blogid : 313 postid : 3146

गया जमाना जीरो साइज फिगर का अब तो....!!!

Posted On: 17 Aug, 2012 Others में

जिएं तो जिएं ऐसेरफ्तार के साथ तालमेल बिठाती जिंदगी में चाहिए ऐसे जीना जो बनाए आपको सबकी आंखों का नूर

Lifestyle Blog

894 Posts

831 Comments

निशा के अभिभावक उसकी खानपान से जुड़ी आदतों को लेकर बहुत परेशान रहते हैं. उनकी चिंता का सबसे बड़ा कारण निशा का हर चीज में कैलोरी की मात्रा को गिनना है. वह संतुलित और उचित आहार से ज्यादा इस पर ध्यान देती है कि कितना खाने से उसके शरीर में कितनी कैलोरी जाती है. अपनी कॉलेज की सहेलियों के साथ ना जाने उसकी कौन सी प्रतिस्पर्धा चल रही है जो वह अपना अधिकांश ध्यान अपने कपड़ों और मेक-अप पर ही देती है.


girls doing make upमीनाक्षी की आदतें भी अब कुछ ऐसी ही हो गई हैं. बारहवीं कक्षा में आते ही उसने जैसे खाने को अलविदा ही कह दिया है. वह बहुत नपातुला खाना खाती है. उसे इस बात से कोई अंतर नहीं पड़ता कि खाना ना खाने से उसका शरीर कमजोर पड़ता जा रहा है. इतना ही नहीं उसका परिवार इसीलिए भी परेशान है क्योंकि अब वह अपनी सारी पॉकेट मनी मेक-अप के समान पर उड़ा देती है.

Read – पार्टनर पर शक करते हैं क्या !!!


इस आयुवर्ग में निशा और मीनाक्षी अकेली ऐसी युवतियां नहीं हैं जो खुद को स्लिम और खूबसूरत रखने के लिए डायटिंग का सहारा लेती हैं. अमरीकी शोधकर्ताओं का कहना है कि अधिकांश युवतियां जब कॉलेज जाने की उम्र तक पहुंचती हैं तो उनका सारा ध्यान वजन कम करने और आकर्षक बनने पर केंद्रित हो जाता है.


girlयुवा नहीं समझते पोषक तत्वों की महत्ता

स्ट्रैटेजिक कम्यूनिकेशन की सह-प्रोफेसर मारिया, प्रोफेसर ऑफ थियेटर सुजैन और मिसोरी विश्वविद्यालय के छात्रों ने अपने एक साझा अध्ययन के द्वारा यह जानने की कोशिश की है कि एक समय बाद युवतियां अपने बाहरी व्यक्तित्व को किस तरह बदलने की कोशिश करती हैं और साथ ही उनसे संबंधित टी.वी. पर आने वाले विज्ञापन उन पर क्या प्रभाव डालते हैं.


अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि किशोर और युवा लड़कियां अपने खानपान में कैलोरी की मात्रा पर सबसे ज्यादा ध्यान देती हैं और इसका संबंध बिलकुल शरीर के लिए आवश्यक संतुलित आहार से नहीं होता. मारिया का कहना है कि जब भी खाने की बात आती हैं तो युवतियां पोषक तत्वों की ओर ध्यान नहीं देतीं.

Read – नौकरी करें या बच्चों की परवाह


मोसोरी विश्वविद्यालय के प्रवक्ता के अनुसार इस शोध के अंतर्गत कॉलेज जाने वाले युवक-युवतियों के अलावा उनके अभिभावकों को भी शामिल किया गया. जिससे यह पता चला कि युवावर्ग के लोगों का कम सोना, न्यूनतम खाना, अत्याधिक व्यायाम करना उनके अपने शरीर को किस तरह प्रभावित करता है.


मॉडल की तरह दिखने के लिए भोजन छोड़ती हैं युवतियां

मारिया का कहना है कि इस रिसर्च के दौरान बहुत सी युवतियों का कहना था कि हालांकि वो इस बात को बहुत अच्छी तरह जानती और समझती हैं कि टी.वी. पर दिखने वाली मॉडल वास्तव में न तो इतनी सुंदर होती हैं और ना ही उनकी काया इतनी अधिक छरछरी होती है लेकिन फिर भी वह इस बात को मानती हैं कि लोग ऐसी ही महिलाओं को पसंद करते हैं इसीलिए उन्हें भी उन्हीं की तरह दिखना है.


इस शोध के अंतर्गत कुछ विशेषज्ञों की राय भी ली गई जिनका कहना था कि समय की कमी और खानपान का अनुचित वातावरण भी कॉलेज जाने वाले लोगों को असंतुलित आहार ग्रहण करने के लिए उकसाता है. शोधकर्ताओं का कहना है कि अच्छा खाना बनने और खाने में समय लगता है और जिन लोगों की दिनचर्या अति व्यस्त होती है उनके पास इतना समय नहीं होता कि वे पोषक खाने को प्रमुखता दे सकें. कॉलेज जाने वाले बच्चे व्यस्त होते हैं इसीलिए वह अपने खाने को ज्यादा महत्व नहीं देते.


भारतीय युवाओं की मानसिकता

उपरोक्त अध्ययन को अगर हम भारतीय परिदृश्य के अनुसार देखें तो भी यह सर्वे और इसकी स्थापनाएं शत-प्रतिशत सही साबित होती हैं. आप इस बात को नकार नहीं सकते कि आज के युवाओं में पहले की अपेक्षा खुद को आकर्षक दिखाने की होड़ ज्यादा दिखाई देने लगी है. पहले जहां कॉलेज जाने का अर्थ पढ़ाई से होता था वहीं आज कॉलेज फैशन हब बन गए हैं. फैशन की शुरुआत ही आजकल कॉलेज से ही होती है. डायटिंग करना, जिम जाना और मेक-अप पर पैसे खर्च करना आज के युवाओं की प्राथमिकता बन गई है.


आज के समय के मद्देनजर भले ही खुद को दूसरों से बेहतर साबित करना एक जरूरत बन गया है लेकिन यह किस सीमा तक हो यह बात विचारणीय है. अपने स्वास्थ्य और भविष्य की एवज में सुंदरता और आकर्षण कितना उपयोगी है यह बात स्वयं हमें ही सोचनी होगी.

Read – लड़कों को पटाने का बेस्ट तरीका



Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 4.50 out of 5)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग