blogid : 7629 postid : 919198

मरने पर खुशी और जन्म पर शोक मनाते हैं ये लोग

Posted On: 27 Jun, 2015 Others में

अद्भुत दुनियारंग-बिरंगी दुनिया की अद्भुत तस्वीर और अनोखे रंग-ढंग को दर्शाता ब्लॉग

विविधा

1490 Posts

1294 Comments

राजस्थान के इस बंजारा जनजाति के केवल 24 परिवार हैं जो राज्य में विभिन्न जगह फैले हुए हैं. इस जनजाति का नाम है सातिया. इनका कोई स्थायी निवास नहीं होता और ये सड़क पर मरे आवारा जानवरों की लाशों को निस्तारण करने से मिलने वाली रकम में गुजारा करते हैं. इस जनजाति की सबसे खास बात ये है कि इसके सदस्य परिवार में जब कोई संतान पैदा होती है तो गम में रहते हैं जबकि परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु हो जाने पर उत्सव मनाया जाता है.


Nomads in Kutch1



इस जनजाति के ज्यादातर सदस्य अनपढ़ हैं. यह जनजाति शराब की लत और वैश्यावृत्ति के लिए भी कुख्यात है. गहरे भूरे रंग और गठीले बदन वाली इस जनजाति की स्त्रियां वैश्यावृत्ति में लिप्त रहने के लिए बदनाम हैं.


Read: शादी से पहले मां बनो, तभी होगा विवाह !!


लेकिन इस जनजाति की सबसे अनोखी बात मृत्यु के बाद इसके सदस्यों द्वारा मनाया जाने वाला उत्सव ही है. इस दिन इस जनजाति के लोग नए कपड़े पहनते हैं, मिठाईयां खरीदते हैं, मेवे और शराब के साथ उत्सव मनाते हैं. शमशान घाट तक लाश को ले जाने के दौरान गाजे बाजे के साथ नाचते हुए नजदीकी परिजन शमशान घाट चक जाते हैं. जब चिता की आग जलती है तो इस जनजाति के सदस्य भोज का आयोजन करते हैं. देशी शराब और नृत्य का दौर तब तक चलता है जबतक मृतक का शरीर पूरी तरह जलकर राख नहीं हो जाता. Next…


Read more:

सुंदर लंबी गर्दन पाने का अनोखा तरीका है कायन महिलाओं के पास!!

नाजियों के नरसंहार के शिकार इन भारतवंशियों को आज भी सहनी पड़ रही है नफरत और उपेक्षा…

भारत से संबंध रखने वाले नवजात बच्चे पर बंटा देश!


Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग