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‘नाथूराम गोडसे’ विवाद ही नहीं, इन 5 विवादित बयानों की वजह से भी सुर्खियों में रहा है कमल हासन का नाम

Posted On: 14 May, 2019 Hindi News में

Pratima Jaiswal

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कमल हासन मनोरंजन की दुनिया का एक ऐसा खास चेहरा, जिन्हें अपनी उम्दा अदाकारी के लिए जाना जाता है। उनकी लीक से हटकर फिल्मों की तारीफ आज भी होती है लेकिन इन दिनों कमल हासन दूसरी वजहों से सुर्खियों में है। कमल राजनीति के गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। उनके एक विवादित बयान की वजह से नेता उन्हें आड़े हाथों ले रहे हैं।

 

 

क्या कहा था कमल हासन ने
हासन ने इस बार नाथूराम गोडसे को आजाद भारत का पहला आतंकवादी बताकर विवाद खड़ा कर दिया है । मक्कल निधि मय्यम पार्टी का गठन कर सिनेमा की दुनिया से राजनीति में आए हासन ने तमिलनाडु के अरवाकुरिची विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान कहा, मैं ये इसलिए नहीं कह रहा कि यहां काफी संख्या में मुसलमान हैं। मैं ये महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने कह रहा हूं। आजाद भारत में पहला आतंकवादी एक हिंदू था। उसका नाम था- नाथूराम गोडसे।

यह ऐसा पहला मौका नहीं है, जब कमल ने ऐसा बयान दिया हो बल्कि इससे पहले भी वो विवादित बयान देते रहे हैं। आइए, एक नजर डालते हैं।

 

कश्मीर पर जनमत संग्रह कराने की जरूरत
फरवरी 2019 में जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए केंद्रीय सुरक्षा बल के काफिले पर फिदायीन हमले में 40 जवानों की शहीदत पर अभिनेता कमल हासन के बयान पर विवाद खड़ा हो गया था । उन्होंने अपने बयान में कश्मीर पर जनमत संग्रह कराने की मांग की थी । उन्होंने कहा था कि आखिर देश के जवान कबतक इस तरह से शहीद होते रहेंगे । भारत कश्मीर में जनमत संग्रह क्यों नहीं करा रहा है। सरकार किससे डरती है? हमारे जवान क्यों मरे? अगर दोनों देशों के नेता ठीक से व्यवहार करें तो किसी जवान के मरने की जरूरत नहीं पड़ेगी । लाइन ऑफ कंट्रोल भी अंडर कंट्रोल रहेगा।

 

‘वो हमें गोली मारकर खत्म करना चाहते हैं’
इससे पहले नवंबर 2017 में भी कमल हासन विवाद में आए थे, जब उन्होंने ‘हिंदू उग्रवाद’ पर तंज कसा था। तब भाजपा और दूसरे हिंदू संगठनों ने उनकी कड़ी आलोचना की थी। कमल ने एक तमिल पत्रिका में लिखा था कि पहले दक्षिणपंथी हिंदू हिंसा में शामिल हुए बिना बहस किया करते थे। जैसे ही उनकी ये ‘चालबाजी’ विफल हो गई उन्होंने हिंसा का सहारा लेना शुरू कर दिया। हासन ने इस बयान पर हुए विवाद के बाद किसानों के एक समूह को संबोधित करते हुए कहा था कि अगर हम उन पर सवाल उठाते हैं तो वे हमें राष्ट्र-विरोधी करार देते हैं और जेल भेजना चाहते हैं। क्योंकि जेलों में तो कोई जगह खाली नहीं है, इसलिए वे हमें गोली मारकर खत्म करना चाहते हैं।

 

 

‘देश में ऐसा ग्रंथ पढ़ा जाता है जिसमें एक महिला को दांव पर लगा दिया गया था’
कमल हासन के धार्मिक ग्रंथ महाभारत पर बयान को लेकर भी विवाद हो चुका है। हासन ने कहा था कि देश में ऐसा ग्रंथ पढ़ा जाता है जिसमें एक महिला को दांव पर लगा दिया गया था। कमल हासन के बयान के बाद उनके खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने का मामला तक दर्ज किया गया था।

 

नोटबंदी के लिए पीएम मांगे माफी
कमल हासन ने केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले का पहले सपोर्ट किया था । हालांकि बाद में जब आम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा तो हासन ने इसके लिए माफी मांगी। उन्होंने कहा कि ‘मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले को उन्होंने जल्दबाजी में सपोर्ट किया। इसके लिए माफी मांगता हूं। यह फैसला भले अच्छा था लेकिन इसे सही तरीके से लागू नहीं किया जा सका। अगर पीएम इस मामले में माफी मांगने के लिए तैयार हैं तो मैं उन्हें सलाम करने के लिए तैयार हूं।

 

‘जलीकट्टू से पहले बिरयानी बैन करो’
कमल हासन जलीकट्टू पर बैन लगाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ बोलकर भी चर्चा में रहे थे । हासन ने जलीकट्टू का समर्थन करते हुए कहा था यह तमिल परंपरा का मामला है। अगर एनिमल एक्टिविस्ट जलीकट्टू से इतने परेशान हैं तो उन्हें बिरयानी को भी बैन कर देना चाहिए। मैं एक तमिल हूं और इस खेल को पसंद करता हूं।…Next

 

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