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दिल्ली और उसके आसपास 2

Posted On: 30 Sep, 2010 Others में

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Yatra

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दिल्ली में कॉमनवेल्थ शुरु होने ही वाले है, और कोमनवेल्थ के साथ आएंगे कई विदेशी जो देश की सुन्दर जगहों पर घूमना चाहेंगे. इसी के आधार पर हम लेकर आ रहे है कुछ ऐसे पर्यटक स्थल जहां देशवासियों ने तो घूमना पसंद किया ही है.

2590पिंजौर गार्डन – चंढीगढ का खूबसूरत चेहरा


पिंजौर का जिक्र आते ही हमारी आंखों के आगे एक स्थल का नक्शा तैरने लगता है जो इतिहास के आईने से तो झांकता ही है, प्रकृति भी जहां झूमती, गाती, खिलखिलाती मालूम पड़ती है. दिल्ली-शिमला राजमार्ग पर चंडीगढ़ से 22 किलोमीटर दूर शिवालिक पर्वतमालाओं से घिरा ‘पिंजौर’ मुगल बादशाहों का भी पसंदीदा स्थल रहा है और कई धार्मिक व ऐतिहासिक मान्यताएं भी इस स्थल से जुड़ी हैं. यहां एक बार आकर बार-बार आने को मन करता है.


hawamahalहवा महल जयपुर की सबसे विशेष धरोहर


गुलाबी नगरी जयपुर की आलीशान इमारत ‘हवामहल’ राजस्थान के प्रतीक के रूप में दुनियाभर में प्रसिद्ध है. बुर्जनुमा संरचनाओं पर आधारित इस अर्धअष्टकोणीय इमारत में 365 खिड़कियां और झरोखे बने हैं.जाहिर है इसी विशेषता के लिए इस इमारत को ‘हवामहल’ नाम दिया गया. इसका निर्माण 1799 में जयपुर के महाराजा सवाई प्रताप सिंह ने करवाया था. राजस्थानी और फारसी स्थापत्य शैलियों के मिले-जुले रूप में बनी यह इमारत जयपुर के ‘बड़ी चौपड़’ चौराहे से चांदी की टकसाल जाने वाले रास्ते पर स्थित है. मुख्यमार्ग से नजर आने वाला हवामहल का हिस्सा ही वास्तव में इसका भव्यतम भाग है. यही दुनियाभर में इसकी पहचान है. ज्यादातर पर्यटक  ‘हवामहल’ को यही से देखकर चले जाते हैं. लेकिन अंदर से भी यह इमारत उतनी ही देखने लायक है. हवामहल के कुछ हिस्से में राजकीय संग्रहालय बनाया गया है. इसमें प्राचीन सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी अनेक अनमोल धरोहर सुरक्षित हैं.

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