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मुझे आपका नौकर बनना स्वीकार है

Posted On: 22 Nov, 2013 Others में

जिएं तो जिएं ऐसेरफ्तार के साथ तालमेल बिठाती जिंदगी में चाहिए ऐसे जीना जो बनाए आपको सबकी आंखों का नूर

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जिंदगी रोजमर्रा की तरह चल रही थी. ऐसा नहीं था कि मैं कुछ नया करना नहीं चाहता था पर शायद किस्मत मेरा साथ नहीं दे रही थी. जानता हूं किस्मत को दोषी बना देना सही नहीं पर करता भी तो क्या अपनी मेहनत को मैं परख चुका था. रोशनी की कोई किरण मेरे जीवन में सुख की लहर का आगमन करेगी इस बात की उम्मीद मेरे हृदय के साथ-साथ मेरी आत्मा भी त्याग चुकी थी.


यदि आपकी आत्मा किसी इच्छा का त्याग कर दे तो ऐसे में बेहद कठिन हो जाता है कि हृदय उसी इच्छा के लिए आंखों को सपने देखने के लिए मजबूर करे. यह भावनाएं उस व्यक्ति की हैं जिसके पास ज्ञान की कमी नहीं और ऐसा व्यक्ति जो यह स्वीकार कर चुका है कि उसे आखिरकार किसी का नौकर बन कर ही रहना है इसलिए शायद उसके हृदय ने अपमान शब्द को भी इज्जत शब्द से जोड़कर देखना शुरू कर दिया.

अब दिल में किसी की चाहत नहीं


यह तमाम बातें ‘कर्तव्य’ (बदला हुआ नाम) नाम के पुरुष ने हमसे नहीं कही पर जब उसने यह कहा कि ‘नौकरी का अर्थ ही गुलामी करना है’ तो हमने शुरुआत में उसके नजरिए को उपर्युक्त लिखी गई बातों से जोड़कर देखना शुरू कर दिया पर उसकी बात के सही अर्थ का ज्ञान तब हुआ जब ‘कर्तव्य’ ने कहा कि ‘हम बड़े गर्व से कहते हैं कि हम इज्जत की नौकरी करते हैं. ‘इज्जत’ और ‘नौकरी’ दोनों शब्दों का अर्थ ही एक-दूसरे से भिन्न है फिर भला हम कैसे नौकरी शब्द को इज्जत से जोड़कर देखते हैं. जब आप किसी के यहां नौकरी करने जाते हैं तो इसका सीधे तौर पर अर्थ यही है कि आप उसकी गुलामी को स्वयं अपनी इच्छा से स्वीकार कर लेते हैं’.


self confidenceइस वाक्य के बाद यह साफ था कि कर्तव्य नाम का व्यक्ति अपनी जिंदगी से हारा हुआ व्यक्ति नहीं है बल्कि वो उन व्यक्तियों में से है, जो रोजमर्राकी जिंदगी में भी एक नई सोच की तलाश में लगे रहते हैं. ‘कर्तव्य’ की सच्ची कहानी आपको बताने का मात्र उद्देश्य यह था कि आपके मन के भीतर भी यह सोच जाग्रत हो कि जब आप किसी के यहां नौकरी करते हैं तो आप स्वयं अपनी इच्छा से गुलामी शब्द को अपनी जिंदगी का आधार बनाते हैं. इसलिए ऑफिस में काम करने वाला हर व्यक्ति मालिक के लिए केवल एक कर्मचारी है भले ही कुछ व्यक्ति मालिक के नजदीक क्यों ना हों पर आखिरकार उनकी गिनती कर्मचारियों की लिस्ट में ही होगी.



नौकरी शब्द को गुलामी से जोड़कर दिखाने का उद्देश्य कदापि यह नहीं है कि आपको आपकी जिंदगी में हताशा की ओर ले जाना बल्कि इस नजरिए से आप अपने मन के भीतर एक नई सोच जाग्रत कर सकते हैं कि आप अपने लिए कुछ नया करने का प्रयास करें और यही प्रयास आपको एक दिन उस मंजिल तक पहुंचाएगा जिस बात की आपने कल्पना भी नहीं की होगी.

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