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वाह! ट्रेन में लें सकते हैं यात्री हवाईजहाज का मजा

Posted On: 21 Dec, 2015 Others में

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जापान की तकनीक का कोई जवाब नहीं है. आप सभी जानते हैं कि जापान की मदद से भारत बुलेट ट्रेन को विकसित करने जा रहा है लेकिन जापान के लिए बुलेट अब पुरानी बात हो गई है. कुछ साल पहले जापानी वैज्ञानिकों ने एक ऐसी ट्रेन विकसित की थी जिसमें हवाई जहाज की तरह पंख लगे हैं और यह ट्रेन अपने ट्रैक के ऊपर से चलती है. यानी हवा में उड़ती है. इन सबसे आश्चर्य की बात यह है कि यह ट्रेन स्वचालित है. हालांकि इस तकनीक को निकट भविष्य में और विकसित करने की योजना है. साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि ट्रेन की यह तकनीक भविष्य की जरुरत बन जाएगी.


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तोहोकू विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की टीम का कहना है कि इस ट्रेन को पटरी और हवा में चलने योग्य बनाया गया है. यह ट्रेन विशेष तकनीक के जरीए प्रोटोटाइप बन गई है. जब ट्रेन अपनी पूरी गति में चलती है तब ट्रेन की पटरी से सम्पर्क नहीं होता है. यह ट्रेन अपनी तेज गति के लिए अन्य सभी ट्रेन से इसे बेहतर मानी जाती है. इतना ही नहीं, इसमें कई ऐसी तकनीक का उपयोग किया गया है जिसे कम ऊर्जा में भी तेज गति से चलाया जा सकता है.


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लेकिन नवीनतम तकनीक से बनी इस क्रांतिकारी ट्रेन के साथ एक समस्या है. इस ट्रेन की समस्या है उसके पंख. क्योंकि यह ट्रेन जमीन की सतह से ज्यादा ऊपर नहीं होती है इस कारण ट्रेन के समानांतर खड़े वाहनों को नुकसान हो सकता है. हालांकि यह तकनीक पहले भी इस्तेमाल किया जा चुका है. मैग्लेव ट्रेन इसी का एक उदाहरण है.  शक्तिशली एलेक्ट्रोमाग्नेट की मदद से मैग्लेव ट्रेन ट्रैक से ऊपर चलती है. मैग्लेव ट्रेन के साथ सबसे बड़ी तकनीकी समस्या यह है कि ट्रैक और ट्रेन के बीच का विरोधी बल अधिक है.



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इन सबके बीच जापानी तकनीक बेहतर है. जापान का यह नया ट्रेन मैग्लेव ट्रेन से कई मायने में बेहतर माना जा रहा है. यदि जापान की यह तकनीक पूरी तरह से सफल रही तो एशिया उपद्दीप में ट्रेन की आधुनिक दुनिया में एक बहुत बड़ी क्रांति होगी. पहली वाणिज्यिक मैग्लेव ट्रेन लोगों के लिए 1984 में बर्मिंघम में शुरू की गई थी. ट्रेन के आधुनिकरण और इसकी रफ्तार के लिए दुनिया भर के वैज्ञानिक लगातार काम कर रहें हैं.Next…


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