blogid : 4582 postid : 2046

सुधारों की वेटिंग लिस्ट

Posted On: 1 Mar, 2012 Others में

मुद्दाविविध राष्ट्रीय मुद्दों-समस्यायों पर विचार-विमर्श, संवाद, सुझाव और समाधान देता ब्लॉग

जागरण मुद्दा

442 Posts

263 Comments

mudda-17आजादी के बाद पहला रेल बजट पहले रेलमंत्री के तौर पर 1948-49 में डॉ. जॉन मथाई की ओर से पेश किया गया था। इस तरह अब तक अंतरिम और फाइनल कुल मिलाकर 80 रेल बजट पेश किए जा चुके हैं। वर्ष 2012-13 का रेल बजट 81वां होगा जिसे ममता बनर्जी के बाद रेलमंत्री बने दिनेश त्रिवेदी पेश करेंगे।


वर्तमान रेल मंत्री जल्द से जल्द रेलवे को दुरुस्त करना चाहते हैं। उन्होंने लालू प्रसाद या ममता बनर्जी से अलग रुख अपनाते हुए न केवल रेल किरायों में वृद्धि का मसला उठाया, बल्कि रेल दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए प्रमुख परमाणु वैज्ञानिक डॉ.अनिल काकोदकर की अध्यक्षता में हाईपावर सेफ्टी कमेटी का गठन कर दिया। इस समिति ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। अब इसके क्रियान्वयन पर सबकी निगाहें टिकी हैं। त्रिवेदी रेलवे के जर्जर ढांचे और कामकाज के पुराने तौरतरीकों को लेकर भी चिंतित हैं और इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री के आइटी सलाहकार सैम पित्रोदा की अध्यक्षता में आधुनिकीकरण समिति का गठन किया है।


काकोदकर समिति की सिफारिशें और पित्रोदा समिति द्वारा योजना आयोग को दिए गए प्रजेंटेशन ने स्पष्ट कर दिया है कि रेलवे को ट्रैक से लेकर रोलिंग स्टॉक, सिगनल प्रणाली से लेकर आरडीएसओ तक नई तकनीकों, उपकरणों और सामग्रियों की जरूरत है। इसके अलावा अनुसंधान ढांचे में आमूलचूल परिवर्तन कर इसे विश्वस्तरीय बनाना होगा। इस लिहाज से आरडीएसओ काफी नहीं है। रेलवे का मौजूदा ट्रैक तेज रफ्तार यात्री ट्रेनों और ज्यादा वजन ढोने वाली मालगाड़ियों के लिहाज से अनुपयुक्त है। इसका नवीनीकरण होना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय स्तर की मजबूत पटरियां बिछाई जानी चाहिए। मौजूदा रोलिंग स्टॉक भी गड़बड़ है। न इंजन ठीक हैं, न कोच और वैगन। सबके डिजायन पुराने हैं। इन्हें बदला जाना चाहिए। शुरुआत सारी ट्रेनों में परंपरागत बोगियों के स्थान पर एलएचबी बोगियों के इस्तेमाल से होनी चाहिए। रेलवे में कलपुजरें की खरीद और गुणवत्ता जांचने के तरीके भी ठीक नहीं हैं। इससे घटिया पुजरें की खरीद हो रही है। इसे ठीक करने की जरूरत है। सैकड़ों साल पुराने पुल खतरनाक हो चुके हैं। इनका पुनर्निर्माण पांच साल में होना चाहिए। रेलवे क्रासिंगों पर होने वाली दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा लोग मारे जा रहे हैं। लिहाजा 14 हजार रेलवे क्रासिंगों पर या तो चौकीदार तैनात किए जाएं या ओवरब्रिज और अंडरब्रिज बनाकर इन्हें खत्म किया जाए। मौजूदा तरीकों से ट्रेन दुर्घटनाएं कम तो हुई हैं, लेकिन मौतों का ग्राफ बढ़ा है। मौजूदा तरीके इन पर काबू पाने में नाकाम साबित हुए हैं। लिहाजा सारे ट्रैक की सर्किटिंग कर कैब सिगनलिंग [इंजन में ही सिगनल दिखने की तकनीक] की व्यवस्था लागू की जाए। टक्कर दुर्घटनाएं रोकने के लिए यूरोपीय ढंग की लेवल 2 ट्रेन कंट्रोल प्रणाली लागू की जाए। एक अलग कंपनी बनाकर इस काम को पांच सालों में पूरा करना होगा। आधुनिक बनाने के लिए रेलवे को अगले पांच साल में ढाई लाख करोड़ रुपये चाहिए। अकेले संरक्षा से जुड़े उपायों के लिए एक लाख करोड़ की जरूरत है। यह राशि जुटाने के कई विकल्प हैं। राजस्व जुटाने के मसले पर काकोदकर समिति ने स्पष्ट कहा है कि इसमें साहसिक निर्णय लेने की जरूरत है।


रेलवे बोर्ड और कार्मिक ढांचे के पुनर्गठन पर रेल मंत्री का कहना है कि रेलवे बोर्ड में कई और मेंबर होने चाहिए। मेंबर सेफ्टी और मेंबर प्लानिंग जो केवल रेलवे को सुरक्षित और नई योजनाएं बनाने का काम करें। संरक्षा श्रेणी के 1.26 लाख खाली पदों को तुरंत भरने की जरूरत है। संचालन से जुड़े अफसरों व कर्मचारियों को निर्णय लेने के और अधिकार मिलने चाहिए। लंबित परियोजनाओं को पूरा करने के लिए विशेष कंपनी बने और कुछ समय के लिए नई परियोजनाओं की घोषणा पर अंकुश लगाया जाए। इसी तरह जब तक लाइनों की क्षमता न बढ़ जाए, नई ट्रेनों की घोषणा भी बंद होनी चाहिए। [संजय सिंह]


कायापलट के क्षेत्र

काकोदकर समिति की सिफारिशें और सैम पित्रोदा समिति द्वारा योजना आयोग को दिए गए प्रजेंटेशन को समग्र रूप में देखने पर रेलवे के सुधार के पांच प्रमुख बिंदु नजर आते हैं।


1. रेलवे के आधुनिकीकरण की सख्त जरूरत है। इसी से दुर्घटनाएं रुकेंगी और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल पाएंगी।


2. रेलवे की माली हालत सुधारे बगैर अब गुजारा नहीं चलेगा।


3. रेलवे कर्मचारियों की मौजूदा उत्पादकता और कार्यकुशलता बहुत कम है। इसे बढ़ाना आवश्यक है।


4. रेलवे बोर्ड के मौजूदा ढांचे में कुछ न कुछ गड़बड़ है। इसका पुनर्गठन होना चाहिए।


5. इन सुधारों के लिए भारत सरकार द्वारा रेलवे को एकमुश्त बड़ी मदद देनी चाहिए।


Read Hindi News

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग