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चाँद

Posted On: 2 Feb, 2018 Others में

Awara Masiha - A Vagabond Angelएक भटकती आत्मा जिसे तलाश है सच की और प्रेम की ! मरने से पहले जी भरकर जीना चाहता हूं ! मर मर कर न तो कल जिया था, न ही कल जिऊंगा !

Kapil Kumar

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चाँद
यह चाँद नहीं है धरती पर ,
कहीं  बैठा दूर इस गगन में
फिर भी दिखता है इस नयन से
एक  मेरा चाँद है इस धरती पे
जो मेरी नज़रों  से भी दूर है
जो बसा है  मेरे दिल में


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यह चाँद नहीं है धरती पर ,

कहीं  बैठा दूर इस गगन में

फिर भी दिखता है इस नयन से

एक  मेरा चाँद है इस धरती पे

जो मेरी नज़रों  से भी दूर है

जो बसा है  मेरे दिल में

Kapil Kumar

Awara Masiha

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