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पृथ्वी की इस हलचल से दिन और रात में होता है फर्क

Posted On: 31 May, 2016 Others में

अद्भुत दुनियारंग-बिरंगी दुनिया की अद्भुत तस्वीर और अनोखे रंग-ढंग को दर्शाता ब्लॉग

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इसका सीधा सा उत्तर है- क्योंकि हमारी पृथ्वी अपनी धूरी पर घूमती है. यह धूरी एक काल्पनिक रेखा है जो उत्तर ध्रुव (North pole) से दक्षिण ध्रुव (South Pole) तक गुजरती हैं. हमें पृथ्वी के घूमने का एहसासा नहीं होता क्योंकि यह हमेशा एक ही गति से घूमती रहती है. नासा की वेबसाइट के अनुसार पृथ्वी के घूमने की गति है 1037 मील प्रति घंटा यानी 1670 किमी प्रति घंटा है. आप इस बात को ऐसे भी समझ सकते हैं कि भूमध्य रेखा (Equator) के किसी बिंदु पर खड़ा व्यक्ति 24 घंटे ( वास्तव में 23 घंटे 56 मिनट 4 सेकंड) में 40, 075 किमी का सफर कर लेता है. दिन-रात होने के संबंध में एक बात यह भी ध्यान देने योग्य है कि, धरती की जो धूरी है वह थोड़ी झुकी हुई है.




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दिन-रात छोटे-बडे क्यों होते हैं?

तो अब आते हैं अपने असली प्रश्न पर, अधिकांश लोगों के लिए सूर्योदय, सूर्यास्त और दिन-रात का चक्र जिसे अंग्रेजी में diurnal cycle कहतें हैं, जिंदगी की एक साधारण सी सच्चाई प्रतीत होती है. हर गुजरते साल के साथ ऋतुओं में बदलाव होता है. जिसके कारण दिन और रात की अवधि में भी परिवर्तन होता है. दिन और रात में ये परिवर्तन केवल कुछ घंटे का ही होता है, हालांकि धरती के कुछ क्षेत्र ऐसे भी हैं जहां यह चक्र बिलकुल ही अलग है. धरती के ध्रुवों पर स्थित क्षेत्रों में कई-कई दिनों तक सूर्यास्त नहीं होता, यहां रातें भी कई दिन लंबी खींच सकती हैं.


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गौरतलब है कि धरती केवल अपनी धूरी पर ही नहीं घूमती बल्कि अपनी कक्षा में सूर्य का भी चक्कर लगाती है. वैसे तो एक सौर दिन या solar day 24 घंटे का होता है. लेकिन ऐसा नहीं है कि पूरे साल 12 घंटे का दिन और 12 घंटे की रात हो, दिन और रात की लंबाई पूरे साल बदलती रहती है. ऐसा इसलिए क्योंकि भूमध्य रेखा धरती की कक्षा (orbital plane) से 23.5 डिग्री झुकी हुई है. इसका परिणाम यह है कि धरती की धूरी अपनी कक्षा से लम्बवत्त (perpendicular) नहीं है. धरती जैसे-जैसे अपनी कक्षा में घूमती है सूर्य के साथ इसकी धूरी का झुकाव बदलता रहता है. साल के किसी एक समय में धरती के दक्षिणी ध्रुव का मुख सूर्य की तरफ झुका होता है, तो किसी दूसरे समय उत्तरी ध्रुव का मुख सूर्य की तरफ होता है. इस वजह से सालभर दिन और रात की लंबाई बदलती रहती है.


साल के किसी भी एक समय धरती का एक गोलार्द्ध (Hemisphere) का झुकाव सूर्य की ओर अधिक होता है जिस वजह से विपरीत गोलार्द्ध सूर्य से दूर हो जाता है. जो गोलार्द्ध सूर्य की तरफ अधिक झुका होगा उस हिस्से में मौसम गर्म रहता है और दिन लंबे होंगे जबकि विपरित गोलार्द्ध में मौसम ठंडा रहेगा और रातें लंबी होंगी


तब न होते दिन और रात छोटे-बड़े

क्योंकि धरती सूर्य का चक्कर एक साल में लगाती है यह प्रक्रिया हर छठे महीने बदल जाती है. पृथ्वी की धूरी के झुकाव की वजह से ही ध्रुवों पर दिन और रात कई-कई दिन लंबे हो जाते हैं. अगर पृथ्वी की धूरी अपने कक्षा से लम्बवत्त होती तो साल भर दिन और रात बराबर होते और ऋतुओं में भी कोई परिवर्तन न होता.Next


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