blogid : 7629 postid : 768302

ओलंपिक में एक मैडल पक्का, यह बच्चा अपने खेल से भारत को दिला सकता है एक पदक

Posted On: 29 Jul, 2014 Others में

अद्भुत दुनियारंग-बिरंगी दुनिया की अद्भुत तस्वीर और अनोखे रंग-ढंग को दर्शाता ब्लॉग

विविधा

1490 Posts

1294 Comments

किस्मत में लिखी हर मुश्किल टल जाती है

हो बुलंद हौसले तो मंजिल मिल ही जाती है,


जिस उम्र में बच्चों का मन छोटे-छोटे प्लास्टिक के खिलौनों में लगता है उस उम्र में कोई बच्चा खतरनाक स्टंट करने लगे तो समझिए कि वह बच्चा साधारण इंसान नहीं है. जरूर उसके अंदर एक ऐसी ताकत वास कर रही है जो उसे इस तरह के खतरनाक स्टंट करने के लिए प्रेरित करती है.


image0


नाम- गनन सतीश, उम्र- 6 साल, शौक- स्केटिंग करना यह है इस बच्चे की पहचान. दरअसल बेंगलुरु का रहने वाला होनहार बच्चा गनन सतीश ने एक ऐसा कारनामा करके दिखाया है जिसे करने में हमारे-आपके पसीने छूट जाए. गनन ने 29 सेकेंड्स में 39 कारों (दूरी 70 मीटर) के नीचे से लिंबो स्केटिंग करके एक नया रिकॉर्ड बनाया है. ऐसा करते हुए सतीश जमीन से महज पांच इंच ऊपर थे. वैसे गगन के माता पिता उसके स्केटिंग स्टंट से हमेशा चिंतित रहते हैं.


Read: वर्किग आवर से ज्यादा काम करना यानि अपनी मौत को न्यौता देना, कहीं आप तो ऐसा नहीं करते



image1



यह कारनामा करते हुए गनन सतीश ने दो साल पुराना पांच साल के श्रीया देशपांडे का रिकॉर्ड तोड़ा है जिन्होंने लिंबो स्केटिंग में 48.21 मीटर की दूरी तय की. हांलाकि गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने अभी तक गगन की स्केटिंग को रिकॉर्ड नहीं किया है, लेकिन उम्मीद है वो जल्द ही ऐसा करेगा.


Read: यह मासूम दुनिया में तो आया लेकिन इसे जन्म देने वालों ने उसे दुनिया में लाकर प्रकृति को बहुत बड़ी चुनौती दी है


गगन का अगला सपना है कि वह लिंबो स्केटिंग करते हुए 100 कारों के नीचे से जाए. इसके अलावा वह ओलंपिक में भी भारत के झंड़े तले अपने देश का नाम ऊंचा करना चाहते हैं.



गगन की स्केटिंग के प्रति चाहत तीन साल की उम्र में ही जग गई थी. इस खेल के प्रति उनकी दीवानगी इस कदर है कि घायल अवस्था में भी रोलरस्केट्स पहनकर वह सड़क की ओर निकल पड़ते हैं. गगन की दीवानगी को देखते हुए मां-बाप ने भी छोटी सी उम्र में उसे स्थानीय क्लब में दाखिला दिलाया. शुरुआत में, कम उम्र की वजह से क्लबों ने उसे लेने से मना कर दिया था, लेकिन बाद में उसके टैलेंट को देखते हुए उसे क्लब में शामिल कर लिया गया.



गगन के माता-पिता गगन को स्केटिंग में विश्व का बेहतरीन खिलाड़ी बनाना चाहते हैं. इसके लिए उन्होंने प्रोपर कोचिंग की व्यवस्था भी की है. गगन खुद कोचिंग क्लास लेने के लिए सुबह पांच बजे उठ जाते हैं और कुछ घंटे की प्रैक्टिस के बाद ही स्कूल चले जाते हैं. स्कूल से आने के बाद गगन फिर से स्केंटिग के लिए सड़कों पर निकल पड़ते हैं. वह रोजाना दो घंटे स्पीड टैनिंग, मशल फ्लेक्सबिलिटी के लिए देते हैं.


Read more:

बाथरूम में घुसते ही उसने जो कुछ देखा वह दिल दहला देने वाला था

वो शराब पीती है, शॉर्ट स्कर्ट पहनती है, सुंदर भी है…. मतलब उसका प्रमोशन पक्का !!!

त्वरित दंड से ही लोगो की मानसिकता पर असर पड़ेगा !


Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग