blogid : 2804 postid : 13

मैं, श्रीमतीजी और मेरा वेलेंटाइन !

Posted On: 14 Feb, 2011 Others में

JANMANCHतथ्य कई हैं पर सत्य एक है.

munish

75 Posts

1286 Comments

firstचारों तरफ वैलेंटाइन का उन्माद छाया हुआ है, बागों में बहार छाई है, हवाओं में भी प्रेम का संगीत गुंजायमान है, भँवरे फूलों से अठखेलियाँ रहे हैं, सभी युवा युवतियों से प्रेमालाप कर रहे हैं.

और मैं अफ़सोस में बैठा हूँ की मैं आज के जमाने में क्यूँ न हुआ. मेरे भी कुछ अरमान  थे, जो साकार न हुए गुलाब के फूल ने किताब में रखे रखे ही दम तोड़ दिया पर वो फूल हम उसे न दे पाए. और खामियाजा ये की तब से आज तक फूल तो हमेशा लाकर देते हैं परन्तु “गोभी” का और श्रीमतीजी कहती हैं ” ज़रा देखकर नहीं ला सकते थे बिलकुल बेकार है”.  उन्हें कैसे बताऊँ की ये फूल उनको देकर हम स्वयं को फूल बना रहे हैं.


taecher with stickइस  में सरासर गलती हमारी ही रही है, जो हम ने अपनी शिक्षा पद्धति को गलत समझ लिया. और अपने प्यार से प्यार का इजहार नहीं कर पाए……. जबकि हमारी शिक्षा तो शुरू से प्रेम समर्थक रही है और हमेशा शिक्षकों ने प्यार करने वालों का समर्थन किया है. इतना ही नहीं जिन्होंने भी हमारे समय में प्रेम का इज़हार करने की हिम्मत जुटाई उन्होंने प्रेम की उचाईयों को छुआ और हम जैसे मूर्ख प्रेम को मन में दबाये रहे और अब ये सोचते हैं की काश ये वैलेंटाइन हमारे ज़माने में भी होता.

भोलू जो हमारा सहपाठी था मोहब्बत कर बैठा  और कर दिया इजहारे मोहब्बत.  बस फिर क्या था मास्टरजी को खबर लगी और करी धुनाई …………….! बात आई गयी हो गयी हमने अपने प्रेम को डंडे के डर से सिसकते हुए छोड़ दिया.  समय बीतता गया और वैलेंटाइन डे मनाया जाने लगा.

इस बीच एक फिल्म आई “मोहब्बतें” जिसमें एक नए जमाने के मास्टरजी थे. फिल्म का पोस्टर देखते ही हमारी अश्रुधारा बह चली,mohabatain मास्टरजी के हाथ में परंपरागत हथियार डंडा न देखकर “वायलन” आंसुओं ने आँखों की दहलीज़  पर दस्तक दी इतना अच्छा चित्र दिखा, तो लगा की आज के युग में मास्टरजी का ह्रदय परिवर्तित हो गया है जो प्रेम की शिक्षा दे रहे हैं काश कुछ वर्ष पूर्व ये फिल्म आ गयी होती…………! तभी हमें ज्ञान की प्राप्ति हुई………! की प्रेम के दुश्मन तो हमारे मास्टरजी भी न थे और वो तो प्रेम करने वालों को गीत संगीत की शिक्षा भी देते थे (जो प्रेम करने वालों के लिए अनिवार्य है वर्ना बाग़ में गाना कैसे गायेंगे ) जो सच्चे प्रेमी थे वो सफल हो गए जो प्रेम शिक्षा से डरकर भाग गए वो कच्चे प्रेमी थे, जैसे मैं…………!

dil mere hathभोलू ने प्रेम का इज़हार किया और मास्टरजी ने डंडा निकाला वास्तव में वो डंडा नहीं उस ज़माने का वायलन था जैसे ही हाथ-पैर पर पड़ता तभी “उह-आह-आउच” की आवाज़ आती. हम जैसे कच्चे प्रेमी सोचते की ये दर्द से चीख रहा है वास्तव में वो पोप म्यूजिक की रचना हो रही होती थी. जिस प्रेमी छात्र में ज्यादा संभावनाएं मास्टरजी को नज़र आती तभी मास्टरजी “शाश्त्री” बन जाते और उस छात्र पर तत्कालीन वायलन का निरंतर प्रयोग करते जब तक की शाश्त्रीय संगीत की रचना न हो जाती.  और हम जैसे नासमझ, मूर्ख, कच्चे प्रेमी ये समझते की मास्टरजी पिटाई कर रहे हैं और भोलू रो रहा है. काश मैं ये पहले ही समझ जाता की मास्टरजी के हाथ में डंडा नहीं वायलन है तो आज गोभी का फूल न खरीद रहा होता.

मैं एक सीक्रेट बता रहा हूँ की ” मैं अपनी श्रीमतीजी को प्यार भी करता हूँ”  तो पिछली बार सोचा कभी वलेंटाइन डे मनाया नहीं तो क्यों न इस बार पूरा वलेंटाइन वीक मनाया जाए. ये सोचकर गाल लाल हो गए जैसे पहली बार ही प्रेम का ख्याल मन मैं आया हो……

rose day७ फरवरी को गुलाब दिवस (रोज़ डे) था, फूल लेने दुकान पर गए तो बड़ी भारी भीड़ थी लगा सारी दुनियां आज गुलाब खरीदने पर उतारू है. एक एक गुलाब तीन तीन सौ रूपये का……….!  हे भगवान् इतना महंगा…… .! गुलाब के दाम सुन कर दिल धक् – धक् करने लगा.  तब पता चला की जब भी प्यार करने वाले बातें करते हैं तो अपने दिल की धड़कन क्यों सुनाते हैं. वास्तव मैं वो गुलाब के फूल के दाम बताते हैं………….! पर मैं भी तो सच्चा बीबी का प्रेमी था सोचा कोई बात नहीं एक दिन कम खा लूँगा लेकिन फूल जरूर लूँगा………..! फूल लेकर हम घर में दाखिल हुए तो देखा श्रीमतीजी किचिन में काम कर रही थीं, मैं चुपके से किचिन में गया और गुलाब का फूल निकाला, घुटनों के बल बैठकर, सर झुकाकर, हाथ लम्बे करके फूल उनके आगे करदिया. तुरंत प्रतिक्रिया सुनाई पड़ी………” इसको किस किस की नाक पर रखूंगी, क्या बाज़ार से गोभी ख़त्म हो गयी है……….!”  “रोज़ डे”……… रोज डे सा लगा. दिल बैठ सा गया पर सोचा हो सकता है श्रीमतीजी किसी बात से परेशान हों………! मैं श्रीमतीजी के मामले में पोजिटिव ही रहता हूँ……..


Rase day८ फरवरी प्रपोज़ डे मैंने सोचा प्रपोज़ क्या करना है, हैं तो मियां बीवी ही चलो कहीं फिल्म देखने ही चलते हैं. मैं घर ज़ल्दी ही पहुँच गया और श्रीमतीजी को फिल्म देखने चलने का प्लान बताया तो जवाब बिलकुल माकूल मिला …………..!   बिना मतलब पैसे खर्च करने की कोई ज़रुरत नहीं है चुप चाप बैठकर जी सिनेमा देखो पूरा फ़िल्मी है………! और जितने की टिकट आएँगी उतने पैसे मुझे दे दो…. .ऐसा लगा की किसी ने अरमान कुचल दिए हों दिल की उठती तरंगों ने शांत शीतल जल का सा स्थान ले लिया, इसीलिए लोग बाग अपनी बीवियों के साथ फिल्म देखने में कतराते हैं फिर सोचा हो सकता है श्रीमतीजी की तबियत ठीक न हो इसीलिए मना कर दिया हो……….मैं श्रीमतीजी के मामले में पोजिटिव ही रहता हूँ……..


chocalate day९ फरवरी चोकलेट डे. ये बहुत अच्छा है खूब चोकलेट खाओ. खाते खाते प्यार. वाह ! मैंने एक चोकलेट खरीदी और घर आ गया और श्रीमतीजी से कहा कुछ मीठा हो जाये. वो बोली चीनी का भाव पता है. मैंने उनके हाथ मैं चोकलेट थमा दी, उन्होंने झट से बच्चों में बाँट दी और कहा जब बच्चे दो हैं तो एक क्यों लाये हो, आगे से दोनों के लिए लाना पर ज्यादा फिजूलखर्ची मत किया करो. मेरा बाजारू प्यार श्रीमतीजी ने बच्चों में बाँट दिया. पता नहीं बीबियों को उपहार फिजूलखर्ची क्यों लगते हैं, और प्रेमिकाओं को अच्छे लगते हैं ये भी एक रहस्य है पर मेरा वो दिन भी बेकार गया प्यार जताने का मौका हाथ से निकल गया. दिल के अरमान आसुओं में बह गए.  शायद श्रीमतीजी ने सोचा होगा ज्यादा मीठा स्वाथ्य के लिए हानिकारक है…….! वैसे भी मैं श्रीमतीजी के मामले में पोजिटिव ही रहता हूँ……..


tady day१० फरवरी टेडी डे. ये अंग्रेजों को पता नहीं प्यार करने में खर्चा करने की क्या सूझी जब देखो खर्चा…….! प्यार करना है की खर्चा करना है, अब टेडी से प्यार का क्या लेना देना, पर मैंने भी पूरा वलेंटाइन वीक मनाने की सोची थी एक टेडी वेअर ख़रीदा और घर आ गया. टेडी वेअर देखते ही श्रीमतीजी का पारा चढ़ गया बोली. इसके साथ क्या नाचोगे. जो इसे लेकर चले आये . घर में कबाड़ की कमी है क्या ……..! देख रही हूँ कुछ दिनों से तुम्हारा दिमाग ठीक नहीं है रोज़ कुछ न कुछ बकवास चीज़ ले आते हो. और एक फूल नहीं ला सकते.  मैंने मासूमियत से कहा, ” लाया तो था………!”  अरे उसकी क्या सब्जी बनती मैं गोभी के फूल की बात कर रही हूँ. उस दिन मेरा दिल टूट गया बताइये मेरे अरमानों से ज्यादा चिंता गोभी की है …….फिर सोचा श्रीमतीजी को गृहस्थी की चिंता ज्यादा है इसीलिए गुलाब पर गोभी को महत्त्व दिया है. वैसे भी मैं श्रीमती जी के मामले में………………!


propose day११ फरवरी प्रोमिस डे. ये कुछ अजीब सा डे है,  बताइए प्यार में काहे का प्रोमिस…….! पर क्योंकि है तो करना पड़ेगा ही प्रोमिस. पहले तो यही सोचने में पूरा दिन निकल गया की किस बात का प्रोमिस किया जाए, फिर शाम के समय जब श्रीमतीजी दिखाई  पड़ी तो कहा “प्रिये मैं तुम्हे वचन देता हूँ की मैं जिंदगी भर,  सिर्फ तुम्हे ही प्यार करूंगा”. वो बोली ” वो सब छोड़ो, …. इसमें वचन की कोई ज़रुरत नहीं…….. वो सब मैं खुद संभल लूंगी…….. तुम किसी और की तरफ नजर उठा कर तो देखो………..! मैं समझ गया एक होनहार पति को किसी भी प्रकार का वचन अपनी बीवी को देने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि वास्तव में उसके पास देने के लिए कुछ भी नहीं होता, वचन भी नहीं…………! लेकिन ये दिन भी बेकार गया मैं अपने प्यार का इज़हार विधिवत न कर सका …….. और श्रीमतीजी  ने भी मुझे प्रोमिस करने का मौका ही नहीं दिया. शायद वोमुझे कुछ भी करने देना नहीं चाहती शायद वो मुझसे बहुत प्यार करती हैं. शायद जो कुछ भी हो मैं श्रीमतीजी के विषय में अन्यथा नहीं ले सकता, वैसे भी मैं श्रीमतीजी के मामले में………!


kiss day१२ फरवरी “किस डे” ये बहुत अच्छा दिन “वलेंटाइन वीक” बनाने वालों ने बनाया …….. अक्ल देर से आई …….. पर चलो देर आये दुरुस्त आये ………. बिना खर्चे के भी प्यार का इज़हार हो सकता है, इस दिन का यही फायदा है…….. हींग लगे न फिटकरी रंग चोखा ही चोखा.  वैसे भी होठों की और क्या उपयोगिता हो सकती है इससे बेहतर …….. शायद प्रेम की अभिव्यक्ति के लिए ही ईश्वर ने होठ बनाये हों……..खैर इस दिन मैं सुबह से ही बहुत उत्तेजित था, अपने सच्चे प्रेम का इज़हार विधिवत जो करना था, प्यार के उमंग भरे पलों को संजोता हुआ मैं घर पहुंचा, तो श्रीमतीजी घर पर नहीं थीं.  पता चला हमारी सासुजी की तबियत ख़राब है, “पीहर” गयीं हैं. आज रात वहीँ रहेंगी…….!. सुनते ही मेरी भी तबियत खराब हो गयी. दिल ने काम करना बंद सा कर दिया, लगा सारा सप्ताह ऐसे ही निकला जा रहा है और मैं श्रीमती जी को ये तक नहीं बता पा रहा हूँ की मैं उन्हें कितना प्यार करता हूँ………. पर अफ़सोस एक और दिन बेकार गया फिर लगा श्रीमती जी का वहां जाना ठीक ही है, आखिर वहां जाना भी जरूरी है. वो जो करती हैं ठीक ही करती हैं …. वैसे भी मैं श्रीमतीजी के मामले में………!


hugday१३ फरवरी (हग डे)की सुबह ही मुझे पता चल गया की श्रीमतीजी नहीं आ रही हैं तो मेरा दिमाग बौखला गया मुझे ये बात परेशान कर रही थी की यदि मैं इस वलेंटाइन वीक में अपने प्यार का इज़हार न कर सका तो क्या होगा शायद श्रीमतीजी को लगे की मैं उनसे प्यार ही नहीं करता, यही चिंता मुझे खाई जा रही थी……….  वैसे प्यार का वास्तव में दिल से कोई सम्बन्ध नहीं होता, अक्सर प्यार के चक्कर में लोग पागल जरूर हो जाते हैं  किसी को हार्ट अटैक नहीं होता, और जिनको होता हैं तो वो टेंशन से होता है जिसका दिल से कोई लेना देना नहीं होता. ………..! खैर अब मुझे ये अहसास होने लगा था की यदि ये वीक निकल गया तो  एक साल तक मैं प्यार का इज़हार न कर सकूंगा और श्रीमतीजी को मैं कह क्या सकता हूँ वैसे भी मैं श्रीमती जी के मामले में…………!


valentine day१४ फरवरी यानि वलेंटाइन डे वो दिन जिसका प्रेमी लोग बड़ी बेसब्री से इंतज़ार करते हैं. जिस दिन उपहारों से दुकाने सज जाती हैं जिस दिन फूल अपनी खुशबू से सारे चमन को गुलज़ार करते हैं, उस दिन जिसको देखो वही अपनी प्रेयसी के लिए कुछ न कुछ खरीद रहा था, और मैं परेशान था की अगर श्रीमती जी नहीं आयीं तो क्या होगा, चेहरे पर भूतहा वीरानी छायी हुई थी. मैं सोच रहा था की कुछ उपहार लूं………..,  या न लूं…………! पर बीते दिनों के हादसों ने मेरे मन में उमंगों के तारों को न केवल झंझोड़ा बल्कि तोड़ ही दिया था. मैंने एक फूल ख़रीदा, “गोभी” का, और घर पहुंचा. घर की रंगत बदली हुई थी, सारा घर सजा हुआ था, श्रीमती जी सजीधजी बैठी थीं मेरे घर पहुँचते ही वो बोली………….”आज भी गोभी लेकर चले आये”…….. फिर मुस्करा कर कहा “चलो कुछ मीठा हो जाए”……..! मैं हतप्रभ सा उनकी ओर देख रहा था वो बोली मैं जानती हूँ आप इतने दिनों से क्या कहना चाह रहे थे. परन्तु क्या मैं ये नहीं जानती की आप मुझे कितना प्यार करते हो, जो आपको ये सब करने की ज़रुरत पड़ी……..!  वो प्यार ही क्या जिसे प्रदर्शन की आवशयकता पड़े……… प्यार का कोई मोल नहीं होता इसे उपहारों से तोला भी नहीं जा सकता, प्यार तो महसूस किया जाता है……… जिसे मैं हर पल महसूस करती हूँ ……… सिर्फ वलेंटाइन डे के दिन ही नहीं बल्कि हर दिन…………!


मैं सोच रहा था की वास्तव में, मैं बुद्धू ही रहा यदि प्रेम की शिक्षा बचपन  में ठीक ढंग से ली होती तो ऐसी हरकतें न करता …….और हमारी श्रीमतीजी प्यार के मामले में भी हमसे बाज़ी मार ले गयीं ………. इसीलिए तो मैं श्रीमतीजी के मामले में सदा पोजिटिव ही रहता हूँ……!
(ये सभी चित्र इन्टरनेट से साभार प्राप्त किये हैं )

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (16 votes, average: 4.88 out of 5)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग