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क्या ‘नमो राग’ भविष्य में भाजपा और आरएसएस के लिए विनाशक है?

Posted On: 12 Mar, 2014 Others में

जागरण जंक्शन फोरमदेश-दुनियां को प्रभावित करने वाले ज्वलंत और समसामयिक मुद्दों पर जनता की राय को आवाज देता ब्लॉग

Jagran Junction Forum

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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारकों का काम नमो-नमोकरना नहीं है। उन्हें किसी व्यक्ति-केन्द्रित प्रचार अभियान का हिस्सा नहीं बनना चाहिए: मोहन भागवत


“पुण्य किया तो भारत में जन्म मिला वाराणसी में पला बढ़ा, लेकिन पाप किया था, जो संसद में बैठना पड़ा: मुरली मनोहर जोशी


वर्तमान राजनीति को अगर समझें तो इस समय पूरे देशभर में मोदी के नाम के जाप जपे जा रहे हैं। हर कोई भाजपा की तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को भावी प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहता है। भाजपा के सहयोगी पार्टियों की भी यही लालसा है। लेकिन क्या भाजपा और उसके जन्मदाता आरएसएस की भी यही लालसा है?


कई राजनैतिक समीक्षक कहते हैं कि कहीं ना कहीं भाजपा और आरएसएस में एक वर्ग ऐसा है जो यह मानने लगा है कि पार्टी और संघ पर किसी एक व्यक्ति की सोच हावी हो रही है। तभी मुरली मनोहर जोशी और संघ प्रमुख मोहन भागवत को इस तरह के बयान देने पर विवश होना पड़ रहा है। व्यक्तिवादी सोच की वजह से ही पार्टी के स्तंभ कहे जाने वाले लालकृष्ण आडवाणी को अपने कॅरियर में पहली बार अपमान झेलना पड़ा।


वहीं दूसरी तरफ मोदी के समर्थक और भाजपा के नेता हमेशा की तरह पार्टी में टकराव की बात से इंकार करते आए हैं। उनका मानना है कि पार्टी एकजुट होकर फिलहाल 2014 के चुनाव के लिए मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है।


उपरोक्त मुद्दे के दोनों पक्षों पर गौर करने के बाद निम्नलिखित प्रश्न हमारे सामने हैं जिनका जवाब ढूंढ़ना नितांत आवश्यक है, जैसे:


1. क्या भाजपा के वरिष्ठ नेता अभी भी पार्टी की कार्यप्रणाली से खुश नहीं हैं?

2. क्या भाजपा और आरएसएस पर नरेंद्र मोदी की सोच हावी हो रही है?

3. भविष्य में क्या भारतीय जनता पार्टी एक व्यक्ति की सोच पर आधारित पार्टी बनेगी?


जागरण जंक्शन इस बार के फोरम में अपने पाठकों से इस बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दे पर विचार रखे जाने की अपेक्षा करता है। इस बार का मुद्दा है:


क्या ‘नमो रागभविष्य में भाजपा और आरएसएस के लिए विनाशक है?


आप उपरोक्त मुद्दे पर अपने विचार स्वतंत्र ब्लॉग या टिप्पणी लिख कर जाहिर कर सकते हैं।


नोट: 1. यदि आप उपरोक्त मुद्दे पर अपना ब्लॉग लिख रहे हैं तो कृपया शीर्षक में अंग्रेजी में “Jagran Junction Forum” अवश्य लिखें। उदाहरण के तौर पर यदि आपका शीर्षक “नमो राग”  है तो इसे प्रकाशित करने के पूर्व “नमो राग” – Jagran Junction Forum लिख कर जारी कर सकते हैं।


2. पाठकों की सुविधा केलिए Junction Forum नामक कैटगरी भी सृजित की गई है। आप प्रकाशित करने के पूर्व इस कैटगरी का भी चयन कर सकते हैं.


3. अगर आपने संबंधित विषय पर अपना कोई आलेख मंच पर प्रकाशित किया है तो उसका लिंक कमेंट के जरिए यहां इसी ब्लॉग के नीचे अवश्य प्रकाशित करें, ताकि अन्य पाठक भी आपके विचारों से रूबरू हो सकें।


धन्यवाद

जागरण जंक्शन परिवार

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