blogid : 3428 postid : 1020860

15 अगस्त को प्रधान मंत्री मोदी का देश के नाम दूसरी बार संबोधन!

Posted On: 16 Aug, 2015 Others में

jlsजो देखता हूँ, वही लिखता हूँ

jlsingh

441 Posts

7592 Comments

15 अगस्त को प्रधान मंत्री मोदी का देश के नाम दूसरी बार संबोधन!
हर पन्द्रह अगस्त को स्वाधीनता दिवस के अवसर पर देश के प्रधान मंत्री लाल किले से झंडा फहराते हुए देश के नागरिकों को संबोधन करते है. यह परम्परा रही है. सर्वप्रथम इस परंपरा की शुरुआत देश के पहले प्रधान मंत्री जवाहर लाल नेहरू ने किया था. इस बार श्री मोदी ने कुल ८६ मिनट तक का भाषण देकर नेहरू के ७२ मिनट के भाषण का रिकॉर्ड तोड़कर नया रिकॉर्ड बनाया है. भाषण देने के मामले में मोदी काफी माहिर हैं और दर्शकों को बांधे रखने में उनके भाषण की कला का बड़ा महत्व होता है. इस बार के भाषण से जनता को बहुत कुछ अपेक्षाएं थी, पूर्व सैनिकों का ‘वन रैंक वन पेंसन’ की मांगें थी, जिसका उन्होंने जिक्र तो किया पर कोई समय सीमा नहीं बताई, इसलिए अनशन पर बैठे पूर्व सैनिकों में आक्रोश की लहर फूट पडी. उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछले पन्द्रह महीने में उनकी सरकार का कोई आरोप नहीं लगा है. पर विदेश मंत्री शुषमा स्वराज, राजस्थान की मुख्य मंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया और मध्य प्रदेश के ब्यापम पर खामोश रहे. महाराष्ट्र सरकार का भी जिक्र नहीं किया, जहाँ की मंत्री पंकजा मुंडे कई आरोपों में घिरी हुई नजर आयी हैं. संसद के गतिरोध पर भी खामोश दिखे.
कोयले और स्पेक्ट्रम की नीलामी का जिक्र वे अनेकों बार कर चुके हैं, उसी को दुहराया. जनधन योजना, और स्वस्थ भारत अभियान का भी जिक्र किया. अगर आंकड़े सही है और सभी स्कूलों में लडके और लड़कियों के लिए अलग-अलग टॉयलेट बन गए हैं, तो यह एक बड़ी उपलब्धि कही जा सकती है. लेकिन अभी भी बहुत से सरकारी स्कूलों का तो खुद का भवन भी नहीं है और शिक्षक/शिक्षिकाएं पेड़ के नीचे पढ़ाते हुए नजर आते हैं. वह भी मीडिया ही दिखाता है.
लाल किले के प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने एक बार फिर समृद्ध भारत और स्वच्छ भारत का सपना दिखाते हुए अपनी सरकार की योजनाओं के बारे में बताया। पीएम के भाषण की 10 मुख्य बातें।
1. देश के 18,500 गांवों में बिजली पहुंचाने का वादा – 18, 500 गांवों में अभी तक बिजली का खंभा नहीं पहुंचा है। अगर पुराने तरीके से चलते रहे तो इन गांवों में बिजली का तार पहुंचाते-पहुंचाते 10 साल लग जाएंगे। मैंने जब मीटिंग बुलाई तो अधिकारियों ने कहा कि ये गांव सुदूर जंगल और पर्वतीय इलाकों में हैं, 2019 से पहले बिजली नहीं पहुंचाया जा सकता है। सवा सौ टीम इंडिया का संकल्प है कि 1000 दिन में इन गांवों में बिजली में पहुंचाया जाए। देखा जाय इस संकल्प को कैसे पूरा किया जाता है?
2. स्टार्ट अप इंडिया और स्टैंड अप इंडिया – यह साल बाबा साहब आंबेडकर की 125वीं जयंती का साल है। बैंकों के सवा लाख ब्रांच यह संकल्प करे कि हर ब्रांच एक आदिवासी या दलित को स्टार्ट अप के लिए लोन दे। बैंक महिलाओं उद्ममियों को आगे बढ़ाने के लिए नीति बनाए।
3. खनिज संपदा वाले राज्यों पर होगा खर्च – खनिज संपन्न राज्यों के में हर साल खनिकों के लिए छह हजार करोड़ रुपये हर साल खर्च किए जाने का ऐलान किया। इसके लिए विशेष योजना चलाई जाएगी।
4. छोटी नौकरियों में इंटरव्यू खत्म – छोटी नौकरियों में इंटरव्यू की व्यवस्था खत्म करने की पहल का भरोसा दिया।
5. वन रैंक, वन पेंशन का फिर भरोसा दिलाया – पूर्व सैनिकों को एक बार फिर भरोसा दिलाते हुए कहा कि वन रैंक वन पेंशन को सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी मिल चुकी, संगठनों से बातचीत चल रही है। जल्द ही इसे लागू किया जाएगा। आन्दोलन रत पूर्व सैनिक एक निश्चित तिथि बताने की बात कह रहे थे.
6. 75वें स्वतंत्रता दिवस का संकल्प – 2022 तक सक्षम, स्वस्थ, श्रेष्ठ, स्वाभिमानी, संपन्न और स्वालंबी भारत के संपने को पूरा करना है.
7.ज्यादा कानून गुड गवर्नेंस के लिए ठीक नहीं – हर बात पर कानून बनाना फैशन बन गया है, यह गुड गवर्नेंस के लिए ठीक नहीं है। हमें कानूनों को सरल और उपयोगी बनाना होगा। अधिक कानूनों से न्यायपालिका पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
8. सांप्रदायिकता को पनपने नहीं देंगे – जातिवाद और संप्रदायवाद पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि हमें इन समस्याओं को पनपने नहीं देना है। जहर के विकास को अमृत से मिटाना है। उन्हें अपने समर्थकों को भड़काऊ भाषण देने से रोकना भी चाहिए.
9. किसानों को मिलेगा यूरिया – मोदी ने किसानों की समस्याओं को लेकर कहा कि उन्हें जितना यूरिया चाहिए उतना दिया जाएगा। देश के अन्नदाता को किसी भी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। किसान जो आत्म-हत्या करते हैं उनकी समस्या भी तो सुननी चाहिए. यूरिया उनतक पहुँच रहा है या नहीं इसको भी सुनिश्चित करने की जरूरत है.
10. कृषि मंत्रालय का बदलेगा नाम – कृषि मंत्रालय का नाम बदलने का भी पीएम मोदी ने लालकिले की प्राचीर से ऐलान किया। इसे अब कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के नाम से जाना जाएगा। पहले भी योजना आयोग का नाम बदलकर नीति आयोग किया जा चूका है. नाम बदलने से कुछ नहीं होता, काम होना चाहिए.
मोदी ने कहा कि पिछले साल उनकी सरकार के सत्ता में आने तक देश के 40 फीसदी लोग बैंक खातों से वंचित थे, इसलिए पिछले स्वतंत्रता दिवस पर उन्होंने इसे दूर करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा, ‘मुझे खुशी है कि तय समय में प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 17 करोड़ बैंक खाते खुलवाए गए और लक्ष्य हासिल किया गया।’
बीमा योजना -उनकी सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पर बल दिया। महीने में एक रुपये के खर्च पर लोगों को 2 लाख रुपये के बीमा की सुविधा दी। इसका भी प्रचार जोर-शोर से किया गया है अभी भी किया जा रहा है
स्वच्छ भारत अभियान – गांधी जी की 150वीं जयंती को समर्पित ‘स्वच्छत भारत अभियान’ का उल्लेख करते हुए कहा पिछली बार लालकिले से उन्होंने स्वच्छता और शौचालय की बात की थी। उन्होंने कहा कि हमने घोषणा की थी कि अगले स्वतंत्रता दिवस तक हर स्कूल में लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय बनवाएंगे, जो बिना सर्वे के की गई थी।उन्होंने कहा कि बाद में 2 लाख 62 हजार स्कूलों में सवा चार लाख से ज्यादा टॉयलट बनवाने की जरूरत महसूस हुई और आज करीब-करीब सारे टॉयलट्स बन गए हैं। बाकी जगहों में गंदगी से छुटकारा दिलाने का भी प्रयास हर स्टार पर होना चाहिए. इसमे जन-चेतना की भी आवश्यकता है.
श्रमिक और श्रमेव जयते– देश के श्रमिकों का ईपीएफ में 27 हजार करोड़ रुपये रखा हुआ था, लेकिन उन्हें वह पैसा उन्हें नहीं मिल पा रहा था, इसलिए उनकी सरकार ने सबको एक कार्ड दिया। मोदी ने कहा कि लोग कहीं भी नौकरी करें, अब उनका पैसा कहीं नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने श्रमिकों के लिए कानून को सरल बना कर 44 कानूनों को एक संहिता में समेट दिया। यह अच्छी पहल कही जायेगी.
गैस सब्सिडी की चोरी रोकी – हमने गैस सब्सिडी की चोरी में कटौती के लिए डायरेक्ट टैक्स बेनिफिट योजना की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि इसके लिए जनधन खाते का सहारा लिया और सब्सिडी सीधे खाते में डाला गया, जिससे 15 हजार करोड़ रुपये की गैस सब्सिडी की चोरी रुक गई। अच्छी बात है.
भ्रष्टाचार तथा कालाधन – उनकी सरकार को 15 महीने हो गए और इस पर एक पैसे के भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा है। उन्होंने कहा एनडीए सरकार ने काले धन के खिलाफ कठोर कानून बनाया। पिछले 10 महीने में 4500 करोड़ रुपये काला धन वापस लाया गया। यह पहले से नहीं बताया गया था. अगर आया है तो उसका इस्तेमाल भी हो रहा है तो?
सिंचाई और यूरिया का तोहफा – उनकी सरकार ने कृषि सिंचाई योजना के लिए 50,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है तथा अब किसानों का जितना यूरिया चाहिए, उन्हें उतना मिलेगा। कृषि मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के रूप में जाना जाएगा।
सारी घोषणाओं के परिणाम अगर धरातल तक पहुँच जाएँ तो बहुत-कुछ सुधार हो जायेगा और भारत निश्चित ही विकसित देशों की श्रेणी में आ जायेगा. पर संसद में गतिरोध को न रोकने के उनके प्रयास को भी आँका जाना चाहिए. उन्होंने कहा था हम बहुमत की नहीं सहमत की सरकार चलाएंगे. पर हो रहा उल्टा है या कांग्रेस को बदनाम कर उसे पूरी तरह मिटाने की रणनीति भी हो सकती है क्योंकि सत्र के आखिरी दिन भाजपा का मार्च तो यही कह रहा था…. फिर भी आशावादी दृष्टिकोण के साथ – जवाहर लाल सिंह, जमशेदपुर.

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग