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जब आने लगे प्रेम संबंध में कडवाहट !!

Posted On: 2 Nov, 2011 Others में

जिएं तो जिएं ऐसेरफ्तार के साथ तालमेल बिठाती जिंदगी में चाहिए ऐसे जीना जो बनाए आपको सबकी आंखों का नूर

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conflict between husband and wifeसफल प्रेम संबंध को व्यक्ति के खुशहाल जीवन की ओर पहला कदम समझा जाता है. प्राय: देखा जाता है कि वे लोग जो अपने साथी को लेकर पूरी तरह आश्वस्त और अपने संबंध के भविष्य के प्रति निश्चिंत रहते हैं वह उन लोगों की तुलना में ज्यादा प्रसन्न रहते हैं जिनका प्रेम संबंध बहुत बुरे दौर से गुजर रहा है. यही कारण है कि जहां एक खुशहाल प्रेम संबंध आपके लिए खुशहाली और सफलता के रास्ते खोल देता है वहीं एक बुरा अनुभव आपके व्यक्तित्व को इस कदर चोट पहुंचाता है कि आपको खुद को संभालने में ही काफी समय लग जाता है. हालांकि प्रेम-प्रसंग हमेशा ही समस्याओं और विवादों के साये में घिरा रहता है लेकिन जब यह समस्याएं आपकी खुशियों और स्वाभिमान को आहत करने लगें तो ऐसे संबंधों से पीछे हट जाना ही बेहतर विकल्प है. आपके संबंध का भविष्य स्थायी है या नहीं इसे आपको खुद ही निर्धारित करना पड़ता है.


आमतौर पर देखा जाता है कि प्रेम संबंध में रहने वाले जोड़े में एक व्यक्ति तो हर समय अपनी प्रतिबद्धता और समर्पण का परिचय देता रहता है लेकिन दूसरा व्यक्ति उसकी भावनाओं को महत्व नहीं देता. दूसरे व्यक्तियों से उसकी तुलना करना उनका स्वभाव बन जाता है. निश्चित तौर पर यह प्रवृत्ति दूसरे व्यक्ति को ठेस पहुंचाती है. अगर आप का साथी भी आपकी भावनाओं की कद्र नहीं करता या आपको अपेक्षित महत्व नहीं देता, तो निःसंदेह आपके संबंध के लिए ऐसे परिस्थितियां सही नही हैं. निम्नलिखित बिंदुओं को पढ़ने के बाद आप शायद इस बात को जान सकें कि आपका संबंध अब बोझ बन चुका है जिसे जितनी जल्दी समाप्त किया जाए उतना अच्छा है.


  • अगर आपको लगता है कि आपका साथी और आप एक-दूसरे के साथ अपने संबंध से संतुष्ट नहीं हैं या पारस्परिक भावनाओं जैसी कोई चीज आपके बीच में नहीं है तो बेहतर है अपने संबंध को यहीं समाप्त कर दें.
  • आपका साथी आपके शौक और आदतों को स्वीकार नहीं करता, संबंध में बंधने के बाद आपका निजी जीवन पूरी तरह समाप्त हो गया है तो जितनी जल्दी हो सके ऐसे संबंध को त्याग दें.
  • पारस्परिक सहयोग और समझौता एक रिश्ते के लिए बहुत जरूरी है, लेकिन अगर हर बार समझौता आप ही को करना पड़ता है और आपका साथी हमेशा आपसे ही त्याग भावना की उम्मीद करता है तो निश्चित तौर पर यह आपके स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने वाला है. एक सीमा तक तो सब ठीक रहता है लेकिन उसके बाद आपके भीतर स्वयं को निम्न समझने जैसी भावनाएं विकसित होने लगेंगी. बेहतर है ऐसे हालात पैदा ही ना होने दें और अपने साथी को गुडबाय कह दें.
  • अगर आपका साथी हर समय आपके कपड़ों या बाहरी व्यक्तित्व की तुलना अन्य व्यक्तियों के साथ करता है तो यह संबंध के लिए एक अच्छा लक्षण नहीं है.
  • आप अपने साथी के लिए खुद को पूरी तरह बदल चुके हैं. आप वहीं करते हैं जो उसे अच्छा लगता है तो निश्चित तौर पर यह आपके व्यक्तित्व के लिए पूरी तरह नकारात्मक है.
  • आप अपने साथी के साथ समय बिताने के लिए बहाने खोजते हैं या उनसे दूर रहने के लिए? पहले इस प्रश्न का उत्तर ढूंढिए.
  • संबंध में मनमुटाव या मतभेद पैदा होना कोई बड़ी बात नहीं है. लेकिन एक स्वस्थ संबंध की पहली शर्त है कि दोनों व्यक्ति कितनी गंभीरता से उन मतभेदों को सुलझाने का प्रयास करते हैं. अगर आप दोनों अपने मतभेदों को सुलझाने का प्रयत्न नहीं करते तो ऐसे संबंध का कोई औचित्य नही है. यह साफ दर्शाता है कि आप दोनों अपने संबंध के लिए गंभीर नहीं हैं.
  • अगर आपका साथी आपके दोस्तों को इज्जत नहीं देता या उनके साथ गलत व्यवहार करता है तो हो सकता है.
  • आप एक समय तक उसका यह व्यवहार सहन कर लें लेकिन लंबी अवधि में यह किसी भी रूप में कारगर सिद्ध नहीं हो सकता.
  • आखिरी और सबसे जरूरी, अगर आप दोनों एक-दूसरे को उचित मान-सम्मान नहीं देते या एक-दूसरे की प्रसिद्धि से जलते हैं तो ऐसे संबंध को जल्द-से जल्द समाप्त कर देना ही बेहतर है.

अगर आप उपरोक्त में से किसी भी एक समस्या को लेकर परेशान हैं लेकिन फिर भी किसी नतीजे पर पहुंचने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं तो ध्यान रखिए कि कभी-कभी अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ना चाहते हुए भी ऐसे फैसले करने पड़ते हैं जो भले ही आज कष्ट पहुंचाएं लेकिन आगामी समय के लिए बेहतर निर्णय साबित हो सकते हैं.


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