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हमने सुना है: मौसम के साथ-साथ

Posted On: 2 Aug, 2011 Others में

सफर ख्वाबों का........मासूम ख्वाहिशें खुद से खुदा से

नंदिनी

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जो दिल में हो वैसी लगन

ये हमने सुना है

देर से ही सही मिल जाता है

जिसको चुना है

————summer

जेठ की दुपहरी में अलसाई

अमराईयों में

कूकती कोयल की गूँज

तन्हाईयों में

एक छोटा सा ख़्वाब है

उसे बुना है

————

monsoon

सावन की भिगोती झड़ी खुले

आसमां के नीचे

सरगोशी करती हवा चली आती

है पीछे-पीछे

ये वक्ते फ़िराक जो है क्या मेरे

लिए बना है

————winter

पूस की कंपकंपाती ठंडी लंबी

काली रातें

वो दरो दीवारों और छतों से होती

मेरी बातें

रोने को दिल होता है मगर

रोना मना है

————

जो दिल में हो वैसी लगन

ये हमने सुना है

देर से ही सही मिल जाता है

जिसको चुना है

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