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धन की राजनीती कयूं

Posted On: 29 Apr, 2014 Others में

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Imam Hussain Quadri

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आज बहुत ही अफ़सोस के साथ कहना पड़ता है के आज कोई भी अपने देश या जनता के लिए राजनीती कयूं नहीं करता सिर्फ ज़ात पात और धर्म और निजी मामले पर हमला करना ही राजनीती बन गया है कुर्सी के लिए जो भी किया जाय जितनी दौलत लूटा दिया जाय कोई बात नहीं मगर जिस देश वासियों के नाम पर देशवासियों से वोट माँगा जा रहा है उनकी फ़िक्र किसी को नहीं आखिर कयूं और कब तक होती रहेगी ये धन की राजनीती स्वार्थ की राजनीती कयूं नहीं है पसंद नेताओं को पुरे भारत वासियों की मोहब्बत कयूं नहीं पढ़ते पाठ प्रेम का कयूं देते हैं साहस नफरत का कयूं उगलते हैं ज़हर लोगों के बीच और कयूं करते हैं उत्साहित विवाद के लिए आखिर कयूं नहीं जगता इनका ज़मीर क्यों मिलता है हक़ किसी को किसी एक गरोह या धर्म के लोगों को गाली देने का. जनता कयूं नहीं पूछती मिडिया क्यों नहीं करता बहस कयूं नहीं करता सवाल भाजपा के उन ठीकेदारों से जिनके लोग करते हैं अपने मन और विवाद की बात अगर देश की जनता को कांग्रेस या किसी भी पार्टी के बयान से सार्वजनिक तौर पर ठेस पहुँचता है तो उसे कयूं नहीं बंद किया जाता है क्यों उसे छोर दिया जाता है आज़ाद परवीन तोगड़िया की बातें कयूं होती हैं एक समाज एक धर्म के खिलाफ आखिर मक़सद किया है इन लोगों का इस पर जनता क्यों नहीं सोचती सोचती है मगर इन्हे पुरे तौर पर सोचने नहीं दिया जाता गिरिराज ने पाकिस्तान जाने की सलाह दी किया सिर्फ मुस्लिमों को नहीं उन्हों ने उन तमाम भारत वासियो को कह दिया जो भाजपा या नमो की हिमायत नहीं करती परवीन तोगड़िया सिर्फ लड़ने के इलावा दूसरा कोई बात ही नहीं करते आखिर कयूं सबको अपनी पार्टी प्यारी है मैं नहीं कहता के कांग्रेस अच्छी है या बुरी भाजपा अच्छा है या ख़राब बुराई पार्टी के नाम में नहीं बल्कि व्यक्ति में होती है और किसी को भी उसके खंडन या ज़ात के नाम से पहले जाना तो जाता है ज़रूर मगर जब उसके तरीके या उसके सुभाऊ खानदान या ज़ात के बुरे रवैय्ये को छोड़ कर अच्छे के तरफ कदम उठ जाते हैं तो अब उसके नाम से ही जाना जाता है उसको इज़्ज़त दी जाती है उसका सम्मान किया जाता है उसी तरह आज तक खूब गौर से देखा जाए तो पता चलेगा के भाजपा के अधिकांश नेताओं ने ऐसे ही बयान दिए काम किये जिस से देश का वो हिस्सा वो लोग जो भारत में जन्म लिए भारत पर कुर्बान होते हैं भारत का सम्मान करते हैं क्यूंकि अपने देश से मोहब्बत करना देश पर कुर्बान होना उनके ईमान का हिस्सा है अगर देश से मोहब्बत नहीं देश के लिए जान देने का जज़्बा नहीं देश की हिफाज़त के लिए घर का घर लुटाने की जुर्रत नहीं वो अपने धर्म का नहीं अपने ईश्वर का फरमाबरदार नहीं मगर सबकी निगाहों में एक के वजह से पुरे भारत में रहने वाले मुसलमानो को क्यों गिरी और नफरत की निगाहो से देखा जाता है आखिर क्यों नहीं बदला जाता इस सोच को क्यों नहीं लगाया जाता इस पर लगाम क्यों किया जाता है अपमान कौन है जो इन तमाम बातों पर सोचे पुरे बहरत को एक नज़र से देखे मुरली मनोहर जोशी लाल किरीशन आडवाणी परवीन तोगड़िया अशोक सिंघल और भी बहुत से लोग जिन लोगों ने हमेशा मुस्लिमों को बदनाम किया और अपनी रोटी के लिए आपस में लड़ना चाहा क्यों नहीं लगता लगाम इन पर इसी वजह से आज सिर्फ मुस्लिम ही नहीं बल्कि हर वो इंसान जो एक दूसरे से प्रेम के साथ रहते हैं एक जगह मिल कर बैठते हैं आपस में मोहब्बत बांटते हैं उन लोगों ये गरोह ऐसे नेता पसंद नहीं उसमे हर ज़ात हर धर्म के लोग हैं जो ऐसे लोगों से नफरत करते हैं क्यों के इनकी राजनीती सिर्फ और सिर्फ दौलत और नाम के लिए है हक़ीक़त से कोई वास्ता नहीं हम हिंदुस्तानी हैं रहेंगे और हिंदुस्तानी मरेंगे मगर देश को नफरत की आग में जलने नहीं देंगे ये है भारत वासियों का इरादा और कर्तव्य इस लिए ताक़त की कुर्सी नहीं रुक सकती भारत पर पड़ने वाले हर बुरी नज़र मिट जायेगी क्यूंकि यहाँ सभी तरह के लोगों की पाक रूह और महान लोगों का कृपा है हमारा देश सूफी संतो और पाक लोगों का है यहाँ भेद भाव और नफरत की कोई गुज़र नहीं यहाँ वही होगा कामयाब जो पुरे देश से मोहब्बत करे पुरे भारत के लालों को सीने से लगाये गद्दारों को सबक सिखाये . गांधी का कातिल भी गद्दार राजीव का कातिल भी गद्दार भारत में होने वाले फसाद और लोगों के भीड़ में बोम फाड़ने वाला भी गद्दार देश को अलग अलग हिस्सों में बाँटने वाला भी गद्दार दो समूहों को आपस में लड़ाने वाला भी गद्दार चाहे वो किसी भी ज़ात का हो या धर्म का वो इंसान नहीं दरिंदा है और हमें उस से हुशियार रहना है उसका मुकाबला करना है उसे मुंह तोड़ जवाब देना है चाहे वो जिस पार्टी में हो जिस जाती में हो जिस घाटी में हो .

किसी भी तरह की गलती का छमा चाहूंगा और आपकी राय धन्यवाद .

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