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गुरदासपुर में कांग्रेस की जीत के मायने

Posted On: 15 Oct, 2017 Others में

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jlsingh

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पंजाब की गुरदासपुर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में BJP से सीट छीनने के बाद कांग्रेस ने चुटकी लेने के अंदाज में केंद्र सरकार और PM मोदी पर निशाना साधा है. कांग्रेस ने गुरदासपुर में मिली जीत का श्रेय पीएम मोदी को दिया है. रविवार को गुरदासपुर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव के लिए मतगणना हुई, जिसमें कांग्रेस ने बड़ी जीत हासिल की है. कांग्रेस उम्मीदवार सुनील जाखड़ ने यहां अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के स्वर्ण सेलारिया पर 1 लाख 93 हजार 219 वोटों से जीत दर्ज की. सुनील जाखड़ को जहां 4 लाख 99 हजार 752 वोट, बीजेपी के स्‍वर्ण सलारिया को 3 लाख छह हजार 533 वोट, तो वहीं AAP उम्मीदवार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सुरेश खजूरिया को महज 23 हजार 579 वोट मिले. इस दौरान 7 हजार 587 लोगों ने नोटा का बटना दबाया.


sunil jakhar


केरल से कांग्रेस नेता और प्रवक्ता टॉम वडक्कन ने कहा, “कांग्रेस की जीत के लिए मैं अभिनंदन दूंगा प्रधानमंत्री मोदी जी को, क्योंकि बहुत मेहनत किया उन्होंने. जहां-जहां वह जाते हैं लोगों को जोड़ने की बात नहीं करते, लोगों से प्रेम की बातें नहीं करते. उनको नजर आता है हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई. प्रतिशत में बात करते हैं वह. देशवासियों को हिंदुस्तानी समझना होगा, उनके दिल में बंटवारा मत लाइए.” वडक्कन ने मोदी के गले लगाने को लेकर भी चुटकी ली. उन्होंने कहा, “भाषण देना एक बात होता है. भाषण आप बहुत दे सकते हैं कि वह मेरा दोस्त है, भले उस सज्जन से आप पहली बार मिले हों. सबसे गले मिलते हों, अच्छी बात है. लेकिन बात यह है कि गले मिलने से दिल नहीं मिलता. गले मिलने और दिल मिलने में फर्क है.” वडक्कन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पाकिस्तान के साथ संबंध सुधरने का संकेत देने वाला ट्वीट करने पर कही. वडक्कन ने कहा, “अमेरिका और पाकिस्तान के बीच अच्छा रिश्ता है. इन हालात में आप बार-बार बोलते जा रहे हैं कि हमारा रिश्ता बहुत अच्छा है, जवाब दे दिया ट्रंप ने.”


दिवाली से ऐन पहले का संडे कांग्रेस के लिए ‘सुपर संडे’ साबित हुआ, जहां दो अलग-अलग उपचुनावों में कांग्रेस को मिली जीत पार्टी के लिए दिवाली का तोहफा लेकर आई। पंजाब और केरल की जीत से पार्टी में खुशी व उत्साह की लहर दौड़ गई। अर्से से जीत के लिए तरस रही कांग्रेस के लिए रविवार को मिली जीत किसी संजीवनी या टॉनिक से कम नहीं मानी जा रही। इस जीत का असर कांग्रेस के आम वर्कर्स के साथ-साथ कांग्रेस नेताओं पर भी पड़ेगा।


माना जा रहा है कि जिस तरह से गुजरात राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस का खोया हुआ आत्मविश्वास कुछ लौटा था, उसमें गुरदासपुर की जीत कई गुना इजाफा करने जा रही है। चाहे गुजरात के मंडी चुनाव में कांग्रेस की जीत हो या हाल ही में नांदेड़ के स्थानीय चुनावों में कांग्रेस को मिली बंपर सफलता, ये सभी कांग्रेस के जमीनी वर्कर्स के लिए एक टॉनिक का काम कर रही हैं। माना जा रहा है कि संडे को केरल, खासकर गुरदासपुर की जीत कांग्रेस में एक नई ताकत व ऊर्जा भरेगी। कहीं न कहीं कांग्रेस में यह आत्मविश्वास जागेगा कि वह बीजेपी को सीधी टक्कर में हरा सकती है।


अगले सवा साल में देश में कई राज्यों में चुनाव होने हैं। पहले गुजरात व हिमाचल और उसके बाद कर्नाटक, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में चुनाव होने हैं। मजे की बात है कि ज्यादातर राज्यों में कांग्रेस और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर है। माना जा रहा है कि इन जीतों का असर आने वाले चुनावों में होगा। जहां कांग्रेस केंद्र व राज्य की बीजेपी सरकार की नाकामियों के खिलाफ उतरेगी। गुजरात में कांग्रेस पूरी आक्रामकता के साथ मैदान में पीएम मोदी, उनकी सरकार व बीजेपी को घेर रही है। अगर कांग्रेस इन चुनावों में अपना प्रदर्शन बेहतर करती है तो आने वाले आम चुनावों में वह मोदी नीत एनडीए व बीजेपी के लिए एक बड़ी चु़नौती बन सकती है।


