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कौन बनेगा ब्लागपति ?

Posted On: 28 Jun, 2010 Others में

KADLI KE PAAT कदली के पातचतुर नरन की बात में, बात बात में बात ! जिमी कदली के पात में पात पात में पात !!

R K KHURANA

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कौन बनेगा ब्लागपति ?

राम कृष्ण खुराना

पंजाब में बिजली का बडा पंगा है ! यहां लाईट कब चली जाय कुछ पता ही नहीं चलता ! आज भी लाईट दोपहर एक बजे चली गई थी ! अब आई है साढे चार बजे ! दिन में कई बार लाईट आती-जाती रहती है ! देखना अगले चुनाव में इस सरकार को बिजली का तगडा झटका लगने वाला है ! मेल चेक करने लगा तो निगाह जागरण जंकशन की मेल पर गई ! टाप–20 में आने के बाद से ही ब्लागस्टार बनने के सपने देखता रहता हूं ! जागरण जंकशन की मेल देखकर मेरा दिल जोर-जोर से धडकने लगा ! मुझे लगा कि इस मेल में मेरे प्रथम आने के बारे में ही सूचना है ! मैंने प्रभु का स्मरण किया ! मन ही मन मन्दिर में प्रशाद चढाने का वादा किया ! कांपते हाथों से मेल पर सिंगल क्लिक किया ! नीचे बाक्स में कुछ लाईने उभर आईं ! एक बार फिर आंखे बन्द करके भगवान से कांटेस्ट में प्रथम आने की प्रार्थना की और मन्दिर में प्रशाद चढाने की राशि दुगनी कर दी ! धीरे-धीरे आंखे खोल कर माऊस से स्क्रोल किया तो नीचे लिखी पंक्तियों पर निगाह गई
आदरणीय जागरण जंक्शन ब्लॉगर,
आपका नाम जागरण जंक्शन ब्लॉग स्टार कॉंटेस्ट के लिए टॉप 20 में शामिल किए जाने के कारण हमें आपसे आपकी कुछ व्यक्तिगत जानकारियों की अपेक्षा है.

जागरण जंकशन वाले मेरी व्यक्तिगत जानकारी चाहते थे ! यानि कि……यानि कि…..भगवान ने मेरी सुन ली ! मैं ब्लागस्टार बन गया ! मैं कांटेस्ट में जीत गया ! वरना जागरण वालों को क्या जरूरत पडी थी मेरी व्यक्तिगत जानकारी मांगने की ? वो लोग खाली थोडे ही बैठे हैं कि सबकी जानकारियां मांगते फिरें ! दुनिया भर से हजारों लोगों ने इस कांटेस्ट में भाग लिया है ! यदि उन्होंने मुझसे जानकारी मांगी है तो इसका मतलब है कि मैं ही विजेता हूं ! वरना वो मेरा डाटा अपने कम्प्यूटर में क्यों फीड करने लगे ? जरूर उन्होंने मुझे ही प्रथम पुरस्कार दिया है ! अभी वो मुझे बताना नहीं चाहते होंगें ! फिर वो मेरे परिचय के साथ नाम घोषित करेंगें ! अखबार में मेरी फोटो को बडी करके 10X4 कालम में फ्रंट पेज पर जहां आजकल प्रधानमंत्री जी की फोटो छ्पती है वहां मेरी फोटो छापेगें ! वो भी पूरे विवरण के साथ ! यह सोच कर बस मुझे तो जैसे पंख लग गए ! मेरा रोम-रोम पुलकित हो रहा था ! मेरे तो जैसे पैर ही ज़मीन पर नहीं पडते थे ! मैंने उस मेल को इससे आगे पढने की और ज्यादा समझने की कोशिश ही नहीं की ! मुझे आगे कुछ सोचने समझने की जरूरत ही क्या थी ? मैं तो ऊंची-ऊंची हवाओं में उडने लगा था ! मुझे कुछ और सूझ ही नहीं रहा था ! अब दुनिया को पता चलेगा कि मैं क्या चीज़ हूं ! यह जो अदिति कैलाश की चाची है न मुझे बात-बात पर डांटती रहती है ! अब तो आदत सी पड गई है ! 37 साल का अनुभव है मुझे बीवी से डांट खाने का ! लेकिन अब मैं इसका बुरा नहीं मानता ! कारण जानने के लिए आप कृप्या मेरी कविता हाय प्यारी लगती है देखें ! फिर अभी मैंने अपने ब्लाग में नई कविता पोस्ट की है चाचा का बाऊंसर जिसमें मैंने सभी ब्लागर्स से बुरा न मानने की अपील की है ! फिर मैं क्यों बुरा मानने लगा ! वो पंजाबी में एक कहावत है न कि – “चिक्कड दे तिलके दा ते रन्न दे झिडके दा गुस्सा नईं करी दा” यानि कि अगर कोई कीचड में फिसल जाय अथवा बीवी झिडकी लगाए तो उसका बुरा नहीं मानना चाहिए ! क्योंकि कीचड में फिसलने पर किसी का कोई बस नहीं होता और बीवी के आगे हर पति बेबस होता है ! तो मैं कह रहा था कि अब अदिति की चाची को भी पता चल जायगा कि मैं भी कुछ हूं ! वरना वो तो मुझे टके के भाव भी नहीं समझती ! यह सोचते-सोचते दिल में ख्याल आया कि फोन करके पत्नी को भी यह खुशखबरी दे दूं !

मैंने झट से मोबाईल उठाया और पत्नी को फोन लगाया ! मैंने उसे बताया कि मैं जागरण जंकशन कांटेस्ट में प्रथम आया हूं ! फिर मैं अपनी ओर से लम्बी-लम्बी छोडते हुए पूरा विवरण देने लगा ! मैंने उसे मन्दिर में प्रशाद चढाने की राशि दुगनी करने वाली बात भी बता दी ! मैं इतना उत्साहित था कि मेरे फोन पर बात करने की आवाज़ मेरे साथ बैठे वर्मा जी ने सुन ली ! फिर क्या था सिगरेट के धुंए की तरह यह बात धीरे-धीरे सारे आफिस में फैल गई ! आफिस में खुसर-फुसर होने लगी ! सभी सहयोगी मेरे पास इकट्ठे होने लगे ! वो मिसेस शर्मा जो कभी मुझसे सीघे मुंह बात नहीं करती थी खुद चल कर मेरे पास आई और मुझसे बकायदा हाथ मिला कर मुझे बधाई दी ! मिसेस खन्ना, जिससे पिछले सात दिनों से मेरी बोलचाल बन्द थी, ने भी मुझे बडी गर्मजोशी से विश किया ! कार्यालय के सभी सहयोगी अपने-अपने चेहरे पर मेरे व्यंग मैं मुखौटे बेचता हूं की तर्ज पर हंसी वाले कोमल मुखौटे लगा कर मुझे बधाई देने आने लगे ! कई लोगों ने गिला किया कि उन्हें तो पता ही नही था कि मैं लेखन जैसे फिजूल कामों में भी मुंह मार लेता हूं ! कुछ लोगों ने मुझ पर छुपा रुसतम होने का इल्ज़ाम भी लगा दिया ! मैं सिर झुकाए शरमाने की एक्टिंग करता हुआ सबकी बधाईय़ां स्वीकार कर रहा था ! उधर मिठाई की मांग जोर पकडने लगी थी ! आफिस के लोगों का तो यह रवैया हो गया है कि उन्हें तो मिठाई खाने का कोई न कोई बहाना चाहिए उनका सिद्धांत तो यह है कि आप हंस रहे हैं तो मिठाई खिलाओ, आप रो रहे हैं तो मिठाई खिलाओ उन्हें तो मिठाई खाने से मतलब है कारण कुछ भी हो ! मिठाई के चक्कर में मेरा लाल रंग का 1000 रूपये का नोट गडूं हो गया !
इसी बीच ख्याल आया कि तीनों बेटियों व दामाद साहबान को भी फोन कर दूं ! वरना वो ता-उम्र ताना मारते रहेंगें कि हमें बताया नहीं ! खासकर दामाद तो मुझे छोडेगें ही नहीं ! आप लोग तो जानते ही हैं कि दामाद लोगों का भी एक खास दर्जा होता है ! एक खास ठसक होती है ! उनकी एक अलग जमात होती है ! वो ससुराल से कभी खुश नहीं होते ! उन्हें तो नाराज़ होने का जन्मसिद्घ अधिकार प्राप्त है ! जी हां, मुझे तो इसका अच्छा खासा अनुभव भी है ! क्योंकि मैं भी किसी का दामाद हूं ! अब जैसा बोया वैसा ही तो काटेगें ! भगवान ने तीन बेटियां दी हैं तो निभाना तो पडेगा ही ! बडी बेटी तो यहीं लोकल ही लुधियाना में है ! उनका अच्छा बिज़नेस है ! मझली अमृतसर में है ! आजकल गर्मियों की छुट्टियों में अपने बेटे के साथ हमारे पास आई हुई है ! सबसे छुटकी के पति ग्रीस में हैं ! पिछ्ले डेढ-दो साल से वहां मन्दा चल रहा है ! यूरो की कीमत दिन-ब-दिन गिरती जा रही है ! सो अब वे लोग कनाडा जाने के लिए प्रयासरत हैं ! बेटी का ससुराल लुधियाना के नज़दीक ही है ! वो कभी अपने सास-ससुर की सेवा करने अपने ससुराल चली जाती है तो कभी हमारे घर आ जाती है ! आजकल वो भी यहीं है !

सबसे पहले बडी बेटी को फोन लगाया ! अभी मैंने बात शुरू की ही थी कि फोन कट गया ! देखा कैश कार्ड के पैसे खत्म हो गए थे ! आफिस के छोटू को 500 रूपये देकर रिचार्ज कराने के लिए भगाया !
अब ऐसे माहौल में आफिस में काम तो हो नहीं सकता था ! सो छुट्टी लेकर घर चला आया ! घर में खुशी का माहौल था ! हर तरफ रौनक थी ! शादी का घर लग रहा था ! पत्नी और बेटियां पता नही किस-किस को यह खुशखबरी देने के लिए फोन पर व्यस्त थीं ! टेबल पर पांच तरह की मिठाईयां, तीन तरह के नमकीन और चार प्रकार के बिस्कुट सजे हुए थे ! कोल्ड ड्रिंक की बोतलें खाली हो रही थी ! मोहल्ले की औरतें जल्दी-जल्दी बधाई देने की औपचारिकता निभा कर टेबल के साथ चिपक जाती थीं ! अपने खेलते हुए बच्चों को खींच-खींच कर टेबल से मिठाईयां और बिस्किट उठाकर ठूस-ठूस कर जबर्दस्ती खिला रही थीं ! वो सोचती थीं कि शायद यह मौका फिर मिले न मिले !

मुझे एकदम ख्याल आया कि जागरण वालों को ई-मेल का जवाब भी तो देना है ! मैं अपने कमरे का दरवाजा बन्द करके कम्पयूटर आन करके बैठ गया ! झट से मेल खोल कर रिपलाई का बटन दबा दिया ! नीचे से सारे प्रश्न जो जागरण वालों ने पूछे थे कापी पेस्ट किए और लगा एक-एक प्रश्न का उत्तर देने

पहले उन्होंने पूछा – आपका पूरा नाम

मैंने लिख दिया – राम कृष्ण खुराना !

नाम लिखने के बाद ख्याल आया कि मैं ब्लागस्टार बन गया हूं ! सीधा सिम्पल नाम लिख देने से काम नहीं चलेगा ! कोई अच्छा सा धांसू डिज़ाईनदार फांट होना चाहिए ! बडे साईज़ में बढिया सा दिखना चाहिए ! आखिर टाप ब्लागस्टार का नाम है ! जब फांट खोजने निकले तो कोई फांट हमारी नाक के नीचे ही नहीं आ रहा था ! सभी फांट एक-एक करके रिजेक्ट हो रहे थे ! आधे-पौने घंटे की मशक्कत के बाद बडी मुश्किल से मुझे फांट और साईज़ पसन्द आया ! फिर कम्पयूटर में जितने भी कलर थे सब पर क्लिक करके देख लिया ! आधा घंटा सिर खुजाने के बाद गहरे लाल रंग पर मन टिका ! उसके बाद पता, जन्म तिथि आदि भर दिया ! अंत में आई ‘फोटू’ की बारी ! जागरण वालों ने फोटू भी मांगा था !

यह फोटू की भी बडी समस्या है ! इस ब्लाग पर फोटू चिपकाना भी युद्ध जीतने के बराबर है ! पहले तो मुझे भी परेशानी आई थी ! फिर दूसरे दिन आशीश राजवंशी जी के सहयोग से मैंने अपनी फोटू चिपका दी ! जागरण वाले बुजुर्गों पर शायद कुछ मेहरबान हैं ! क्योंकि सुना है कि बच्चों वाली फोटू चिपकाने में कम से कम 5-7 दिन लग ही जाते हैं ! उधर मिश्रा जी अपनी फोटू चिपकाने के लिए बहुत परेशान थे ! सारे ब्लागरों में हाय तौबा मची हुई थी ! मैं आपको अन्दर की बात बता रहा हूं ! जब मिश्रा जी की फोटू लाख कोशिश करने पर भी अपलोड नहीं हुई तो उन्होंने मेरी रचना भगवान शंकर –महाशक्ति पढी ! जब सब लोग सो जाते थे तो मिश्रा जी रात को अपने घर में बने मन्दिर में जाकर रोज़ दो घंटे शंकर भगवान की मूर्ती के आगे बैठ कर कठोर तपस्या करते थे ! कई महीनो की कठिन तपस्या के पश्चात भगवान शंकर से “फोटू अपलोड भवः” का वरदान प्राप्त किया ! तब जाकर उनकी फोटू ब्लाग पर अपलोड हुई है ! यह बात आप किसी और को मत बताना ! क्योंकि मिश्रा जी बुरा मान जांयेगे यह उनका निजि मामला है !

हां, बात जागरण में मेरी फोटू देने की चल रही थी ! यहां फिर दिमाग ने काम करना बन्द कर दिया ! अरे ब्लाग पर जो मेरी फोटू लगी है वो भी कोई फोटू है ! पुरानी, बासी, सडी हुई ! फोटू है या “सादा जीवन उच्च विचार” का पोस्टर ! नहीं-नहीं यह फोटू मैं वहां नही भेज सकता ! भई, मैं ब्लागस्टार हूं !
झट से पत्नी को आवाज लगाई ! पत्नी के साथ-साथ मेरे व्यंग आदमी की पूंछ की तर्ज पर मेरी पूंछ यानि तीनों बेटियां भी अन्दर आ गईं ! मैंने पत्नी से पूछा – “घर में कोई मेरी अच्छी सी फोटू है ? जागरण में भेजनी है !”

“यह क्या गंवारों जैसी भाषा बोलते रहते हो !” पत्नी फोटू शब्द पर भडक उठी – “फोटो नहीं कह सकते क्या ?”
”अरी भागवान, “फोटू” शब्द जागरण जंक्शन का ट्रेडमार्क है ! इसी शब्द से पह्चान होती है कि हम इस ब्लाग के लिखाडी हैं !” मैंने पत्नी को समझाया – “जैसे कि कोई बडा-पाव की बात करते हुए ‘इधर कायकू जाता’ बोले तो पता चल जाता है कि आदमी मुम्बई में झख मार कर आया है ! ‘केम छो, मज़ा मा छो’ कहते ही गुजरात के मोदी साहब याद आने लगते हैं ! वो कौन सा गाना है ‘अमी तुमाको भालो भाशी’ गाते ही बंगाल के रसगुल्ले आंखों के सामने नाचने लगते हैं ! मक्की की रोटी और सरसों का साग तो हमारे प्यारे पंजाब की शान है, पह्चान है इसी प्रकार से जागरण जंक्शन में “फोटू” कहने का रिवाज़ है !”
मेरे इतने लम्बे-चौडे लैक्चर को सुनकर पत्नी बोर हो गई और आंखे तरेर कर बोली – “आपकी कोई नई-नई शादी हुई है क्या जो आपकी फोटो घर में सजा कर रखी होगी !”

कोई बात नही, जागरण के लिए हम नई फोटू खिंचवायेगें ! सोचते ही मुंह पर हाथ फेरा तो गालों पर कील जैसे उभरे बाल चुभने लगे ! ओह आज मैंने शेव नहीं की करता भी कैसे ? आज तो मंगलवार है ! हनुमान जी का दिन ! मैं मंगलवार को शेव नहीं करता ! अब क्या होगा ? ये जागरण वाले भी दिन-वार नहीं देखते ! जब जी में आया मेल भेज दी !

तभी मेरा बडा दामाद दूर से ही प्रणाम करने की मुद्रा में झुका-झुका सा आया ! अकड के चलने वाला जवाई राजा भी आज गले लग कर मिला ! बडा अच्छा लगा बडी बेटी पास आकर बोली–“क्या बात है पापा, आप कुछ परेशान से लग रहे हैं ?”

मैंने फोटो वाली समस्या बताई और मंगलवार होने के कारण शेव भी न करवा सकने की मजबूरी जताई ! शक्ल देखकर छोटी बेटी बोली – “पापा आपकी तो कटिंग भी होने वाली है !”

“आपके सारे बाल सफेद हुए पडे हैं !” पत्नी ने याद दिलाया – “डाई भी नहीं लगाई बुड्डे कहीं के !”
पत्नी ने जैसे मेरी दुखती पूंछ पर पैर रख दिया था ! उसके बुड्डे कहने पर मैं भडक उठा ! “बुड्डे होंगे तुम्हारे रिस्तेदार ! इसी ब्लाग पर मेरा व्यंग अभी तो मैं जवान हूं’ तुमने नहीं पढा क्या ? नहीं पढा तो अभी पढो !” क्या आपने भी नहीं पढा ? अरे भाई, मैंने नवीन जी को भी बताया था कि रचन के अंत में जहां पोस्ट योर कमेंट्स लिखा होता है उसके दांई ओर प्रिवियस का बटन है उसे क्लिक कर दें सारी पिछली रचनांए एक एक करके आती जांयगी ! पढिए, मज़े लिजीए और राय दीजिए !

“फिकर नाट पापा ! मैं हूं न ?” यह हमारे दामाद जी के बोलने का अपना स्टाईल है – “आप मेरे साथ चलिए ! ग्रेस वाले को फोन करके मैं अभी एप्वांईंटमेंट ले लेता हूं ! कटिंग, शेव, आई-ब्रो, डाई सब कुछ करवा लेना ! उसके बाद फोटो भी खिंचवा लेंगे”

“ग्रेस ब्यूटी पार्लर तो शहर का सबसे मंहगा पार्लर है ! मैं….भला पार्लर में क्या करने जाऊंगा ?” मैंने सकुचाते हुए कहा ! ”मैं सब संभाल लूंगा ! आप औरतों की तरह शरमाना छोडिये और मेरे साथ कार में चलिए ! फिकर नाट ! मैं हूं न ?” दामाद जी ने फिर कहा !

अब शरमाने के भी अलग-अलग तरीके होते हैं क्या ? मर्दों की तरह कैसे शरमाते हैं मुझे पता न था ! सो चुपचाप दामाद जी की स्विफ्ट डिज़ायर कार में बैठ गया

खुदा-खुदा करके सब काम निपटा कर हम फोटू लेकर घर आ गए ! झट से मेल खोलकर पूरा विवरण भर कर फोटू अटैच करके सेन्ड कर दी ! सिर से एक बोझ सा उतर गया ! परंतु दिल को तसल्ली नहीं हुई ! दोबारा मेल खोल कर देखा ! फिर पढा ! फिर देखा ! ऐसा कई बार करना पडा क्योंकि दिल को तसल्ली ही नही होती थी ! सोचा इसमें थोडी और सिमिट्री बनाकर ज़रा और ज्यादा खूबसूरत ढंग से भेजनी चाहिए ! फिर उसमें थोडी तबदीली की और झट से सेन्ड का बटन दबा दिया ! ओह, बटन दबाने के बाद याद आया कि इसके साथ अटैचमेंट तो भेजी ही नहीं ! सारी मेहनत दोबारा की और अपनी फोटू अटैच करके मेल भेज दी !
तभी छुटकी बिटिया आ गई ! आते ही बोली – “पापा, लाईये मैं आपकी मेल चेक करूं कि उन्होंने आपके बारे में क्या लिखा है !” वो मेल चेक करने लगी ! मैं पास ही स्टूल पर बैठ गया ! बेटी ने सारी मेल ध्यान से पढी ! अंत में एक नोट लिखा था –

नोट: ये मेल आपको जागरण जंक्शन ब्लॉग स्टार कॉंटेस्ट के लिए चयनित टॉप 20 ब्लॉग्स के संदर्भ में भेजी जा रही है. इसका ये अर्थ कतई नहीं है कि आपको विजेता मान लिया गया है. !

मुझे काटो तो खून नहीं ! बेटी मेरी शक्ल देखने लगी ! मुझे कोई कुंआ समझ में नही आ रहा था जहां जाकर मैं अपना मुंह छुपांऊ ! मैंने तो पूरी मेल पढी ही नहीं थी ! मैं तो अपने आप को ही ब्लागस्टार समझ रहा था ! मैं तो कहीं मुंह दिखाने लायक नही रहा ! मैं आफिस के लोगों का सामना कैसे करूंगा ! मैं तो लुट गया ! मैं बरबाद हो गया ! हिसाब लगा कर देखा तो मेरे लगभग 35 हज़ार रूपये गर्क हो चुके थे !

सावधान ! अब मैं सभी ब्लागरों से कह रहा हूं कि मेरे आगे आने की कोई भी हिम्मत न करे ! अब तो मुझे ही ब्लागस्टार बनना पडेगा ! इसलिए अब कोई भी अपनी दावेदारी न जताए ! वरना धर्मेन्द्र का डायलाग आपको याद है न “……? मैं तेरा खून पी जाऊंगा !” चाहे “……..? का खून पीने के बाद मुझे फांसी की सज़ा क्यों न हो जाय ! मुझे पता है कि फांसी की सज़ा मिलने के बाद भी फांसी नहीं हो सकती ! क्योंकि सरकार के पास फांसी देने के लिए जल्लाद ही नहीं है ! मैंने अपनी कविता “मुझे जल्लाद बना दो” में सरकार को जल्लाद बनाने का आवेदन पत्र दिया था पर्ंतु अभी तक कोई जवाब नहीं आया !
इसके साथ ही मैं जागरण वालों को भी चेतावनी देना चाहता हूं कि जागरण वालों यदि चैन से सोना है तो जाग जाओ ! पहला ईनाम मेरे नाम कर दो वरना अदालती कारर्वाही के सारे हर्जे-खर्चे के आप जिम्मेदार होगे !

राम कृष्ण खुराना

99889-27450

http://khuranarkk.jagranjunction.ocm

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