blogid : 11986 postid : 8

मेरा भारत महान

Posted On: 29 Jul, 2012 Others में

awaazthe hindi poetry on the common issue of the common people, these poetry give AAWAZ to the views of people.

ilaagupta

30 Posts

39 Comments

लुट रही है देश की शान,
बिच रहा है देश का मान,
फिर भी मेरा भारत महान.

भ्रष्टाचार हम में बह रहा खून के समान,
गिर रहा है नेताओ का ईमान,
फिर भी मेरा भारत महान.

उतर रही सड़क पर माँ-बहन की आन,
ली जा रही दहेज के लिए जान,
फिर भी मेरा भारत महान.

खो रहा है महापुरुष का सम्मान,
अन्ना जैसों का हो रहा अपमान,
फिर भी मेरा भारत महान.

बट रहा धर्म-जाति के नाम पर हिंदुस्तान,
दंगो में बह रहा खून पानी समान,
फिर भी मेरा भारत महान.

बन रहे मंदिर-मस्जिद खुदा के नाम,
भूख से मर रहा इंसान,
फिर भी मेरा भारत महान.

हक़ के लिये अहिसा से लड़ती आम जनता पर मार,
चुनाव में नेता खूब करे हिसा का दान,
फिर भी मेरा भारत महान.

नाम से शहिदों के लोग है अनजान,
हो रहा अपराधियो का गुणगान,
फिर भी मेरा भारत महान.

आतंक मचा रहा हाहाकार,
नेता सो रहे चादर तान,
फिर भी मेरा भारत महान.

कर्ज लेने से हो रहा दुनिया में देश बदनाम,
संसद नहीं देते काले धन के मुद्दे पर ध्यान,
फिर भी मेरा भारत महान.

चारों तरफ छाया अमावस्या की रात जैसा अंधकार,
नहीं है सुबह के उजाले की आस,
फिर भी मेरा भारत महान.

जागो और बचा लो देश की आन, बान, शान,
नहीं तो देश का हो जाएगा नाश,
फिर कैसे कहोगे मेरा भारत महान.

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (6 votes, average: 4.83 out of 5)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग