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[FIFA WORLD CUP] “32 साल बाद नीदरलैंड पहुंचा फाइनल में”

Posted On: 7 Jul, 2010 Others में

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फीफा विश्व कप 2010 जब शुरू हुआ था तो शायद किसी ने नहीं सोचा था कि उरुग्वे की टीम सेमीफाइनल तक का सफ़र तय कर लेगी लेकिन किसको पता था की दियगो फोर्लन के उम्दा खेल और सुरेज के “हैण्ड आफ गाड” की बदौलत यह दक्षिण अमेरिकी टीम इतना लंबा सफ़र तय कर लेगी. लेकिन दो बार फीफा फुटबॉल विश्व चैम्पियन रही उरुग्वे ने 40 साल के लंबे अंतराल के बाद सेमीफाइनल में प्रवेश कर यह साबित कर दिया कि भले ही उनके खिलाड़ी विश्व क्लब फुटबॉल जगत में ख्याति प्राप्त नहीं हों लेकिन अगर आप मेहनत करते हैं तो जग आपके कदम चूमता है.

South Africa Soccer WCup Uruguay Netherlandsसेमीफाइनल मुकाबले में उरुग्वे का मुकाबला ऑरेंज टीम के नाम से मशहूर वेस्ले स्नीजदर की नीदरलैंड से था. अभी तक खेले सभी फीफा विश्व कपों में हम नीदरलैंड को सबसे दुर्भाग्यशाली टीम कह सकते हैं जो ख़िताब जीतने के करीब कई बार आयी परन्तु शायद किस्मत ने उस दिन उसका साथ नहीं दिया. 1974 और 1978 के विश्व कप में लगातार दो बार नीदरलैंड फाइनल तक पहुंची परन्तु टोटल फुटबॉल खेलने वाले खिलाड़ी दोनों बार जीत से दूर रह गए. 1998 फ्रांस में हुए विश्व कप नीदरलैंड सेमीफाइनल तक तो पहुंची परन्तु सेमीफाइनल में उन्हें ब्राज़ील के हाथों पटखनी खानी पड़ी. लेकिन इस बार नीदरलैंड ने ब्राज़ील को क्वार्टर फाइनल में हरा के बदला तो ले लिया लेकिन विश्व कप जीतने के रास्ते में आज नीदरलैंड के सामने उरुग्वे की चुनौती थी.

विश्लेषण

फीफा विश्व कप 2010 का पहला सेमीफाइनल मुकाबला होने के कारण मुकाबला रोमांचक होने की आशंका थी परन्तु मैच जब शुरू हुआ तो काफ़ी धीमी गति से खेला जा रहा था.South Africa Soccer WCup Uruguay Netherlands भले ही शुरुवाती क्षणों में नीदरलैंड का खेल में दबदबा था परन्तु उरुग्वे की मजबूत रक्षापंक्ति के सामने नीदरलैंड के खिलाड़ी दरार खोजने में नाकामयाब रहे परन्तु अपना आखिरी विश्व कप खेल रहे नीदरलैंड के कप्तान जिओवनी वैन ब्रॉन्कहर्स्ट ने शायद सबको आश्चर्य में डाल इस विश्व कप का सबसे बेहतरीन गोल दागा. उन्होंने अपने बाएं पैर से करीबन 35 मीटर से शॉट लगाई जो सीधे उरुग्वे के गोलकीपर फर्नांडो मुस्लेबरा को छका गोल में गयी. एक गोल से पिछड़ने के बाद उरुग्वे ने अच्छे प्रयत्न तो किए परन्तु सफलता उनके हाथ नहीं लग रही थी. तभी उरुग्वे के स्टार खिलाड़ी दियगो फोर्लन ने अपने पास आया मौका नहीं गंवाया और विश्व कप का अपना चौथा गोल कर अपनी टीम को बराबरी पर ला दिया. पहला हाफ खत्म होते-होते दोनों टीमें एक-एक गोल से बराबरी पर थीं. भले ही पहले हॉफ में नीदरलैंड के खिलाड़ियों के पास 60% गेंद थी परन्तु गोल पर शॉट उरुग्वे के खिलाड़ियों ने लगाए और दोनों टीमों को कार्नर भी बराबर मिले.

South Africa Soccer WCup Uruguay Netherlandsदूसरा हॉफ जब शुरू हुआ तो नीदरलैंड ने टीम में बदलाव करते हुए राफेल वान डर वार्टको को मैदान में उतरा जिसका फायदा भी उसे मिला क्योंकि वान डर वार्टको एक आक्रामक मिडफील्डर हैं जो स्पेन के क्लब रियल मैड्रिड से खेलते हैं. 70वें मिनट में नीदरलैंड को आक्रामक खेल का फायदा मिला जब उनके स्टार खिलाड़ी वेस्ले स्नीजदर ने गोल कर नीदरलैंड को बढ़त दिला दी. हालांकि यह गोल विवादास्पद था क्योंकि रोबिन वाम पर्सी आफ साइड दिखे. इसके तीन मिनट बाद अर्जेन रॉबेन ने नीदरलैंड की तरफ़ से हेड के द्वारा तीसरा गोल कर मैच में अपनी टीम की जीत निश्चित कर दी.

दो गोल से पिछड़ने के बाद उरुग्वे ने वापस आने की कोशिश तो की परन्तु उरुग्वे को सुरेज की कमी खली. ऐसा प्रतीत होता था कि दियगो फोर्लन अकेले पड़ गए हैं.

South Africa Soccer WCup Uruguay Netherlandsआखिरी क्षणों में मैच तब रोमांचक हो गया जब उरुग्वे की तरफ़ से मैक्सीहमिलानो परेरा ने अतिरिक्त समय में गोल कर अंतर कम कर दिया. इसके बाद मैच के आखिरी के दो मिनट नीदरलैंड के लिए बहुत तनाव में गुजरे परन्तु नीदरलैंड के खिलाड़ियों ने कोई चूक नहीं की और 3-2 मैच जीत 32 सालों बाद फाइनाल में कदम रखा. इस मैच में नीदरलैंड के खिलाड़ी वेस्ले स्नीजदर को अच्छे खेल के लिए मैन आफ दी मैच चुना गया.

क्या रोक पाएगा स्पेन जर्मेनी का तूफ़ान

फीफा विश्व कप में आज दूसरा सेमीफाइनल मैच तीन बार की फुटबॉल विश्व कप विजेता और इस विश्व कप की अब तक की सबसे अच्छी टीम जर्मनी का मुकाबला यूरो कप विजेता स्पेन से होगा. कागज में स्पेन की टीम ज़्यादा अनुभवी और मजबूत है. फीफा की विश्व टीम में उसके 6 खिलाड़ी हैं परन्तु युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों से भरी जर्मनी ने पहले इंग्लैंड फिर अर्जेंटीना को हरा यह साबित कर दिया है कि जर्मनी के तूफान के आगे कोई भी नहीं टिक सकता. परन्तु जर्मनी को अगर यह मैच जीतना है तो उसे डेविड विला नाम के स्पेनी ज़लज़ले को रोकना होगा जो इस समय नीदरलैंड के वेस्ले स्नीजदर के साथ संयुक्त रूप से सबसे ज़्यादा गोल मारने वाले खिलाड़ी हैं.
स्पेन के मिडफील्डर एंड्रेस इनिएस्तार का मानना है कि स्पेन के मिडफील्ड के खिलाड़ी जर्मनी के काउंटर अटैक को रोक सकते हैं. उनका यह भी मानना है कि इस बार स्पेन ही विश्व विजेता बनेगा.

This blog is about the first semifinal match played between Uruguay and Netherlands in the 2010 FIFA World Cup that is being hosted in South Africa. The match was played at Green Point Stadium Cape Town. Previously both the teams have played one match against each other and at that time Netherlands was the lucky team to win that match. Playing his last World Cup Finals Netherlands captain Giovanni VAN BRONCKHORST struck the goal of the tournament when his left footed from 35 meters out stunned Uruguayan goalkeeper Fernando Muslera. But in the 43rd minute Diego Forlan strike out from 32 meters canceled the Netherlands advantage. In the second half Wesley Sneijder brilliance once again comes to the Netherlands rescue when he stuck his fifth goal of the tournament. Soon after three minute later Arjen Robben added one another to make it 3-1. The end of the match becomes nervy when Maximiliano Pereira scored second goal for Uruguay. But ultimately it was Netherlands who won the match by 3-2. Today the second semifinal match will be played between three times world champions Germany and the 2008 Euro Cup winner Spain.

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