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तीन साल ,हिंदुस्तान मैं केवल एक धर्म "शूद्रत्व प्रधान हिन्दू"

Posted On: 9 Jun, 2017 Others में

PAPI HARISHCHANDRASACH JO PAP HO JAYEY

PAPI HARISHCHANDRA

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मात्र व्यंग्य ..अथ तृतीयोद्धयायः ….कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी ने कहा कि वे गीता और उपनिषदों का अध्ययन कर रहे हैं | भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस ..को हराने के लिए यह ज्ञान जरुरी है | ……………………………………………………………………………………………..पूर्वकाल मैं राहुल गाँधी जी के पूर्वज जवाहर लाल नेहरू जी ने भी गीता और उपनिषदों का ज्ञान पाया था | इंडिया के दो टुकड़े हिंदुस्तान और पाकिस्तान हो जाने पर पर उस ज्ञान से हिंदुस्तान मैं “ब्राह्मणत्व प्रधान हिन्दू” की स्थापना की | समझा जाता है ,कि इस “ब्राह्मणत्व प्रधान हिन्दू” की परिकल्पना से ही हिंदुस्तान और पाकिस्तान की नीव रखी गयी थी और मुस्लमान हिन्दुओं से विपरीत माने गए | तब हिन्दू धर्म मैं ब्राह्मणत्व की प्रधानता थी | ब्राह्मणत्व प्राप्त व्यक्ति का सम्मान होता था | ब्राह्मण ही प्रधानमंत्री ,मुख्यमंत्री ,राज्यपाल से सम्मानित होते थे | अन्य सभी वर्ण क्षत्री ,वैश्य ,शूद्र भी ब्राह्मणत्व पाने के लिए अपने आचार विचार ब्राह्मण सा ही करते थे | ………………………………………………………………………….राज पाठ मैं प्रयुक्त उर्दू को हटाकर सर्वत्र ब्राह्मणत्व की लिपि और भाषा हिंदी को देवनागिरी से सजाया | ब्राह्मणों की वेद पाठी लिपि संस्कृत को पुनर्जागृत कर सम्मानित किया | ब्राह्मण और उसका ब्राह्मणत्व पूज्य बना दिया था नेहरू जी ने | यहाँ तक की महान संविधान कर्ता अम्बेडकर जी ने भी एक ब्राह्मणी से विवाह कर ब्राह्मणत्व पाया | .सर्वत्र ब्राह्मण पूज्य कर दिए थे ,सर्वत्र उनके ब्राह्मणत्व की पूजा होती थी | हिन्दू धर्म ही ब्राह्मणत्व का पर्याय माना जाने लगा था | गीता ,उपनिषदों के अध्ययन से ब्राह्मणत्व पा चुके जवाहर लाल जी भी महान सिद्ध बन गए थे | सम्पूर्ण विश्व मैं उनकी ख्याति मैं कोई खोट नहीं आई ,और वे वर्षों सिंघासन पर सम्मानित बने रहे | यहाँ तक की उनके वंसज भी अब तक स्थापित ही हैं | आज का राम देव का योग उस युग मैं वास्तविक योग था , जिसका विकास जवाहर युग मैं हुआ था | अतः वह जवाहर काल से जाना जाता है | …………………………………………………………………………………………..किन्तु समय गुजरता गया ,वोटों के लिए ब्राह्मणों ने भी शूद्रता ग्रहण कर ली , चाणक्य नीति को अपनाकर वे शूद्रों मैं मिलते चले गए | शूद्रता के बाहुल्य से हिन्दू धर्म “शूद्रता प्रधान हिन्दू धर्म” बनता चला गया | आचरण और आचार विचार शूद्रता लिए होते गए | हिन्दू धर्म के चारों वर्णों मैं शूद्रता घर कर चुकी है | विकास के लिए ,सत्ता पाने के लिए बहुशंख्यक शूद्रता चरम पर पहुँच गयी है | स्वयं मांस भक्षी होते भी मांसाहारियों पर प्रहार करते हैं | पहिले “ब्राह्मणत्व प्रधान हिन्दू” गायत्री मन्त्रों के जप तप और ध्यान से शांत वातावरण मैं योग करके मोक्ष मार्ग पाते थे , किन्तु अब गायत्री मन्त्रों को जोर शोर से बजाकर डी जे ,लाऊड स्पीकरों से गुंजायमान कर शांति भांग कर मोक्ष मार्ग की तलाश करते हैं | | जहाँ जवाहर लाल नेहरू ने ब्राह्मणत्व स्थापित करने के लिए प्रयास किये तो अब ब्राह्मणत्व के नाश से शूद्रता द्वारा सत्ता हथियाई जा रही है | ……………………………………………………………………..क्योंकि चाणक्य ने यही कहा था कि सत्ता के लिए अपने ब्राह्मणत्व को भी मार दो | नाम एक ब्राह्मण चाणक्य और कर्म कुटिल ,धूर्त ,शातिर ,और कहलाये कोटिल्य………. सर पर मोटी सी खुली चोटी, माथे पर बड़ा सा त्रिपुण्ड …| अब ब्राह्मणत्व सिर्फ दिखावा ….| ब्राह्मणों से अधिक शूद्रों का महत्त्व अधिक हो चूका है | शूद्रता विहीन ब्राह्मण अपना महत्त्व खो चुके हैं | ……………………………………………………………………………………………हिंदुस्तान मैं अब सभी “शूद्रता प्रधान हिन्दू” हो चुके हैं | जितना “ब्राह्मणत्व प्रधान हिन्दुओं “का शूद्रत्व प्रधान हिन्दुओं मैं कन्वर्जन हुआ है उतना ही मुस्लिम व अन्य का भी “शूद्रत्व प्रधान हिन्दू” मैं …| अब अन्य धर्म भी “शूद्रत्व प्रधान हिन्दू” होते जा रहे हैं | ……………………………………………………………………………………….अगले आने वाले वर्षों मैं मोदी सरकार एक समान संहिता से सभी बचे खुचे मुसलमानो आदि को भी “शूद्रत्व प्रधान हिन्दुओं” मैं कन्वर्ट कर देगी , ऐसी सम्भावना की जा रही है | अब हिंदुस्तान मैं केवल एक धर्म होगा जिसको “शूद्रत्व प्रधान हिन्दू” के नाम से जाना जायेगा | हिन्दुओं की तरह मुस्लमान भी तीन तलाक से मुक्ति पा लेंगे | हलाला पाप समझा जायेगा | बहु विवाह भी हिन्दुओं की तरह समाप्त हो जायेगा | मांस भक्षण भी हिन्दुओं की तरह पाप माना जाते किया जायेगा | मुस्लमान भी बन्दे मातरम ,भारत माता की जय कहेंगे | योग उनकी दिनचर्या मैं शामिल हो जायेगा | कुछ ब्राह्मणत्व शूद्रता मैं बदलेगा तो कुछ मुस्लमान ब्राह्मणत्व पायेगा | सभी शूद्रत्व युक्त हो “शूद्रत्व प्रधान हिन्दू” कहलायेंगे | …………………………………………………………………………………………गीता और उपनिषद के ब्राह्मणत्व को अब ब्राह्मण भी त्याग चुके हैं | तो जो ब्राह्मण रहे ही नहीं हैं वे कैसे उसको समझ सकेंगे | पाहिले राहुल गाँधी ने तो ब्राह्मण बनना पड़ेगा जिसके लिए यज्ञोपवीत करना होगा | गायत्री मंत्र से अपने मन को शांत शुद्ध करना होगा | फिर गीता उपनिषद का ज्ञान कुछ समझ मैं आएगा | ………………………………………………………………………………………किन्तु अजीब हैं चाणक्य महापंडित जिनका अनुसरण गीता और उपनिषदों को समझा देता है | इसलिए राहुल गाँधी जी को भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस को परास्त करने के लिए गीता और उपनिषदों को पड़ने से पाहिले महापंडित चाणक्य से दीक्षा लेनी होगी | चाणक्य तो अब दीक्षा के लिए नहीं रहे ,अब केवल उनकी नीतियों साहित्य का अध्धयन कर ही अनुशरण किया जा सकता है | ………………………………………………………………………………………..एक “शूद्रत्व प्रधान हिन्दू पार्टी” को परास्त करने के लिए दूसरी “शूद्रत्व प्रधान हिन्दू पार्टी” ही परास्त कर सकेगी …| यही चाणक्य नीति है | ………………………………………………………………………………………….गीता और उपनिषदों को पढ़कर ही शूद्रों ने “ब्राह्मणत्व प्रधान हिन्दू” को “शूद्रत्व प्रधान हिन्दू” बना दिया | .अब “ब्राह्मणत्व प्रधान हिन्दू” तो पुनः बन नहीं सकते हैं अतः “शूद्रत्व प्रधान हिन्दुओं” का ही बोल बाला होगा | “शूद्रत्व प्रधान हिन्दू” और “मुस्लमान” दोनों मैं एक समानता स्थापित होती जाएगी और सबका साथ सबका विकास हो जायेगा | जवाहर लाल नेहरू ने इंडिया को हिंदुस्तान पाकिस्तान मैं बाँटा तो मोदी जी हिंदुस्तान और पाकिस्तान मिलाकर इंडिया पुनः बनाएंगे | …………………………………………………………………………………………..चाणक्य नहीं हैं किन्तु उनकी नीतियां सबके लिए शुलभ हैं | ………….चाणक्य ब्राह्मणत्व का प्रतीक किन्तु उसका काला रंग उसकी कुटिलता का प्रतीक दोनों का मेल ही “शूद्रत्व प्रधान हिन्दू” सा लगेगा | और कहलायेगा कौटिल्य ….| “शूद्रत्व प्रधान हिन्दू” और कौटिल्य एक दूसरे के पर्याय हो जायेंगे | ……………………………………………………………………..ॐ शांति शांति शांति…………………………..इति तृतीयोद्धयायः ………………………………………………. हिंदुस्तान मैं केवल एक धर्म “शूद्रत्व प्रधान हिन्दू”

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