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क्या पुरुषों को ही याद आता है अपना पुराना प्यार ?

Posted On: 15 Dec, 2011 Others में

जिएं तो जिएं ऐसेरफ्तार के साथ तालमेल बिठाती जिंदगी में चाहिए ऐसे जीना जो बनाए आपको सबकी आंखों का नूर

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men thinkingपुरुषों के विषय में अकसर ऐसा समझा जाता है कि वे अपने साथी के प्रति समर्पित या प्रतिबद्ध नहीं रहते. अगर उन्हें अवसर मिले तो वे प्रेम या वैवाहिक संबंध में भी धोखा देने से नहीं चूकते. पुरुषों की इस आदत और स्वभाव के कारण महिलाएं बहुत चिंतित रहती हैं. विशेषकर प्रेमिका को हमेशा अपने प्रेमी से यही शिकायत रहती है कि जब उसे कोई बेहतर लड़की मिल जाएगी तो वह उसे भूल जाएगा. और जब किसी कारणवश उन दोनों का ब्रेक-अप हो जाता है या किसी अन्य युवती के साथ उनके प्रेमी का विवाह हो जाता है तो प्रेमिका हमेशा यही सोच-सोचकर परेशान रहती है कि उनका पूर्व प्रेमी अपनी पत्नी या नई प्रेमिका के साथ इतना ज्यादा व्यस्त है कि अब उसे याद ही नहीं करता.


लेकिन हाल ही में हुआ एक अध्ययन और उसकी स्थापनाएं ऐसी निराश पूर्व प्रेमिकाओं को तो खुश होने का मौका दे सकता है लेकिन उसके साथ ही पत्नियों और नई प्रेमिकाओं को थोड़ा चिंताग्रस्त बना सकता है.


इस नए ब्रिटिश सर्वे द्वारा यह तथ्य सामने आया है कि पुरुष कभी भी अपनी पूर्व प्रेमिकाओं को नहीं भूलते. अगर आप ऐसा सोच रहे हैं कि केवल वे पुरुष जो अपने वैवाहिक जीवन से संतुष्ट नहीं हैं बस वही अपनी पुरानी गर्ल-फ्रेंड से जुड़े स्वप्न देखते हैं तो आपको यह जानकर थोड़ी हैरानी हो सकती हैं, ऐसे पुरुषों में ज्यादातर पुरुष वे हैं जो एक खुशहाल और बहुत खुशहाल वैवाहिक जीवन व्यतीत कर रहे हैं.


इस शोध पर चिकित्सीय मनोवैज्ञानिक पुल्कित शर्मा का कहना है कि महिलाओं और पुरुषों के सोचने और स्वप्न देखने जैसे विषयों में बहुत ज्यादा अंतर होता है. रोमांस पुरुषों की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रहता है. वह कभी इस बात को सहन नहीं कर सकते कि उनकी गर्ल-फ्रेंड किसी अन्य व्यक्ति के लिए उन्हें छोड़ दे. इसीलिए सपने में ही सही वह उसे हासिल करने के विषय में सोचते हैं. वह शारीरिक आकर्षण को भी बहुत महत्व देते हैं, वहीं विवाह के पश्चात महिलाओं के जीवन में सिर्फ पति और परिवार ही मायने रखता है. इसके अलावा जब वे किसी प्रेम-संबंध में बंधती हैं तो वह अपने प्रेमी के सिवाय किसी दूसरे के विषय में नहीं सोचतीं.


एक अन्य मनोवैज्ञानिक अवदेश शर्मा का कहना है कि इस शोध के नतीजों से घबराने की कोई जरूरत नहीं है. अगर पुरुष सपने में अपनी प्रेमिका को देखता या उसे याद करता है तो इसका कतई अर्थ यह नहीं है कि वह वास्तविक जीवन में भी उसे पाने की कोशिश करेगा. जब तक पुरुष एक स्वस्थ वैवाहिक जीवन व्यतीत करता है या अपनी नई प्रेमिका के साथ खुश है तो वह कभी अपने अतीत की ओर नहीं जाएगा.


स्वाभाविक है कि इस शोध के बाद अधिकांश पत्नियां और प्रेमिकाएं अपने पति पर संदेह करने लगेंगी, लेकिन अगर यह संदेह बेवजह हुआ तो निश्चित तौर पर इसका दुष्प्रभाव आपके वैवाहिक जीवन और पति का आपके प्रति समर्पण भाव पर पड़ेगा. ऐसे में सिर्फ इस शोध को आधार मान कर अपने वैवाहिक जीवन की खुशहाली को आहत करना किसी भी रूप में हितकारी नहीं कहा जा सकता.


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