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पराक्रम से पीड़ित !

Posted On: 16 Oct, 2016 Others में

युवामंचसत्यमेव जयते

Govind Bharatvanshi

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आदरणीय मित्रों ,…..सादर प्रणाम !

भारतीय सेना ने पापी पाकिस्तान के पालतू आतंकियों को पहली बार उनके घर में घुसकर तबाह किया !……….अपने महावीर जवानों के पराक्रम से पूरा भारत पुलकित हो गया ……. पीड़ित जनगणमन झूमने लगा !….सक्षम नेतृत्व में भारतीय सेना की सक्षमता को दुनिया ने सलाम किया !……मोदी सरकार की अथक कर्तव्यनिष्ठा का एक और परिणाम दिखा !……दुनिया भारतीय पराक्रम के समर्थन में खड़ी हो गयी !……भारत दुनिया का आभारी है ,….दुनिया को मिलकर आतंकवाद से बड़ी लड़ाई जीतनी ही होगी !

उधर पाकिस्तान चारों खाने चित हो गया ,…..किसी से कुछ बोलते ही नहीं बना ….  सर्जिकल स्ट्राइक से इन्कार करते हुए बदला लेने की बात कहना हास्यकला को बढ़ावा देने जैसा है !…….पाकिस्तानी हुक्मरान फ़ौज, आइएसआई,आतंकी सरगना ,सरपरस्त, कुकर्मी कठमुल्ले सब घोर पीड़ा में डूब गए !….बेहोश ही हो गए ,…होश में आने पर उनको याद रखना होगा ,…अपने को सुधारों..हम तुम्हारे साथ होंगे ,….कुछ भी गलत करोगे तो ज्यादा गलत फल मिलेगा !…..राष्ट्रीय पराक्रम पर पीड़ित पाकिस्तानी जनता कुछ जागी जरूर लगती  है …वैसे ……पाकिस्तान बर्बादी की कगार पर दिखने लगा है ,……… पाकिस्तान को अब ठीक से समझ लेना चाहिए ,…अब भारत अपने जवानों नागरिकों की हानि हरगिज नहीं सहेगा !……हर क्रिया का उत्तर उससे कठोर भाषा में दिया जाएगा ,……..अब भारत में वास्तविक भारतभक्त सरकार है !……मोदीजी का वादा था कि हम न किसी से डरेंगे न किसी को डरायेंगे …..ये वादा पूरी तरह से पूरा होता दिखता है ,…..मोदीजी की मानवतापूर्ण कूटनीति और सनातन भारतीय सत्यनिष्ठा के प्रभाव से पूरा विश्व भारत के साथ है !………लेकिन .. आतंकी आका जल्दी सुधरने वाले नहीं लगते हैं ,…….हम भी असुरता से पूरी लड़ाई के लिए तैयार हैं ,….मानव इतिहास से अनेकों अनेकों राक्षस हुए हैं ,…अंततः सब शर्मनाक पराजय पाकर मुक्त हुए !……….इस लड़ाई के अंत में नापाकिस्तान का सर्वनाश निश्चित है !…..उन शक्तियों की महती हानि भी निश्चित है जो खुले या गुप्त रूप से आतंकी सरपरस्तों की ताकत बने हैं !….बचने का एकमात्र रास्ता है ,…आतंकवाद का पूर्ण त्याग !……….पाकिस्तानी सत्ता को सच्चाई से हमारे प्रधानमंत्री जी की चुनौती स्वीकार करनी चाहिए ,…..भूख कुपोषण अशिक्षा गरीबी मिटाने में मुकाबला हो तो कोई बात बने ,…मानवता की प्रगति हो !…..लेकिन इंसान रूप में जड़ जिन्नावादी जहरीले कीड़े सच को कैसे समझेंगे !….उसके लिए साफ़ दिमाग फौलादी सीना और मजबूत रीढ़ की हड्डी होनी ही चाहिए !…..

एक तरफ भारत अपने जवानों और नेतृत्व को दिलोजान से सलामी दे रहा है तभी कुछ देशी पीड़ाएं भी उभर आई !……खाऊ कांग्रेस को अपना वजूद मिटता दिखा तो दिखावटी देशहित शौचालय की खूँटी पर टंग गया ,…. कुटिल और झूठी कांग्रेसी जबान अपनी गन्दगी उगलने लगी …..कांग्रेसी युवराज और कांग्रेसी छात्र संगठन की करतूत कुत्सित हैं ,…. भारतवासी तब तक याद रखेंगे जबतक कांग्रेस का अंतिम संस्कार पूरा नहीं होगा !…..कांग्रेसी सुर में बोलने वाले सभी दल अपना हिसाब खुद लगा लें !…….केजरीवाल की मासूम सलामी दोगलेपन से भरपूर रही !………सपा बसपा आदि तमाम दलों की पीड़ाएं बहने लगी ,..खैर …..इनकी पीडाओं का यथायोग्य इलाज भारतीय जनता कर देगी ,…..लेकिन ..कुछ पीड़ाओं का इलाज जल्द करना चाहिए ,……जे एन यू की घटना मात्र निंदनीय नहीं है ,….यह मानवीय अहंकार का नासूर है !..जिसकी सर्जरी भी आवश्यक लगती है ,……चंद बिके चरित्रहीनों ने पूरी संस्था पर सवाल लगा दिया है ,…. नेहरुजी खुद भयंकर चरित्रहीन थे तो उनके नाम का प्रभाव होना भी स्वाभाविक लगता है ,…..आज जे एन यू का चित्र नक्सली आतंकी समर्थक संस्था के रूप में साफ़ दिख रहा है ,….संस्थाओं में छुपे गद्दार बाहर होने चाहिए ,……सक्षम मोदीराज में भारत पुनः विश्वप्रतिष्ठित हुआ है ,….लेकिन हमारी उज्जवलता मंद करने का भरपूर कुप्रयास भी जारी हैं ,…नियति उनको कुफल अवश्य ही देगी !…..काश !…….ये भटके युवा अपनी ऊर्जा का प्रयोग राष्ट्रीय स्वच्छता उत्थान के लिए करते !……योग से इनका उद्धार हो सकता है ,.किन्तु आकंठ वासना में डूबे अहंकारियों को स्वामी रामदेव भी रावण सरीखे लगते हैं !………पालतू कुबुद्धिजीवियों को कब समझ आएगा कि धीरे से ही सही हम सब जाग रहे हैं !………….कमियां गलतफहमी आसक्ति विकार किसी भी इंसान समूह संस्था दल मत पंथ देश सम्प्रदाय में हो सकती हैं, लेकिन क्या हरामीपने की कोई हद होती है ?……शायद हरामीपने की हद से ही विनाश प्रारम्भ होता होगा !……वैसे हमसब अधिकांशतः हरामी हैं ,……इस्लाम की कट्टर विचारधारा की कुटिल अमानवीय भोगलिप्सा समूची दुनिया को लीलने पर आमादा लगती है !….तमाम इस्लाम खुद उनसे पीड़ित है लेकिन समझता कम है ,……दुर्भाग्य से अधिकाँश पढ़े लिखे मौलाना भी उसके ही पैरोकार लगते हैं !…एक सच यह भी लगता है कि बहुपंथों से मानव समाज का अहित ज्यादा होता है !……. हम विकारग्रस्त इंसान हैं, निर्विकार फूल नहीं जो चुपचाप गुलदस्तों में सजे रहें !……..ॐ शान्ति ………..भारत माता की जय !……वन्देमातरम !

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