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शादी करके फंस गया यार, अच्छा खासा था कुंवारा

Posted On: 28 Feb, 2014 Others में

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शादी एक जाल है, इसमें जो फंस जाए वो यही कहता है कि ‘शादी करके फंस गया यार अच्छा खासा था कुंवारा’. खासतौर पर लड़के ऐसा मानते हैं कि शादी के बाद केवल सुख की प्राप्ति लड़कियों को होती है और बेचारे लड़के सुख का मतलब ही भूल जाते हैं. कुछ इसी तरह की कहानी सिद्धार्थ और उसकी पत्नी तृषा की है. दोनों की प्यार भरी कहानी शादी की मंजिल तक तो पहुंचती है पर उसके बाद ना सिद्धार्थ समझ पाता है कि उसकी लाइफ कहां जा रही है और ना ही तृषा समझ पाती है कि आखिरकार वो अपनी लाइफ में हैप्पी है या नहीं.


फिल्म रिव्यूः शादी के साइड इफेक्ट्स
कलाकार: विद्या बालन, फरहान अख्तर, वीर दास, राम कपूर, रति अग्निहोत्री

लेखक और निर्देशक: साकेत चौधरी

फिल्म रेटिंग: *** (3 स्टार)


दिल आखिर तू क्यूं रोता है


Shaadi_ke_side_effectsशादी के साइड इफेक्ट्स

फिल्म ‘शादी के साइड इफेक्ट्स’ की कहानी कुछ इस तरह शुरू होती है…सिद्धार्थ (फरहान अख्तर) एक म्यूजिक कंपोजर और सिंगर है जिसका कॅरियर फिलहाल जिंगल्स गाने पर ही अटका हुआ है. सिद्धार्थ का एक सपना होता है कि वो एक दिन मार्केट में अपना एलबम लांच करे. सिद्धार्थ की पत्नी तृषा (विद्या बालन) एक अच्छी-खासी नौकरी करती है. दोनों की लाइफ सिद्धार्थ की सास (रति अग्निहोत्री) के गर्म मिजाज के बावजूद भी मस्त अंदाज में चल रही होती है मगर तभी तृषा प्रेग्नेंट हो जाती है फिर उसके भीतर उत्साह की कोंपले फूटने लगती हैं.


तृषा तो आने वाले बच्चे के लिए नए-नए सपने देखने लगती है पर बेचारा सिद्धार्थ होने वाले बच्चे की परेशानियों के बारे में सोच रहा होता है. इतने में ही उनके घर में नया मेहमान आ जाता है. बेबी को लेकर सिड और तृषा के बीच झगड़े शुरू होने लगते हैं. ऐसे में सिड को अपने जीजा (राम कपूर) की याद आती है जो कि बेस्ट पापा और सक्सेसफुल मैन की ट्रॉफी तोंद पर लटकाए घूमते हैं. मगर उनके मंत्र को मानने के फेर में सिड की लाइफ का बैंड बज जाता है. उधर तृषा की लाइफ में भी दो किरदार आ जाते हैं – एक काम वाली बाई और दूसरी उसकी पडोसन. फिल्म की कहानी कुछ इसी तरह चलती रहती है. फिल्म के डायलॉग्स तो अच्छे हैं पर सुने सुनाए लगते हैं जिस कारण फिल्म के क्लाइमेक्स की बैंड बज जाती है. फिल्म शादी के साइड इफेक्ट्स युवकों को लुभा सकती है पर उन बेचारों का क्या जो अपनी रियल लाइफ में ही शादी के साइड इफेक्ट्स झेल रहे हैं उन्हें शायद ही फिल्म में कुछ नया नजर आए.


क्यों देखें: यदि आपने शादी नहीं की है तो !

क्यों ना देखें: यदि आप शादी कर चुके हैं तो बहुत कुछ सुना सुनाया लगेगा !



मैं एक एंटरटेनमेंट हूं

अब क्यों चुप हैं शबाना ?

हीरो की नहीं चोर की माशूका कहिए !!

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