blogid : 2204 postid : 1379641

सुख की चादर छोटी क्यों हैं

Posted On: 12 Jan, 2018 Others में

गोपाल रामचंद्र व्यासPoetry and Writing whatever comes in mind ..

गोपाल रामचन्द्र व्यास

19 Posts

3 Comments

सुख की चादर छोटी क्यों हैं
तन दुखो का बड़ा क्यों हैं
पैर जो भीतर समेट लू तो
हाथ बाहर निकल जाते है
जो हाथ अन्दर खीच लू तो पैर बाहर को जाते हैं
बस जी रहा हूँ कूबड़ कर, सिमट कर
बरसों से एक ही सवाल लेकर
रात परेशानियों की लम्बी क्यों हैं
सुख की चादर छोटी क्यों हैं
तन दुखो का बड़ा क्यों हैं
हाथो पैरो की खीचा तानी में
उम्र से पहले ढ़लती जवानी में
दफ़न ख्वाहिशों की यादो में रवानी पर
अपनो की आँखों में, छुपे सवालों पर
दिल बस यहीं गवाही को मजबूर हैं
नहीं अंधेर तो घर भगवन के देर क्यों हैं
सुख की चादर छोटी क्यों हैं
तन दुखो का बड़ा क्यों हैं

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग