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छूते ही पत्थर बना देती है ये झील, तस्वीरें है चौंकाने वाली

Posted On: 21 Jul, 2016 Others में

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इस संसार में कई ऐसी जगहें हैं जिसका रहस्य आज तक विज्ञान भी नहीं सुलझा पाया है. अक्सर ऐसी चीजें रहस्य से भरपूर होती है, जिसका जवाब कई बार विज्ञान भी नहीं दे पाता है, फिर चाहे वह ‘बरमूडा ट्राइएंगल’ हो या फिर अमेरिका में स्थित ‘सान लुइस वैली’. इसी प्रकार की एक रहस्यमय झील उत्तरी तंजानिया में स्थित है जिसका नाम ‘नेट्रान लेक’ है.  इस झील की सबसे डरवानी बात यह है कि, जो भी इस झील के पानी के पास जाता है वह पत्थर बन जाता है.



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दूर-दूर तक नहीं है कोई गांव

झील के इस ड़रवाने रूप को देखकर वहां के आसपास के लोग अब यहां से काफी दूर चल गए हैं. क्योंकि जो कोई भी इस झील के आसपास ज्यादा देर तक रूकता है वह एक कठोर पत्थर बनकर रह जाता है. वैसे इस झील के पास जाकर देखने पर वहां ऐसे कई पशु-पक्षियों के ढांचे नजर आएंगे, जो पत्थर के हैं. यह किसी श्राप के कारण नहीं बल्कि झील के रासायनिक पानी के चलते होता है.


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झील में पत्थर नहीं  मृत पक्षी हैं

मशहूर फोटोग्राफर ‘निक ब्रांड्ट’ ने अपनी लिखी एक किताब ‘एक्रॉस द रेवेज्ड लैंड’ में इस बात को सच बताया है. उन्होंने अपनी किताब में लिखा है, ‘जब मैं वहां गया तो वहां के दृश्य ने मुझे चौंका दिया, मैं यकीन नहीं कर पा रहा था कि यह वाकई में सच है. झील के किनारे ऐसा लग रहा था, मानो किसी ने पशु-पक्षियों के स्टैच्यू रख दिए हो, लेकिन वो स्टैच्यू नहीं थे बल्कि असली मृत पक्षी थे’. फोटोग्राफर निक ब्रांड्ट ने यहां का दौरा किया था ताकि वह सच का पता लगा सकें.



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पानी में बढ़ा ‘कैल्सिफाइड’ बना रहा है पक्षियों को पत्थर

दरअसल, झील के पानी में जाने वाले जानवर और पशु-पक्षी कुछ ही देर में कैल्सिफाइड होकर पत्थर बन जाते हैं. फोटोग्राफर की मानें तो पानी में नमक और सोडे की मात्रा बहुत ही ज्यादा है और इस बात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि फोटोग्राफर निक की फिल्म बॉक्स की स्याही भी कुछ ही सेंकड में जम गई. पानी में सोडा और नमक की मात्रा ज्यादा है इसलिए यहां पर पक्षियों के मृत शरीर से कोई भी बदबू नहीं आती है. कभी कभार इस लेक का तापमान 60 डिग्री तक भी पहुंच जाता है.


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पानी में वह तत्व भी मौजूद है जो ज्वालामुखी की राख में होता है. इसी राख का इस्तेमाल मिस्रवासी ममियों के लिए करते हैं. फोटोग्राफर के अनुसार वहां मौजूद सभी चीजें अब पत्थर के समान मजबूत हो चुकी हैं… Next


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