गुरदासपुर लोकसभा उपचुनाव में भाजपा के प्रत्याशी को हराने के बाद कांग्रेस के नेता सुनील जाखड़ ने आज कहा कि भगवा पार्टी को अब भविष्य में मिलने वाली असफलताओं को भांप लेना चाहिए. उन्होंने कहा, “लोगों ने भाजपा को खारिज किया है और साथ ही अकाली (उनके सहयोगी) को भी आईना दिखाया है.” लोगों ने अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में फिर से भरोसा दिखाया है और साथ ही नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया है.”


मुख्यमंत्री ने गुरदासपुर के लोगों को आश्वस्त किया कि पार्टी अपना हर एक वादा पूरा करेगी और विकास के काम में तेजी लायी जायेगी. अमरिंदर ने कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार में विश्वास जताने के लिये वह जनता के आभारी हैं और उन्होंने मतदाताओं के असीम प्रेम एवं समर्थन के लिये उनका शुक्रिया अदा किया. पंजाब के गुरदासपुर लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने भारी जीत दर्ज की है. गुरदासपुर लोकसभा सीट पर भाजपा के टिकट से विनोद खन्ना तीन बार सांसद चुने गए थे. इस लिहाज से बीजेपी को चुनावी नतीजे से भारी निराशा हुई है.


पंजाब के फजिलका जिले के पंचकोसी गांव (अबोहर) में 9 परवरी 1954 को जन्मे जाखड़ ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से एमबीए की पढ़ाई की है. उनकी शुरुआती पढ़ाई अबोहर से हुई है. इसके बाद गवर्ममेंट कॉलेज चंडीगढ़ में उन्होंने पढ़ाई की. जाखड़ पूर्व लोकसभा अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री डॉ. बलराम जाखड़ के पुत्र हैं और किसान नेता माने जाते हैं. सुनील जाखड़ पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं. सुनील जाखड़ पहली बार पंजाब के अबोहर सीट से विधायक बने. अबोहर सीट से सुनील जाखड़ ने वर्ष 2007 और 2017 में विधानसभा चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी.


कांग्रेस पार्टी ने इस वर्ष मई में सुनील जाखड़ को पंजाब कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया. इससे पहले वे पंजाब कांग्रेस उपाध्यक्ष और मुख्य प्रवक्ता रहे हैं. वह कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी माने जाते हैं. गुरदासपुर में मिली भारी जीत के बाद जाखड़ ने कहा कि लोगों ने इस चुनाव के जरिए मोदी सरकार की नीतियों का विरोध जताया. इस जीत के बाद पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने जाखड़ की जीत को दिवाली का उपहार बताया है. उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता ने इस जीत से कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को दिवाली का गिफ्ट दिया है.


बीजेपी नेताओं के मुताबिक हार के प्रमुख कारण इस प्रकार गिनाये गए.
– कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने चुनाव लड़ा इसलिए पूरी पार्टी एकजुट होकर लड़ी.
– बीजेपी का उम्मीदवार चयन सही नहीं था. चुनावों के बीच अकाली दल नेता और बीजेपी उम्मीदवार पर आरोप लगने से मामला बिगड़ा और जीएसटी को लागू करने से आ रही दिक्कतों से व्यापारी वर्ग नाराज था.


मतलब अब भाजपा के कुछ लोगों को समझ में आ रहा है कि नोटबंदी और GST से लोग किस प्रकार परेशान थे और अभी भी हैं. बेरोजगारी और महंगाई बहुत बड़ा मुद्दा है जिसे भाजपा नेता और श्रीमान मोदी नकारते रहे हैं. केवल बातें करने और सपनों के सब्जबाग दिखलाने से जनता ज्यादा दिन भ्रमित नहीं रह सकती है. भाजपा के विकल्प के रूप में अभी भी कांग्रेस ही कही जायेगी.


आम आदमी पार्टी और अन्य क्षेत्रीय पार्टियों का जनाधार कमजोर हुआ है. कांग्रेस को कहीं कहीं राज्य स्तर पर क्षेत्रीय स्तर के पार्टियों से समझौते करने पड़ सकते हैं, तभी वह आगामी राज्यों के चुनावों में भाजपा को टक्कर दे सकती है. यह जनादेश प्रधानमंत्री को भी आईना दिखने का काम करेगा, क्योंकि वे अपनी पीठ आप ही ठोकते नजर आते हैं. हर विफलता के लिए कांग्रेस को कोसने और सफलता के लिए खुद की पीठ थपथपाने से बाज नहीं आते. धरातल पर कितना काम हुआ यह बातें या तो उन्हें बतायी नहीं जाती या वे जानकर भी अनजान बने रहते हैं.

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