blogid : 4683 postid : 660

जवानी के वो दिन - हिन्दी हास्यकविता

Posted On: 16 May, 2013 Others में

Hasya KavitaHasya Kavita in Hindi, Hasyakavita, Funny Shayari, Funny Hindi Poems, हिन्दी हास्य कविता, हास्य कविता

Hasya Kavita

272 Posts

172 Comments

जवानी में,
हसीनो को,
कमसिनो को
पड़ोसिनो को,
ताकते, झांकते,
मेरी दूर की नज़र कमजोर हो गयी,
और मेरी आँखों पर,
दूर की नज़र का चश्मा चढ़ गया
बुढ़ापे तक,
अपनी बीबी को,
रंगीन टी वी को
कुछ करीबी को
पास से देखते देखते ,
मेरी पास की नज़र कमजोर हो गयी,
और मेरी आँखों पर,
पास की नज़र का चश्मा चढ़ गया
जवानी के शौक,
और बुढ़ापे की आदतें,
ये उम्र का करिश्मा है
आजकल  मेरी आँखों पर ,
बाईफोकल  चश्मा है

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (32 votes, average: 4.00 out of 5)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग