blogid : 10271 postid : 1123541

हम सबको तुम छोड़ चले

Posted On: 17 Dec, 2015 Others में

मैं, लेखनी और जिंदगीगीत, ग़ज़ल, बिचार और लेख

Madan Mohan saxena

209 Posts

1274 Comments

हम सबको तुम छोड़ चले

प्रिय मित्रो मुझे बताते हुए बहुत दुःख हो रहा है कि मेरे पिताजी का स्वर्गबास दिनांक २८/११/२०१५ को हो गया। बे अब हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी मधुर स्मृतियाँ और उनका आशिर्बाद हमारे बीच हमेशा बना रहेगा.
भगबान उनकी आत्मा को शांति दे और ईश्वर मुझे और मेरे परिबार को इस दुःख से उबरने में मेरी मदद करे।

हम सबको तुम छोड़ चले ,इस दुनियां से उस दुनियां में
तुम बंधन सारे तोड़ चले ,इस दुनिया से उस दुनियां में

ऐसे भी कोई जाता है ,इस दुनियां से उस दुनियां में
छोड़ बिलखता जाता सबको ,इस दुनियां से उस दुनियां में

संग नहीं कोई जाता है इस दुनियां से उस दुनियां में
जीबित हैं तो जग से नाते ,इस दुनियां से उस दुनियां में

मुक्ति पाकर पहुँच जो जाता , इस दुनियां से उस दुनियां में
बिछुड़ों से मिलना हो जाता ,इस दुनियां से उस दुनियां में

हम सबको तुम छोड़ चले ,इस दुनियां से उस दुनियां में
तुम बंधन सारे तोड़ चले ,इस दुनिया से उस दुनियां में

मदन मोहन सक्सेना

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग