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माँ के लिए लिखना आसान नही

Posted On: 12 May, 2012 Others में

narayaniKuch anubhav... Kuch vichar...

narayani

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529881_324288424293250_243231502398943_818934_1333262658_n[1] A mother (97 years old), feeding and taking care of her paralysed son (60 years old) everyday for more than 19 years . This is happening in China.

Be Grateful for Our Beloved Parents, Thank You for Your Unconditional Love and Care since we were born. We Love You Always. 🙂

माँ के लिए लिखना आसान नही

माँ के लिए क्या लिखू, समझ नही आता

जिसने मुझे लिखा ,उस पर लिखा नही जाता

जो भी जीव रूप है ,उनका है माँ से नाता

माँ बिन कोई जीव ,जीवन नही पाता

तडपती है माँ संतान हेतु ,उतना कोई दूजा तड़प नही पाता

जनक और संतान की सेतु है, माता

हर रूप में छबी श्रेष्ठ ,हर रूप उसका भाता

गरमी में प्यार उसका शीतल बयार बन आता

सर्दी में माँ का गर्म ,आंचल है लुभाता

बारिश में वही आंचल ,भीगा बदन सुखाता

भूखी है वो निवाला सन्तान के मुख में जाता

संतान का कष्ट मन्दिर में, माँ का माथा रगड़ आता

मन उदास हो तो माँ का स्पर्श ही सहज कर जाता

ख़ुशी मिले बच्चो को छोटी सी,माँ का तन डोल जाता

बच्चो के मन में मंथन ,माँ को ही समझ आता

जीवन में कभी माँ का कर्ज हमसे उतर नही पाता

क्या लिखू माँ पर कुछ समझ नही आता

नारायणी

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