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खुला पत्र नरेन्द्र मोदीजी के नाम

Posted On: 8 Jan, 2016 Others में

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खुला पत्र नरेन्द्र मोदीजी के नाम
नरेन्द्र मोदीजी मै आपका प्रशंसक था आप प्रधानमंत्री बने यह दिल से चाहता था आपको प्रधानमंत्री बनाने के संघर्ष मे मेरा भी छोटा मोटा योगदान है http://girishnagda.blogspot.in/2013/04/blog-post_11.html और वह इस उम्मीद मे था कि आपके प्रधानमंत्री बनते ही पहले सप्ताह से ही देशहित मे क्रांतिकारी परिवर्तन के प्रयास आपके द्वारा शुरु हो जाएगे मुझे पूर्ण विश्वास था प्रधानमंत्री के रूप मे आपका आगमन भी इसी अंदाज मे हुआ था कि सपने सच होते लगने लगे थे लेकिन उसके कुछ समय बाद फ़िर ऐसा लगने लगा कि ट्रेन तो वही की वही खड़ी है बस स्टेशन ही तेजी से पीछे छूट रहे है फ़िर एक बयान आया कि कांग्रेस को देश ने इतने साल दिए मुझे इतने महीने तो दो यह कोई स्वस्थ तर्क नही था फ़िर भी आपके प्रति अगाध भरोसे से एक अन्धविश्वास पैदा हो गया था आपने समय मांगा आपको समय मिला हुआ ही था परन्तु आपने उस समय का स्मार्ट सदुपयोग करने के स्थान पर कोई उपयोग ही नही किया जिसे दुरूपयोग करना भी कहा जाएगा गलत के खिलाफ़ आप खामोश बने रहे हिन्दी फ़िल्म के उस सीन की तरह जिसमे नायक सक्षम है और कुछ करने के लिए कमर भी कस चुका है कि अचानक उसे खबर मिलती है कि उसकी प्रेमिका या भाई बहन गुन्ड़ो के कब्जे मे है अगर उसने जरा सी भी होशियारी की या गुन्ड़ो की सलाह पर कार्य नही किया तो वह उन्हे जान से मार देगे या ऐसी ही कुछ विवशता की फ़िलीग देने लगे आप क्योकि प्रधानमंत्रीजी देशहित मे जो करना चाहिए था वह तो आपने नही किया और न ही आज कर रहे है यह समझ नही आ रहा है कि क्यो नही कर रहे है या वह काम आपकी प्राथमिकता मे नही है आप किसी की बात सुनने और समझने को भी तैयार नही है और उपर से बयानबाजी भी कर अपने आपको सही भी ठहरा रहे है और आप यह कहने से भी बाज नही आते कि कोई मुझे यह नही बता सकता कि मुझे क्या करना है जबकि जो काम आपको बिल्कुल नही करना चाहिए उसमे आप खूब जोर लगा रहे है , अंधाधुन्ध गैर जरूरी भारी भरकम विदेशी निवेश ,उसका खर्च गैर अनुपयोगी अनुत्पादक मदो मे जैसे स्मार्ट सिटी,बुलट ट्रेन http://girishnagda.blogspot.in/2014/07/blog-post_9.html अर्थात चमचम या टमटम मे | इस सबका देश की किसी भी बुनियादी जरूरतो आवश्यकताओ से कोई लेना देना नही है देश मे महंगी कारो को बनाने वाले कारखानो की कारो के और इस तरह के अन्य उत्पादन की संख्या की प्रशंसा की जा रही है उसे विकास का परिणाम बताया जा रहा है परन्तु देश मे मंहगाई बेहताशा बढ़ी है , गरीबो की संख्या ,किसानो ,मधयम वर्ग की दुर्दशा , आत्मह्त्याओ मे भी भारी वृद्धि हुई है देश मे न तो गुन्ड़ागर्दी कम हुई न ही भ्रष्टाचार कम हुआ है जनता का जीवन प्रतिदिन और अधिक कठिन हुआ है होता ही जा रहा है और आप सदन मे कह रहे है मैने कांग्रेस की तुलना मे यह किया वह किया इतना किया लेकिन आप यह नही बता रहे है प्राथमिकता के क्रम को शायद पूरा उल्ट ही दिया और जो सबसे पहले जरूरी था वो सब भूला ही दिया क्यो ?
हो सकता है कि गुपचुप राकेट साइंस मे या कूटनीति के क्षेत्र मे आप कुछ ऐसा क्रांतिकारी कार्य कर रहे हो और उसके परिणाम देश को लम्बे समय के बाद महसूस होगे लेकिन जनाब अगर ऐसा सच भी है तो क्या इतना धैर्य, इत्मिनान, और समय देश के पास आज है ऐसा लगता है कि “खाक हो जांएगे तुझ को खबर होते होते ”
आज देश और दुनिया के सामने मुस्लिम आतंकवाद का इतना कूर चेहरा आकर खड़ा हो गया है दुनिया तो अपना देख लेगी लेकिन हम इसका सामना कैसे कर पांएगे हमारे देश के मुस्लिम नवजवान आई एस आई मे जाते हुए लगातार पकड़े जा रहे है कई चले भी गये है और लगभग हर दुसरे दिन देश मे कोई न कोई छोटी बढ़ी घटना घट रही जिनमे से कई की रिपोर्टिंग भी कही नही होती पश्चिमी बंगाल के मालदा की घटना इतनी चिन्ताजनक है कि हर स्तर पर इसके बारे मे हर कोण से विचार विमर्श करना बेहद जरूरी है न तो आप, न ही सरकार, न ही देश का मीड़िया इस पर कोई बात करना चाहता है बल्कि लगता है कि हर स्तर इसे दबाया जा रहा है यह बेहद खतरनाक संकेत है, और खतरनाक आपकी चुप्पी भी है आप भी मुस्लिम आतंकवाद पर किसी से कोई बात ही नही करना चाहते है बल्कि आपके शब्द आए है कि ” कोई मुझे रस्सी से बांधकर भी इस और नही खींच सकता “आपकी सरकार ने इस मुद्दे पर कुछ भी कहने को भी अपराध की श्रेणी मे रखवा दिया है परन्तु इससे मुंह चुराने या इसे ना देख्नने न बोलने से यह खतरा कम होने वाला नही बल्कि वह तो अपनी घोषित गति से आगे बढ़ रहा है | माल्दा के कालियाचक थाना क्षेत्र में ढाई लाख मुस्लिम दंगाईयो ने थाने पर हमला बोल आगजनी लूटपाट, मारपीट कर भारी दहशत पैदा कर दी थी। यह कोई साधारण बात नही है बेहद ही खतरनाक संकेत है ऐसे संकेत देश भर मे जगह जगह से मिल रहे है आप इस और देखने के लिए भी तैयार नही है यह उदासीनता यह मौन क्यो ? आपके द्वारा तुष्टिकरण की राह पकड़ने से आपको किसी भी क्षेत्र मे लेशमात्र भी लाभ मिलने वाला नही है यह आप जितनी जल्दी जितने अच्छे से समझ ले वह उतना ही देश के हित मे होगा |
मै यह मानता हूं कि प्रधानमंत्रीजी आपका तिलस्म अभी भी लोगो पर चढ़ा हुआ है इसलिए जनता इस उदासीनता के अंदाज को नजरदांज कर रही है इसलिए हो सकता है कि मेरा यह स्वर जो अपेक्षाकृत कुछ जल्दी है आपको बेसुरा भी लगेगा कल यह बात सभी कहेगे परन्तु एक बात आप जान लीजिए कि देश ने बहुत मुश्किल से, मुश्किल हालातो मे, आप पर भरोसा कर आपको यह भारी बहुमत दिया है अब देश के पास इतना समय, साहस ,धैर्य , मोहलत नही है कि आगे किसी दूसरे पर इतना बढ़ा भारी भरोसा कर सके अतः देश के भरोसे की कृपया लाज रखिए और जिद छोड़कर देशहित का सही ट्रेक पकड़िए |
नरेन्द्र मोदी पर भाजपा संघ पहले करे विचार विमर्श – गिरीश नागडा | girishnagda.blogspot.com
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