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चंद्रगुप्त मौर्य की प्रेम कहानी में खलनायक बन गए थे चाणक्य, रखी थी 3 शर्तें

Posted On: 10 Sep, 2016 Others में

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चंद्रगुप्त मौर्य का नाम सुनते ही एक ऐसे राजा की छवि हमारे सामने बनकर आती है जिसने अपनी वीरता और साहस से अंसभव को संभव कर दिखाया. ऐसे वीर को योद्धा को अपनी एक सटीक रणनीति के साथ अपने पराक्रम दिखाने की जरूरत थी. चंद्रगुप्त मौर्य के गुरू आचार्य चाणक्य ने हमेशा से ही अपने शिष्य के हित के बारे में सोचा. कहा जाता है कि उन्होंने ‘चाणक्य नीति’ किताब में शासन करने की ऐसी कूटनीति लिखी थी, जिसका पालन मौर्या राजवंश द्वारा किया जाता था.
इन सभी बातों से परे क्या आप ये बात जानते हैं कि चंद्रगुप्त ने ग्रीक राजकुमारी हेलेना से शादी की थी. ऐतिहासिक कहानी के अनुसार चंद्रगुप्त को हेलेना से प्यार हो गया था, अपनी पहली पत्नी दुर्धरा से इजाजत लेकर चंद्रगुप्त ने हेलेना से शादी की थी.
सेल्यूकस को हराकर जीता था राजकुमारी हेलेना को
ग्रीक के राजा सेल्यूकस को बहुत ही प्रतापी माना जाता था. सेल्यूकस की सेना 305 बीसी में चंद्रगुप्त मौर्य की सेना से मिली, जिसके बाद सेल्यूकस ने युद्ध का ऐलान कर दिया. मौर्य ने ग्रीक राजा के सामने शर्त रखी कि अगर वो युद्ध में पराजित हो जाते हैं और चंद्रगुप्त जीत जाते हैं, तो वो राजकुमारी हेलेना से विवाह करेंगे.
युद्ध शुरू हुआ और सेल्यूकस की सेना में 500 हाथी भी थे. जिन्हें मौर्य सेना ने हरा दिया. इस तरह राजकुमारी हेलेना को वो जीतने में कामयाब रहे.
राजकुमारी हेलेना भी करती थी चंद्रगुप्त से प्यार
ऐसा माना जाता है कि राजकुमारी हेलेना पहले ही चंद्रगुप्त को अपना दिल दे बैठी थी. राजकुमारी ने चंद्रगुप्त की वीरता के बारे में बहुत कुछ सुना था. जब चंद्रगुप्त पहली बार अपने मंत्री के साथ राजा सेल्यूकस से मिलने आए थे, तो हेलेना ने खिड़की से चंद्रगुप्त को देखा था. जिसके बाद हेलेना दिल ही दिल में सम्राट चंद्रगुप्त को पसंद करने लगी थी. साथ ही चंद्रगुप्त ने राजकुमारी की सुंदरता के किस्से सुने थे.
चाणक्य ने विवाह से पहले रखी थी तीन शर्तें
चंद्रगुप्त मौर्य अपने गुरू चाणक्य का बहुत सम्मान करते थे इसलिए उनकी हर बात मानते थे. चाणक्य को जब पता चला कि सम्राट चंद्रगुप्त एक विदेशी लड़की से शादी करना चाहते हैं तो उन्होंने हेलेना के सामने तीन शर्त रखी थी.
पहली शर्त यह थी कि उन दोनों से उत्पन्न संतान उनके राज्य का उत्तराधिकारी नहीं होगा  और इसका कारण बताया कि हेलेना एक विदेशी महिला है और भारत के पूर्वजों से उसका कोई नाता नहीं है. भारतीय संस्कृति को वो बिल्कुल नहीं जानती.
वो कभी भी सम्राट अशोक के राज-काज में हस्तक्षेप नहीं करेगी.
विदेशी होने के कारण वो उसपर कभी भी भरोसा नहीं किया जा सकता, क्योंकि अपने देश के लिए सभी के मन में छुपा हुआ प्रेम रहता है, इसलिए विवाह के बाद हेलेना ग्रीक देश से कोई सम्बध नहीं रखेगी.

चंद्रगुप्त मौर्य का नाम सुनते ही एक ऐसे राजा की छवि हमारे सामने बनकर आती है जिसने अपनी वीरता और साहस से असंंभव को संभव कर दिखाया. ऐसे वीर को योद्धा को अपनी एक सटीक रणनीति के साथ अपने पराक्रम दिखाने की जरूरत थी. चंद्रगुप्त मौर्य के गुरू आचार्य चाणक्य ने हमेशा से ही अपने शिष्य के हित के बारे में सोचा. कहा जाता है कि उन्होंने ‘चाणक्य नीति’ किताब में शासन करने की ऐसी कूटनीति लिखी थी, जिसका पालन मौर्या राजवंश द्वारा किया जाता था. इन सभी बातों से परे क्या आप ये बात जानते हैं कि चंद्रगुप्त ने ग्रीक राजकुमारी हेलेना से शादी की थी. ऐतिहासिक कहानी के अनुसार चंद्रगुप्त को हेलेना से प्यार हो गया था, अपनी पहली पत्नी दुर्धरा से इजाजत लेकर चंद्रगुप्त ने हेलेना से शादी की थी.


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सेल्यूकस को हराकर जीता था राजकुमारी हेलेना को

ग्रीक के राजा सेल्यूकस को बहुत ही प्रतापी माना जाता था. सेल्यूकस की सेना 305 बीसी में चंद्रगुप्त मौर्य की सेना से मिली, जिसके बाद सेल्यूकस ने युद्ध का ऐलान कर दिया. मौर्य ने ग्रीक राजा के सामने शर्त रखी कि अगर वो युद्ध में पराजित हो जाते हैं और चंद्रगुप्त जीत जाते हैं, तो वो राजकुमारी हेलेना से विवाह करेंगे. युद्ध शुरू हुआ और सेल्यूकस की सेना में 500 हाथी भी थे. जिन्हें मौर्य सेना ने हरा दिया. इस तरह राजकुमारी हेलेना को वो जीतने में कामयाब रहे.


maurya

राजकुमारी हेलेना भी करती थी चंद्रगुप्त से प्यार

ऐसा माना जाता है कि राजकुमारी हेलेना पहले ही चंद्रगुप्त को अपना दिल दे बैठी थी. राजकुमारी ने चंद्रगुप्त की वीरता के बारे में बहुत कुछ सुना था. जब चंद्रगुप्त पहली बार अपने मंत्री के साथ राजा सेल्यूकस से मिलने आए थे, तो हेलेना ने खिड़की से चंद्रगुप्त को देखा था. जिसके बाद हेलेना दिल ही दिल में सम्राट चंद्रगुप्त को पसंद करने लगी थी. साथ ही चंद्रगुप्त ने राजकुमारी की सुंदरता के किस्से सुने थे.


maurya and helena


चाणक्य ने विवाह से पहले रखी थी तीन शर्तें

चंद्रगुप्त मौर्य अपने गुरू चाणक्य का बहुत सम्मान करते थे इसलिए उनकी हर बात मानते थे. चाणक्य को जब पता चला कि सम्राट चंद्रगुप्त एक विदेशी लड़की से शादी करना चाहते हैं तो उन्होंने हेलेना के सामने तीन शर्त रखी थी.

1. पहली शर्त यह थी कि उन दोनों से उत्पन्न संतान उनके राज्य का उत्तराधिकारी नहीं होगा और इसका कारण बताया कि हेलेना एक विदेशी महिला है और भारत के पूर्वजों से उसका कोई नाता नहीं है. भारतीय संस्कृति को वो बिल्कुल नहीं जानती.


chanakya 1


2. वो कभी भी सम्राट अशोक के राज-काज में हस्तक्षेप नहीं करेगी.

3. विदेशी होने के कारण वो उसपर कभी भी भरोसा नहीं किया जा सकता, क्योंकि अपने देश के लिए सभी के मन में छुपा हुआ प्रेम रहता है, इसलिए विवाह के बाद हेलेना ग्रीक देश से कोई सम्बध नहीं रखेगी….Next

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