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रिश्ते को सजीव बनाता है पति-पत्नी के बीच का रोमांस

Posted On: 2 Aug, 2011 Others में

जिएं तो जिएं ऐसेरफ्तार के साथ तालमेल बिठाती जिंदगी में चाहिए ऐसे जीना जो बनाए आपको सबकी आंखों का नूर

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romantic coupleआमतौर पर यह माना जाता है कि विवाह के पश्चात दंपत्ति पारिवारिक और व्यावसायिक जिम्मेदारियां निभाने के चलते एक दूसरे को पर्याप्त समय नहीं दे पाते. जहां पहले अपनी व्यस्तता के बीच कुछ रूमानी पल साथ बिताने के लिए कैंडल लाइट डिनर पर जाते थे, एकांत में समय बिताते थे वहीं अब शादी के बाद परिवार के प्रति अपने उत्तरदायित्वों का निर्वाह करते-करते वह अपने बीच के रोमांस और अपनी अपेक्षाओं को गौण कर देते हैं. परिणामस्वरूप शादी के कुछ ही वर्षों बाद पति-पत्नी में रोमांस समाप्त हो जाता है, साथ ही अपने साथी को आकर्षित करने और उनसे करीबी बढ़ाने जैसी प्रवृत्ति उनमें खत्म होने लगती है.


अगर आप भी ऐसी ही किसी परेशानी का सामना कर रहे हैं और अपनी व्यस्तता के चलते अपने साथी के साथ कोई रोमांटिक प्रोग्राम नहीं बना पा रहे हैं, जिसकी वजह से आप दोनों को अपने संबंध में दूरी बढ़ने का अहसास हो रहा है, तो हाल ही में हुए एक शोध के नतीजे आपकी इस परेशानी को दूर करने में काफी हद तक सहायक हो सकते हैं.


एक ब्रिटिश संस्थान द्वारा कराए गए इस सर्वेक्षण पर गौर करें तो यह प्रमाणित हो जाता है कि रसोईघर जिसे अभी तक सिर्फ परिवार के लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था करने के लिए ही उपयुक्त स्थान माना जाता था, वह रोमांस करने के लिए भी एक अच्छी जगह है.


शोधकर्ताओं ने पाया कि लगभग 44% लोग खाना बनाते समय रोमांस करने को अधिक उत्साही और मौलिक मानते हैं. सबसे हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि नव-दंपत्तियों के अलावा अधिकांश ऐसे जोड़ों ने भी इस बात को स्वीकार किया है जिनके विवाह को पंद्रह वर्ष से ज्यादा हो चुके हैं.


उनका मानना है कि कैंडल लाइट डिनर और महंगे होटलों में साथ खाना खाना आपको भले ही यह संतुष्टि दे कि आपने एक दूसरे के लिए समय निकाला, लेकिन एक-दूसरे के साथ कुछ रूमानी पल साथ बिताने और अपनी भावनाओं का परिचय कराने के लिए रसोई में साथ खाना बनाने से बेहतर रोमांस के लिए अच्छा चांस और कोई नहीं हो सकता.


हालांकि यह सर्वेक्षण एक विदेशी संस्थान द्वारा किया गया है लेकिन भारतीय परिदृश्य में ज्यादा उपयुक्त बैठता है. एक तो विदेशों की अपेक्षा यहां काम के घंटे भी ज्यादा हैं और परिवारीजनों की संख्या भी. ऐसे में विवाहित युगल एक-दूसरे के साथ समय बिताने के लिए वक्त निकाल ही नहीं पाते. अगर पति-पत्नी दोनों काम करते हैं, तो उनका अधिकांश समय कार्यक्षेत्र में ही व्यतीत होता है. और अगर गृहणी हैं तो फिर वह घर के कामों में इतनी उलझी रहती हैं कि परिवार की जरूरतों को पूरा करते-करते वह रोमांस जैसी भावनाओं को उपेक्षित कर देती हैं.


पति-पत्नी में अगर रोमांस समाप्त हो जाए तो संबंध निरस हो जाता है. इसीलिए हमारी यह मानसिकता बन गई है कि विवाह के कुछ वर्षों बाद दंपत्ति एक-दूसरे में दिलचस्पी लेना बंद कर देते हैं. इसका कारण यह नहीं है कि उनमें प्रेम या भावनाएं समाप्त हो गई हैं बल्कि समय के साथ उनकी प्राथमिकताएं बदल गई हैं. अगर ऐसे में उन्हें कुछ समय साथ मिल जाए, तो निसंदेह उनका संबंध सजीव हो उठेगा. अगर आप भी इसी भय में हैं कि कहीं आपका संबंध मुर्झा ना जाए और सच में एक दूसरे के करीब आने और कुछ रूमानी पल साथ बिताने के लिए एक अदद अवसर की तलाश में हैं तो कहीं बाहर जाकर खर्चा करने से बेहतर है घर में ही अपनी पत्नी के साथ खाना बनाने में मदद करें. इससे एक नहीं तीन फायदे होंगे. एक तो आप दोनों के बीच समाप्त होते रोमांस को एक बार फिर पनपने का मौका मिलेगा, दूसरा होटल में जाने का खर्चा भी बचेगा, तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण दिन भर की थकी पत्नी को खाना बनाने में आपकी सहायता भी मिल जाएगी.


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