blogid : 15051 postid : 1193823

योगासन सम्राट"शीर्षासन" कांग्रेस ही करती

Posted On: 22 Jun, 2016 Others में

PAPI HARISHCHANDRASACH JO PAP HO JAYEY

PAPI HARISHCHANDRA

232 Posts

935 Comments

व्यंगासन ..योगासनों का सम्राट आसन शीर्षासन माना जाता है | एक अकेले शीर्षासन मैं वे सभी गुण होते हैं जो सभी आसनों के करने से भी नहीं मिल पाते हैं | शीर्षासन करने वाला अन्य कठिनतम आसान भी सुगमता से सिद्ध करता जाता है | शीर्षासन करने वाले के सभी अंग सुचारु रूप से काम करते हैं और लचीले हो जाते हैं | मांसपेसियों मैं कड़ापन नहीं रहता | एक बलिष्ट व्यक्ति से भी अधिक सहनशीलता आ जाती है | थकान तो होती ही नहीं है | इसलिए योगासन को आरम्भ करने वाले को शीर्षासन से ही आरम्भ करना चाहिए ताकि अन्य आसान सुगम हो जाएँ | शीर्षासन सिद्ध की बॉडी देखने मैं साधारण लगती है किन्तु शक्ति मैं वे किसी बलिष्ट को मात दे देते हैं | ……………………….यदि टीनेजर हैं और साधारणतयः स्वस्थ हैं तो शीर्षासन सुगमता से कर सकते हैं किन्तु यदि उम्र ज्यादा हो गयी हो तो योग गुरु के सलाह से करना चाहिए | ……………………………………………………….कांग्रेस भी जब टीनेजर थी तभी से शीर्षासन से अपने को लचीला बना चुकी थी | नेहरू परिवार मैं तो मोतीलाल नेहरू जी शीर्षासन सिद्ध कर चुके थे | जिसके बाद जवाहर लाल जी ने सिद्ध कर लिया था | योगासन उनके लिए सुगम हो चुके थे | उसके बाद इंदिरा गांधी जी ने शीर्षासन की सिद्धी पाते कांग्रेस को पुनः सिद्ध कर लिया था | इंदिरा गांधी जी की इतनी सिद्धी थी की उस युग की अन्य राजनीतिक पार्टियां लाख कोशिशों के बाद भी कोई आसन नहीं कर सकीं | जनसंघ रूप मैं अटल विहारी बाजपेयी जी और आडवाणी जी भी लाख कोशिशों के बाद भी शीर्षासन सिद्ध नहीं कर पाए | ……फिर संजय गांधी ने और राजीव गांधी ने भी शीर्षासन की सिद्धि पाते कांग्रेस को नयी उंचाईयां प्रदान कर दीं | ……….. किन्तु कांग्रेस का दुर्भाग्य सोनिया गांधी जी विदेशी होने के कारन इस सिद्ध शीर्षासन विद्या को नहीं सिद्ध कर पाई | किन्तु भाग्यवश इस सिद्धी को अर्जुन सिंह जानते थे जिसका ज्ञान कालांतर मैं सोनिया गांधी जी को दिया और पुनः कांग्रेस दस वर्षों तक सिद्ध हो गयी | ……………अटल विहारी बाजपेयी जी और आडवाणी जी भी इस विद्या का ज्ञान प चुके थे किन्तु अधिक आयु हो जाने के कारन और ख़राब स्वास्थ के कारण शीर्षासन पुनः नहीं कर पाए | ……………………..और मन मोहन सिंह जी सोनिया गांधी के शीर्षासन ज्ञान का लाभ पाते रहे | स्वयं अधिक आयु होने के कारण और दो बार बाई पास सर्जरी हो जाने के कारण वे शीर्षासन के अयोग्य हो चुके थे | …………किन्तु भारतीय जनता पार्टी मैं कई नेता शीर्षासन को सिद्ध करने के लिए प्रयास रत थे | जिसको स्वामी रामदेव जी ने सुगम कर दिया | और नरेंद्र मोदी जी ने आखिर शीर्षासन सिद्ध कर ही लिया | ……………………………………………………………………………………..अधिक उम्र मैं शीर्षासन घातक हो सकता है अतः राम देव जी ने और मोदी जी ने विश्व योग दिवस मैं इसको मान्यता नहीं दी | ………………………….अभी राहुल गांधी जी अपने कुल द्वारा सिद्ध योगासन शीर्षासन को सिद्ध करने के योग्य हो सकते हैं | बाल ब्रह्मचारी भी हैं | अतः बार बार विदेश मैं जाकर योगासन शीर्षासन सिद्धि हेतु प्रयास रत हैं | कहा जाता है की संस्कारों से विद्या सुगमता से हासिल हो जाती है | और आनुवंशिकता भी मार्ग सुगम कर देती है |……एक सिद्ध परिवार के लिए ऐसे साधारण से योगासन शोभा नहीं देते हैं अतः नेहरू गांधी सिद्ध परिवार विदेशों मैं या अपने महलों मैं ही सिद्धासन करते हैं | ….……………मोदी जी को इस ब्रह्माश्त्र से शीर्षासन का ज्ञान तो अवश्य होगा किन्तु वे भी सतर्क अवश्य होंगे | यह समय ही बताएगा की शीर्षासन पुनः कौन सिद्ध कर पाता है | नीतीश लालू जैसे तो शीर्षासन मिलकर ही सिद्ध कर सकते हैं क्यों की उनकी आयु बाधक होगी | अतः वे संगीत से ही सिुद्धि मार्ग खोजेंगे | किन्तु अरविंद्र केजरीवाल की आयु भी कम है और वे शीर्षासन सिद्धि को लालायित भी हैं अतः उनको पुनः मौका ही नहीं दिया गया | ……………....कहीं कोई गायत्री मन्त्र का सिद्ध भी इन दोनों सिद्धों को परास्त करता हुआ अंतरिक्ष मैं धूमकेतु सा उदय भी हो सकता है | क्यों की कम उम्र के बालक शीर्षासन सिद्ध करते अन्य योगासन सुगम बना लेते हैं | गायत्री मन्त्र को सिद्धि मार्ग से हटा देना ही घातक हो सकता है भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस को शवासन करने को मजबूर कर सकता है ………………..ओम शांति शांति शांति

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (3 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग