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नरेंद्र मोदी के दावों का मजाक उड़ाते ये फैक्ट्स

Posted On: 21 Jan, 2015 Others में

अद्भुत दुनियारंग-बिरंगी दुनिया की अद्भुत तस्वीर और अनोखे रंग-ढंग को दर्शाता ब्लॉग

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यह इक्कीसवीं शताब्दी है. यह शताब्दी सूचना-क्रांति के लिए जानी जाएगी जिसका अधिकतम श्रेय इंटरनेट को जाता है. भारत की राजनीति में इस मई एक बड़ा परिवर्तन आया है. करीब 30 सालों बाद एक राजनैतिक पार्टी को बहुमत मिला है.


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इससे अभिभूत होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत को दुनिया के शीर्ष देशों की पंक्ति में सबसे आगे खड़े देखना चाहते हैं. प्रधानमंत्री बनने से पहले भारत को ‘ब्रांड इंडिया’ बनाने के लिए उन्होंने जिन पाँच ‘टी’ का ज़िक्र किया था उनमें से टेक्नोलॉजी यानी प्रौद्योगिकी भी एक थी. ‘डिज़िटल इंडिया’ का सपना भी प्रौद्योगिकी पर ही आधारित है. प्रतिदिन के कामकाज में कागज़ों के उपयोग को खत्म कर नरेंद्र मोदी भारतीयों को तकनीक और प्रौद्योगिकी के साथ समानांतर चलाना चाहते हैं. ऐसे देश में जहाँ वैसे युवाओं की संख्या रोज बढ़ रही है जो इंटरनेट से जुड़ रहे हैं, वहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस सपने के पर कतरने के लिए भी कोई मौजूद है! ये वो चीज़ है जो भारतीय प्रधानमंत्री के सपनों की राह में रोड़ा है. सिर्फ प्रधानमंत्री ही नहीं बल्कि हर भारतीय के सपनों की राह में रोड़ा है.


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दरअसल ये वो आँकड़ें हैं जो बताती है कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत की इंटरनेट गति किस स्तर की है! अकामाई टेक्नोलॉजी के 2014 की तीसरी तिमाही की रिपोर्ट जिसका शीर्षक ‘स्टेट ऑफ दी इंटरनेट रिपोर्ट’ के मुताबिक एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत की इंटरनेट गति इस क्षेत्र में आने वाले देशों के मुकाबले सबसे कम है.


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आँकड़ों के अनुसार भारत में इंटरनेट की औसत गति 2.0 एमबीपीएस है जो पिछली तिमाही के बराबार है. औसत इंटरनेट गति के मामले में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का स्थान 115वाँ है. इस क्षेत्र में दक्षिण कोरिया की औसत इंटरनेट गति सबसे अधिक 25.3 एमबीपीएस है. इसके कारण यह इकलौता देश बन गया है जिसकी औसत इंटरनेट गति 20 एमबीपीएस से अधिक है. 16.3 और 15.0 एमबीपीएस के साथ हांगकांग और जापान दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं.


हालांकि, भारत में 2 एमबीपीएस की गति का होना ज्यादा है. इसका कारण यह है कि भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के अनुसार ब्रॉडबैंड की इंटरनेट कनेक्शन के रूप में परिभाषा 512 केबीपीएस तक सीमित रखी गई है. इस लिहाज से भारत में 2 एमबीपीएस की गति होना आश्चर्यजनक है. लेकिन इसके पीछे यह कारण संभावित है कि अकामाई ने कुछ सीमित आँकड़ों के आधार पर ही यह रिपोर्ट तैयार की है. यह रिपोर्ट इंटरनेट कनेक्शन गति, ब्रॉडबैंड अडॉप्शन दर,मोबाइल कनेक्टिविटी और अटैक ट्रैफिक के बारे में भी बताती है. Next….


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एक असहाय पिता की गुहार इंटरनेट भी अनसुना नहीं कर पाया और उसकी मरी हुई बेटी के चेहरे पर मुस्कान ला दी…

सोचिए अगर इंटरनेट जैसा कोई शब्द अस्तित्व में ही ना होता तो….


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