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बलात्कारी के लिए क्रूरतम दंड का विधान या मानवाधिकार का ध्यान !!

Posted On: 16 May, 2011 Others में

जागरण जंक्शन फोरमदेश-दुनियां को प्रभावित करने वाले ज्वलंत और समसामयिक मुद्दों पर जनता की राय को आवाज देता ब्लॉग

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बलात्कार एक ऐसा भयावह अपराध है जिसकी शिकार हुई पीड़िता ही उस दर्द को बेहतर जानती है. समाज के भेड़ियों की नजरें अपने उस शिकार पर इस तरह आ गड़ती हैं कि ताउम्र पीड़िता को वही चेहरा याद आता है और उसकी जिंदगी पल-पल मौत में तब्दील हो जाती है. लेकिन समाज की बेरुखी देखिए कि वह बलात्कारी के खिलाफ कठोर होने की बजाय शिकार हुई पीड़िता को ही दोषी ठहराने लगता है.


बहुत दुखदायी बना दी जाती है उस स्त्री की जिंदगी जो किसी की हवस का शिकार बनी हो. ना सिर्फ समाज बल्कि घर वाले भी उसकी ओर उदासीन रवैय्या अपना लेते हैं. छोटी-छोटी बच्चियां भी कुत्सित वृत्ति वाले दरिंदों की जब-तब शिकार बनती रहती हैं, यहॉ तक कि अकसर परिचित और रिश्तेदार भी नादान बच्चियों से अपनी वासना शांत करते हैं और लोकलाज के कारण ऐसे मामले घर में ही दबा दिए जाते हैं.


बलात्कारियों के खिलाफ कठोर सजा की पैरवी करते हुए दिल्ली की एक सत्र अदालत की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कामिनी लॉ ने बधियाकरण (नपुंसक बनाना) को समय की जरूरत बताते हुए बलात्कारियों के लिए शल्य चिकित्सा या रासायनिक प्रक्रिया से बधियाकरण यानि नपुंसक बनाने का प्रावधान जोड़ने की सिफारिश की है.


न्यायालय के अनुसार, देश के कानून बनाने वाले विद्वानों को अभी भी यह बात संज्ञान में लेना बाकी है कि बलात्कार की वैकल्पिक सजा के तौर पर सर्जिकल या रासायनिक बधियाकरण जैसी सजा दी जाए. विशेष रूप से मासूम बच्चियों, नाबालिग के दुष्कर्मियों को ऐसी सजा देने के बारे में गंभीरता से विचार होना चाहिए.


जागरण जंक्शन दुनियाभर के पाठकों से, बलात्कार जैसे जघन्यतम अपराध के मामलों में अपराधियों के लिए दंड का क्या प्रावधान होना चाहिए, जैसे मसले पर अपनी राय व्यक्त करने का अनुरोध करता है ताकि समाज के सर्वाधिक घृणित और जघन्यतम अपराध पर जन आवाज को मुखर रूप दिया जा सके. इस बार का मुद्दा है:


बलात्कारी के लिए क्रूरतम दंड का विधान या मानवाधिकार का ध्यान !!


आप उपरोक्त मुद्दे पर अपने विचार स्वतंत्र ब्लॉग या टिप्पणी लिख कर जारी कर सकते हैं.


नोट: 1. यदि आप उपरोक्त मुद्दे पर अपना ब्लॉग लिख रहे हों तो कृपया शीर्षक में अंग्रेजी में “Jagran Junction Forum” अवश्य लिखें. उदाहरण के तौर पर यदि आपका शीर्षक “बलात्कार और दंड का प्रावधान” है तो इसे प्रकाशित करने के पूर्व बलात्कार और दंड का प्रावधान – Jagran Junction Forum लिख कर जारी करें.

2. पाठकों की सुविधा के लिए Junction Forum नामक नयी कैटगरी भी सृजित की गयी है. आप प्रकाशित करने के पूर्व इस कैटगरी का भी चयन कर सकते हैं.


धन्यवाद

जागरण जंक्शन टीम


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