blogid : 313 postid : 955

परवरिश का असर पड़ता है दाम्पत्य जीवन पर

Posted On: 28 Feb, 2011 Others में

जिएं तो जिएं ऐसेरफ्तार के साथ तालमेल बिठाती जिंदगी में चाहिए ऐसे जीना जो बनाए आपको सबकी आंखों का नूर

Lifestyle Blog

894 Posts

831 Comments

child-careकिसी भी व्यक्ति के चारित्रिक व्यवहार में सबसे बड़ा हाथ उसकी परवरिश का होता है. अगर व्यक्ति की परवरिश अच्छी तरह होती है तो उसका स्वभाव भी अच्छा होता है.


लोगों की परवरिश का प्रभाव उनके दांपत्य जीवन में भी पड़ता है. अगर शादी के बाद जोड़े आपस में लड़ते हैं तो इसके लिए आपका साथी नहीं बल्कि आपकी परवरिश जिम्मेदार होती है क्योंकि आपका चरित्र आपके स्वभाव से जुड़ा होता है और किसी का स्वभाव एक दिन में नहीं बनता वह तो बचपन से इस विशेष रूप को धारण करने लगता है. लोगों के चरित्र में परवरिश के अलावा अपने माता- पिता और सगे संबंधियों का भी बहुत ज़्यादा प्रभाव होता है क्योंकि हम वही अनुकरण करने की कोशिश करते हैं जो हमारे बड़े करते हैं.


मिनीसोटा यूनिवर्सिटी के मनोवैज्ञानिकों द्वारा कराए गए एक शोध से भी यह पता चलता है कि शादीशुदा जीवन में परवरिश का बहुत ज़्यादा प्रभाव होता है. इस शोध की सार्थकता सिद्ध करने के लिए शोधकर्ताओं ने 70 के दशक में जन्मे सैकड़ों शादीशुदा जोड़ों पर परवरिश के प्रभाव का पता करने के लिए एक शोध किया.


इस शोध के बाद मनोवैज्ञानिकों ने पाया कि किसी भी व्यक्ति की अपने साथी के साथ मतभेद दूर करने या फिर तनावपूर्ण माहौल से निपटने की क्षमता इस बात पर निर्भर करती है कि बचपन में उसकी परवरिश कैसी रही है. अगर बचपन में उसके अपने माता-पिता से संबंध अच्छे नहीं होते या उसकी परवरिश में कमी रहती है तो वह बड़ा होकर भी चिड़चिड़ा रहता है, “दूसरों से खफ़ा-खफ़ा. अतः कहना गलत न होगा कि बचपन की छाप बुढ़ापे तक रहती है.


इस शोध में शामिल शोधकर्ता जेसिका सैल्वाटोर का कहना है कि अगर माता- पिता अपने बच्चे को शुरुआत से परिस्थितियों पर विजय पाने की तालीम देते हैं तो बड़े होकर वह किसी भी परिस्थितियों का खुद से हल ढूंढ सकते हैं. यही नहीं जेसिका का कहना था कि पुरुष की तुलना में महिलाएं गलतियाँ जल्दी माफ़ कर देती हैं.

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 2.50 out of 5)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग