blogid : 4683 postid : 510

काका हाथरसी की हसीन हास्य कविता: हूर के बगल में लंगूर

Posted On: 5 Nov, 2012 Others में

Hasya KavitaHasya Kavita in Hindi, Hasyakavita, Funny Shayari, Funny Hindi Poems, हिन्दी हास्य कविता, हास्य कविता

Hasya Kavita

272 Posts

172 Comments

यह कविता उन सभी आशिकों और पतियों के लिए एक बेहतरीन सीख है जो अपने लिए एक खूबसूरत पत्नी की चाह रखते हैं. कविता शायद काका हाथरसी की है. काका हाथरसी हास्य की दुनिया के महाकवि माने जाते हैं. आइएं इस प्यारी सी हास्यकविता पर एक नजर डालें


Hasyakavita: हास्य कविता


हुस्न के दीवानों से

कोई ये भी तो पूछ ले

दुनिया की नज़रों से

घूरती निगाहों से

हुस्न को संभाल कर

कैसे रखेंगे?

कैसे उनके नाज़ नखरे

उठाएंगे?

नाज़ुक हाथों से

रोटियाँ कैसे बनवायेंगे?

कैसे घर का झाडू पौंचा

लगवाएंगे?

कपडे क्या खुद धोयेंगे?

बर्तन

क्या किसी और से

मंजवायेंगे

उनके हाथ पैर दुखेंगे

तो क्या खुद दबायेंगे?

मेकअप का खर्चा

क्या पिताजी उठाएंगे?

सवेरे उठेंगे तो

चाय क्या खुद बनायेंगे?

हुस्न के दीवानों से

ये भी कोई पूछ ले

चाह तो रखते हैं मन में

पर ये भी तो जान लें

हूर के बगल में वो

लंगूर कहलायेंगे



HASYA KAVITA, hindi hasyakavita, HINDI POEM, husband life, men and women, men sadness, wife and husband jokes, मनोरंजन, मनोरंजन हास्य कविता के साथ, मस्ती, हास्य कविता

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (6 votes, average: 3.67 out of 5)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग