019 : ये हैं महिला सशक्तिकरण पर बनी बॉलीवुड की 10 मशहूर फिल्में

Posted On: 8 Mar, 2019 Bollywood में

Shilpi Singh

खजाना मस्तीजब हों अकेले और उदास कर लें थोड़ी मस्ती से मुलाकात

Entertainment Blog

2544 Posts

670 Comments

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हर साल 8 मार्च को विश्व में मनाया जाता है। महिला दिवस की शुरुआत 1911 से हुई और धीरे-धीरे ये दिवस एक समुदाय या लिंग की परिभाषाओं से ऊपर उठकर  विश्व में अपनी पहचान बनाता गया , आज विश्व की आधी आबादी इसे अपने अधिकार दिवस के जश्न के रूप में मनाती है। बॉलीवुड ने भी महिलाओं के महत्व को समझा और इस बात को समय समय पर अपनी फिल्मों के जरिये ये बताने की कोशिश की है कि समाज में औरतों का क्या योगदान है और भारतीय महिलाओं ने अपनी हिम्मत अपने हौसले से किस्मत को अपने सामने झुकने को मजबूर किया है। हम आपको बताने जा रहे है बॉलीवुड की कुछ ऐसी चुनिंदा महिला प्रधान फिल्मों के बारे में जिन्हे आप जब भी देखेंगे, एक नयी प्रेरणा नयी ऊर्जा का संचार पाएंगे।

 

cover

 

 

1. श्रीदेवी (मॉम – इंग्लिश विंग्लिश)

 

sridevi

 

श्रीदेवी भले ही अब हमारे बीच नहीं रही हों, लेकिन उनका यादगार काम हमेशा लोगों को हंसाता और रुलाता रहेगा। श्रीदेवी शादी के कुछ साल तक फिल्मों से दूर रहीं लेकिन जब साल 2012 में उन्होंने वापसी की तो हर किसी ने उन्हें सलाम किया। श्रीदेवी की 2012 में आई फिल्म ‘इंग्लिश विंग्लिश’ ने लोगों को काफी प्रभावित किया था, इस फिल्म उन्होंने घरेलू पत्नी का किरदारा निभाया था। इतना ही नहीं, उनकी पिछले साल आई एक और फिल्म ‘मॉम’ ने लोगों के दिलों को जीत लिया, यह फिल्म भी एक महिला और एक मां पर आधारित थी।

 

2. कंगना रनौत (क्वीन)

 

queen

 

कंगना रनौत वैसे तो बॉलीवुड में अपनी एक खास पहचान बनाई है, उनकी फिल्में हर बार कुछ खास तरीक से पेश की जाती है। फिल्म ‘क्वीन’ में कंगना एक सिंपल लड़की का किरदार निभाया था, इस फिल्म में कोई बड़ा स्टार नहीं था इसके बावजूद फिल्म सुपरहिट रही थी। फिल्म की कहानी कुछ ऐसी थी कि शादी टूटने के बाद कंगना अपना हनीमून पैकेज सिर्फ घूमने के चली जाती हैं। ऐसे में कई खट्टे-मीठे सीन है, जिसे देखने के बाद आपको भी बार-बार फिल्म देखने के लिए प्रोत्साहित होंगे।

 

3. विद्या बालन (कहानी – द डर्टी पिक्चर)

 

vidya

 

द डर्टी पिक्चर 2011 में बनी सिल्क स्मिता की जीवनी पर आधारित हिन्दी फिल्म है। विद्या बालन, नसीरुद्दीन शाह और इमरान हाशमी ने फिल्म में मुख्य किरदारों की भूमिका निभाई है। उनकी एक और फिल्म ‘कहानी’ को भी काफी सराहना मिली थी। इसमें भी वह एक प्रेग्नेंट लेडी का किरदार निभाया, जिसमें काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं, विद्या बालन की दोनों ही फिल्में महिलाओं पर आधारित हैं।

 

4. नरगिस (मदर इंडिया )

 

mother_india

 

‘मदर इंडिया’ 1957 में बनी भारतीय फिल्म है जिसे महबूब खान द्वारा लिखा और निर्देशित किया गया है। फिल्म में नर्गिस, सुनील दत्त, राजेंद्र कुमार और राज कुमार मुख्य भूमिका में हैं। यह गरीबी से पीड़ित गांव में रहने वाली औरत राधा की कहानी है जो कई मुश्किलों का सामना करते हुए अपने बच्चों का पालन पोषण करने और बुरे जागीरदार से बचने की मेहनत करती है।

 

5. प्रियंका चोपड़ा (मैरी कॉम)

 

marykom

 

मैरी कॉम एक भारतीय हिंदी बॉलीवुड फिल्म है जो 2014 में सिनेमा घरों में प्रदर्शित हुई थी। जिसका निर्देशन ओमंग कुमार ने किया था। यह एक जीवनी फ़िल्म है जो मुक्केबाज मैरी कॉम पर आधारित है जिसमें प्रियंका चोपड़ा ने लीड रोल निभाया था।

 

6. सोनम कपूर (नीरजा)

 

Neerja

 

2015 में आई ‘नीरजा’ में सोनम कपूर ने शानदार अभिनय का प्रदर्शन किया। यह एक जीवनी फिल्म है, जिसका निर्देशन राम माधवानी ने किया। इस फिल्म का निर्माण फॉक्स स्टार स्टूडियो के बैनर तले अतुल कशबेकर ने किया। सोनम कपूर की इस फिल्म को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला। ‘नीरजा’ में 5 सितम्बर 1986 को मुम्बई-न्यूयॉर्क उड़ान के आतंकवादियों द्वारा कराची में अपहृत होने पर अपनी जान गंवाने वाली नीरजा भनोट के जीवन पर आधारित फिल्म है।

 

7. तापसी पन्नू (पिंक)

 

Pink-photo-by-The-Telegraph

 

पिंक अनिरुद्ध रॉय चौधरी द्वारा निर्देशित 2016 की हिन्दी फिल्म है। इसमें अमिताभ बच्चन, तापसी पन्नू, कीर्ति कुल्हरी, अंगद बेदी, एंड्रिया तारियांग, पीयूष मिश्रा और धृतिमान चटर्जी ने मुख्य किरदार निभाए हैं। फिल्म 16 सितम्बर 2016 को रिलीज़ हुई। फिल्म में दिल्ली की रहने वाली तीन लड़कियां मीनल अरोड़ा (तापसी पन्नू), फलक अली (कीर्ति कुल्हरी) व एंड्रिया (एंड्रिया तारियांग) पर है।

 

8. अर्थ 1982 

 

 

अपनी निजी जिंदगी को फिल्मों का रूप देने के लिए मशहूर महेश भट्ट द्वारा निर्मित फिल्म ‘अर्थ’ एक बोल्ड कला फिल्म थी। ये कहानी थी 2 ऐसी औरतों की जिनकी जिंदगी एक ही पुरुष के इर्द गिर्द चलती है। मेलोड्रामा फिल्म ‘अर्थ’ घरेलु हिंसा, नारी की आजादी और समाज की बंदिशों को तोड़कर अपनी इच्छाओं के हक की लड़ाई थी जिसमें शबाना आजमी और स्मिता पाटिल के रोल की जमकर तारीफ हुई थी।

 

9. लज्जा (2001)

 

 

राजकुमार संतोषी की फिल्म ‘लज्जा’ उस भारतीय परंपरा के मुँह पर एक जोरदार तमाचा थी जिसके अंतर्गत एक तरफ बेटी को देवी मान पूजा जाता है और दूसरी तरफ उसी बेटी के पैदा होने पर उसे अभिशाप समझ कर मार दिया जाता है। समाज के हर वर्ग में केवल औरत को ही लोक लाज का जिम्मा सौपने वाली प्रथा की मुखालफत करती यह फिल्म बड़ी स्टारकास्ट के साथ साल 2001 में रिलीज हुई थी।

 

10. डोर(2006)

 

 

आइशा टाकिया और गुल पनाग के अभिनय से सजी फिल्म ‘डोर’ साल 2006 में आई । ये फिल्म कहानी थी 2 ऐसी औरतों की जिनमें एक मीरा(आइशा टाकिया) के पति की मौत हो जाती है और दूसरी ज़ीनत (गुल पनाग) अपने पति की जान बचाने के लिए उसी औरत की मदद चाहिए। एक औरत के विधवा हो जाने के बाद कैसे उसके जीवन में समाज बदलाव कर उससे जीने की हर वजह छीन लेना चाहता है। जीनत, मीरा के अंदर अपने हक के लिए उठ खड़े होने के जज्बा पैदा करती है और कैसे जीनत अपने पति की जान बचाती है ये फिल्म की कहानी है। नागेश कुकनूर के निर्देशन में बनी फिल्म ‘डोर’ महिला शक्ति को दिखाती एक अच्छी फिल्म है।…Next

 

Read More:

दो शादियां कर चुके हैं टीवी के मशहूर बेेटे हितेन तेजवानी, सेट पर हुआ था दूसरी पत्नी गौरी से प्यार

स्विट्जरलैंड में आकाश अंबानी और श्लोका का प्री-वेडिंग सेलिब्रेशन, बॉलीवुड सितारों ने लगाई रौनक

लता मंगेशकर पिता की पुण्यतिथि पर भारतीय सेना को दान करेंगी 1 करोड़ रुपए

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग