blogid : 4699 postid : 84

शिक्षा की अनूठी हाट

Posted On: 6 Dec, 2011 Others में

ye juban mujh se see nahin jaati ...Just another weblog

neelamsingh

3 Posts

54 Comments

भेड़ों की पाठशाला में
गधे गुरु पढ़ा रहे हैं पाठ
विद्वान् मनीषी बुहार रहे हैं आँगन
खोमचेवालों ने वेदों , उपनिषदों के
पन्नों से बना लिया है ठोंगा
बेच रहे हैं माल |
ऋषि भूमि स्तब्ध है
नई शिक्षा प्रणाली पर
कौए , हंस , सिंह , बंदर
सब बैठे हैं एक कतार में
योग्यता , क्षमता है ताक पर
मिलेंगे सबको हर सत्र में
एक जैसे प्रमाण पत्र
बैल लिख रहे हैं सन्दर्भ ग्रन्थ
हो रहा है इतिहास का कायापलट
संस्कृति विदेशी पार्लरों में जाकर
करवा रही है ” मेकओवर ”
” आउटडेटेड ” होने के भय ने
बना दिया है उसे ” माड ”
पाठशाला के संस्थापक
कालिदास और तुलसी से
भरवा रहे हैं पानी
दो कौड़ी की भाषाएँ
नहीं रहीं शिक्षा का माध्यम
शेक्सपियर की गोदी में लेटकर वेदव्यास
सुन रहे हैं ” मर्चेंट आफ वेनिस ” की कहानी
” कबीर ” ने बैठा लिया है ” कीट्स ” को कन्धों पर
गधों ने बढ़ा दिया है देश का गौरव
लगी हुई है शिक्षा की अनूठी हाट
आर्यावर्त की नैया लग गई है
पश्चिम के घाट |

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (6 votes, average: 4.33 out of 5)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग