Menu
blogid : 2899 postid : 944899

आखिर क्यों बात की जाए

Harish Bhatt
Harish Bhatt
  • 329 Posts
  • 1555 Comments

आखिर क्यों बात की जाए. वह भी उससे जिसने आज तक दुःख और तबाही के सिवा कुछ न दिया हो. वह लम्हें इतिहास बन चुके है, जब उसने कंधे से कंधा मिलाकर आजादी की लड़ाई लड़ी थी. अब वक्त बदल चुका है. आज हम आजाद है और वह भी स्वतंत्र. क्यों भूल जाते है कि आज हमारा देश दुश्मन को जवाब देने में सक्षम है. जरूरत है तो बस दृढ़ इच्छा शक्ति. उसकी धोखेबाजी के सैकड़ों किस्से है और हम भरोसे पर भरोसा करते जा रहे है. आखिर क्यों? लाख टके का सवाल दिमाग में घूमता रहता है, कब तक हम पाक से बातचीत करने का ढकोसला करते रहेंगे. नेताओं को पाक से इतना प्यार है कि वह उसके खिलाफ कोई कठोर कदम उठाने से कतरा रहे है तो क्यों नहीं, उसकी बात मानकर कश्मीर उसके हवाले कर देते. रही बात भारतीयों की तो वह कुछ दिन होहल्ला मचाएगे और भूल जाएंगे, ठीक उसी तरह जैसे आजादी के दीवानों को भुला दिया गया है. न जाने क्याक्या भुला दिया है. पाक को कश्मीर सौंपने की घटना को भुला दिया जाएगा. इससे एक फायदा होगा, आने वाली पीढ़ी को इस ओर तो ध्यान नहीं देना पड़ेगा और अपना वक्त बर्बाद नहीं करेगी. क्योंकि यह एक ऐसा सवाल है, जिससे हर भारतीय परोक्ष या अपरोक्ष रूप से जुड़ा हुआ है, और जब तक इसका हल नहीं निकलेगा तब तक वह भी परेशान होता रहेगा. और अच्छी सोच विकसित करने के लिए पाक से संबंधित हर सोच, हर बात को भुलाना होगा. तभी हम आगे के लिए कुछ सोच पाएगे.आजादी से लेकर अब तक पाक से बातचीत के नाम करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा दिए गए है. और उससे लड़ाई और सुरक्षा के नाम पर खरबों रुपया बर्बाद हो चुका है, अनगिनत जानों का तो कोई मोल ही नहीं है. कन्याकुमारी से कश्मीर और राजस्थान से लेकर अरूणाचल प्रदेश तक के आम भारतीय को एक ही चिंता जताती रहती है कब मौत उसके सामने आकर खड़ी हो जाए. इतनी दहशत फैलाने वाले पाक से आखिर हमारे नेता दहशत में ही तो बात नहीं करते. पाक भारतीयों के गले की ऐसी फांस बन चुका है जो न बाहर निकलती और न ही गले से नीचे उतरती. फिर हमारे नेताओं की दरियादिली कहो, या पाक का डर की वह उससे बात करके खुश है. और हम यह सोच कर खुश है चलो आज का दिन अच्छा गुजर गया,

Read Comments

    Post a comment

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    CAPTCHA
    Refresh