blogid : 4337 postid : 159

''कमीज ''

Posted On: 29 Apr, 2013 Others में

narayaniKuch anubhav... Kuch vichar...

narayani

40 Posts

331 Comments

”कमीज ”
कमीज तो ढेरो होंगी तुम्हारे पास
आसमानी ,सफेद ,हरी
कितने ही रंगो की
पर मेरे पास तुम्हारी
एक कमीज है मेरे बेटे
मैने जाते समय तुमसे कहा था
ले जाओ इसे
पर तुमने कहा नही ”माँ’
इसे यही वापस आकर पहनूंगा
… धोकर ,सुखाकर अपने हाथो से …..
तहकर रखी है मैने उसे
कई बार तुम्हारी यादो के आंसू
उस कमीज में छुपा दिये
देर न करना आने में
वह कमीज मेरे आंसुओ से
इतनी ना भीग जाये
की तुम फिर उसे न पहनो
डर नही मुझे तुम्हारे विछोह का
दर्द है तुम फिर न पहन पाओ
यहा आकर ,देखकर न कहो
”माँ’यह तो भीगी है .

नारायणी

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग