blogid : 1016 postid : 639160

नरेंद्र मोदी इस लायक नहीं हैं की उन्हें हिंदुस्तान का वजीरे आलम बनाया जाए

Posted On: 3 Nov, 2013 Others में

loksangharshaजनसंघर्ष को समर्पित

loksangharsha

129 Posts

112 Comments

सभी अमेरिकी हिन्दुस्तानियों का कहना था कि नरेंद्र मोदी इस लायक नहीं हैं की उन्हें हिंदुस्तान का वजीरे आलम बनाया जाए यह बात अमेरिका में एक जलसे को खिताब करते हुए संसद सदस्य मोहम्मद अदीब से हिंदुस्तानी अमेरिकियों ने कहा।
भाजपा से वजीर-ए-आजम के उम्मीदवार व गुजरात ले वजीरे आला नरेंद्र मोदी के खिलाफ मजबूती से आवाज बुलंद करने वाले संसद सदस्य मोहम्मद अदीब ने अमेरिका में रहने वाले हिन्दुस्तानियों से खिताब करते हुए उन्हें यकीन दिलाया कि हिंदुस्तान एक सेक्युलर और जम्हूरी मुल्क है। जहाँ फिरका परस्तों के लिए कोई जगह नहीं है. लिहाजा हम हिंदुस्तान के सेक्युलर अवाम कि तरफ से यह यकीन दिलाते हैं कि 2014 में नरेंद्र मोदी को शिकस्त होगी और मुल्क में सेक्युलर नजरिये की हुकूमत कायम होगी। ख्याल रहे कि मोहम्मद अदीब 20 अक्टूबर से 15 दिनों के लिए अमेरिकी दौरे पर हैं। और वह 5 नवंबर को वतन वापस लौटेंगे वह हिंदुस्तानी नुमाइंदे की हैसियत से संयुक्त राष्ट्र संघ की जनरल असेंबली में शिरकत के लिए गए हैं।
जनरल असेंबली के अपने खिताब में क्यूबा के ऊपर लगायी गयी पाबन्दी का पुरजोर मुतालबा किया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ के अलावा कई बड़े जलसों में शिरकत की और उन्होंने कहा कि अमेरिका में रहने वाले हिन्दुस्तानियों को इस बात की फ़िक्र हैं कि नरेंद्र मोदी जैसे शख्स को हिंदुस्तान की जिम्मेदारी सौंप दी गयी तो इस सेक्युलर मुल्क का क्या होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी हिन्दुस्तानियों का यह मानना है कि सेक्युलर नजरिया रखने वाले लोगों को बहुत सोच समझ कर फैसला करना चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र संघ की जनरल असेंबली से मुखातिब हुए उन्होंने कहा कि क्यूबा पर अमेरिका ने ईरान कि ही तर्ज पर गुजिस्ता 21 वर्षों से आर्थिक पाबन्दी लगा राखी है जिसकी वजह से वहाँ कि अर्थ व्यवस्था के हालात बदतर हैं। अदीब ने कहा की अमेरिका कि तरफ से आयत की गयी पाबन्दी बेबुनियाद व गलत है लिहाजा उसे ख़त्म किया जाना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र संघ के खिताब के बाद उन्होंने अमेरिकी हिन्दुस्तानियों के जरिये डेल्स मुशिगन व नॉर्थ रेले में कई जलसों को खिताब किया। इसी क्रम में न्यू जर्सी व बाल्टीमोर में कई जलसों में भी शिरकत की।

स्रोत्र :
इंक़लाब

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग