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नरेंद्र मोदी – भाजपा के भावी उद्धारक या एक तानाशाह व्यक्तित्व ??

Posted On: 18 Jun, 2012 Others में

जागरण जंक्शन फोरमदेश-दुनियां को प्रभावित करने वाले ज्वलंत और समसामयिक मुद्दों पर जनता की राय को आवाज देता ब्लॉग

Jagran Junction Forum

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जैसे-जैसे वर्तमान प्रधानमंत्री का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है वैसे-वैसे यह बहस भी तेज होती जा रही है कि भारत के अगले प्रधानमंत्री पद का सबसे प्रमुख दावेदार कौन है. अंतर्विरोध के हालातों से जूझ रही देश की प्रमुख राजनीतिक पार्टी भाजपा की तरफ से नरेंद्र मोदी की दावेदारी को प्रमुख माना जा रहा है. इसमें कोई दो राय नहीं है कि गुजरात की तकदीर बदलने में नरेंद्र मोदी ने एक अहम भूमिका का निर्वाह किया है लेकिन इसके साथ ही उन पर तानाशाही करने जैसे कई बड़े आरोप भी लगते रहे हैं. हाल ही में संजय जोशी और नरेंद्र मोदी के विवाद में भी नरेंद्र मोदी ने उन्हें पार्टी से बेदखल करवाकर अपने तानशाह व्यवहार की पुष्टि कर दी. हम इस बात को नकार नहीं सकते कि योग्य होने के साथ-साथ भाजपा में भी नरेंद्र मोदी का प्रभाव बहुत अधिक है लेकिन क्या उनका प्रधानमंत्री बनना तानशाही को निमंत्रण देने जैसा है?


बहुत से लोगों का यह मानना है कि नरेंद्र मोदी के ही कारण गुजरात देश का एक प्रमुख राज्य बन पाया है. गुजरात का सबसे बड़ा और लोकप्रिय ब्रांड बनने के बाद नरेंद्र मोदी अब संपूर्ण भारत के विकास और प्रगति के लिए भी उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं. भले ही नरेंद्र मोदी गुजरात दंगों के आरोप झेल रहे हैं लेकिन इसके बाद उनका प्रदेश पूरी तरह शांत और सुरक्षित है. वह किसी भी भेदभाव को बढ़ावा ना देकर केवल विकास को महत्व देने वाले कद्दावर नेता हैं.


वहीं दूसरी ओर मोदी का विरोध करने वाले लोगों की भी कोई कमी नहीं है. इनका कहना है कि नरेंद्र मोदी एक अहंकारी और तानाशाह किस्म के व्यक्ति हैं. वह अपने अलावा किसी को कुछ नहीं समझते. हर हाल में अपनी जिद मनवाने वाले नरेंद्र मोदी खुद को भाजपा हाईकमान के रूप में प्रचारित करने लगे हैं, जबकि आज भी भाजपा में आडवाणी जैसे कई वरिष्ठ और अनुभवी नेता मौजूद और सक्रिय हैं. भाजपा के इतिहास में किसी ने पार्टी की नीतियों और आदर्शों का उल्लंघन नहीं किया लेकिन वह एक अपवाद के रूप में अपनी पहचान बनाने पर तुले हुए हैं. पार्टी में भले ही उनका रुतबा बढ़ गया हो लेकिन हमें ऐसा प्रधानमंत्री नहीं चाहिए जो पार्टी के साथ-साथ देश को भी अपने अनुसार ही चलाना चाहे.


नरेंद्र मोदी की प्रधानमंत्री पद के लिए दावेदारी के पक्ष और विपक्ष को समझने के बाद निम्नलिखित सवाल उठते हैं जिन पर चर्चा होनी चाहिए, जैसे:


1. मोदी का तानाशाह रवैया उन्हें किस सीमा तक समस्त भारत की जनता के लिए स्वीकार्य बना सकता है?

2. आज भी भाजपा में आडवाणी जैसे कई नेता मौजूद हैं तो ऐसे में नरेंद्र मोदी खुद को राष्ट्रीय पहचान दिलवा पाने में कितना सफल हो सकते हैं?

3. ब्रांड गुजरात के बाद क्या मोदी ब्रांड इंडिया श्रृंखला बना पाने में भी सफल हो पाएंगे?

4. सबसे अहम सवाल, क्या भाजपा में चल रहा अंतर्कलह उसको मुख्य विपक्षी दल से सत्ताधारी दल में रूपांतरित करने में एक बड़ी बाधा सिद्ध होगी?


जागरण जंक्शन इस बार के फोरम में अपने पाठकों से इस बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दे पर विचार रखे जाने की अपेक्षा करता है। इस बार का मुद्दा है:


नरेंद्र मोदी भाजपा के भावी उद्धारक या एक तानाशाह व्यक्तित्व ?


आप उपरोक्त मुद्दे पर अपने विचार स्वतंत्र ब्लॉग या टिप्पणी लिख कर जाहिर कर सकते हैं।


नोट: 1. यदि आप उपरोक्त मुद्दे पर अपना ब्लॉग लिख रहे हों तो कृपया शीर्षक में अंग्रेजी में “Jagran Junction Forum” अवश्य लिखें। उदाहरण के तौर पर यदि आपका शीर्षक भाजपा के भावी उद्धारक है तो इसे प्रकाशित करने के पूर्व भाजपा के भावी उद्धारक – Jagran Junction Forum लिख कर जारी करें।


2. पाठकों की सुविधा के लिए Junction Forum नामक कैटगरी भी सृजित की गई है। आप प्रकाशित करने के पूर्व इस कैटगरी का भी चयन कर सकते हैं।


धन्यवाद

जागरण जंक्शन परिवार


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