blogid : 314 postid : 838358

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को पूरा करेगा यह गणितज्ञ

Posted On: 19 Jan, 2015 Hindi News में

समाचार ब्लॉगदुनियां की हर खबर जागरण न्यूज के साथ

Hindi News Blog

1613 Posts

925 Comments

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास देश के विद्यार्थियों को शिक्षित करने की एक अनूठी योजना है जिसे मूर्त रूप देने का काम करेंगे मंजुल भार्गव. प्रधानमंत्री की इस महत्तवाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत विख्यात शिक्षाविदों और वैज्ञानिकों को भारतीय तकनीकी संस्थानों और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए बुलाया जाएगा. मंजुल भार्गव प्रधानमंत्री के दिमाग की उपज इस परियोजना (जीआईएएन) के चेहरे होंगे. वो इस परियोजना के तहत अमेरिका और विश्व के अन्य देशों में रह रहे शिक्षाविदों और वैज्ञानिकों की नियुक्ति करेंगे जो भारत आकर विद्यार्थियों को पढ़ाएँगे.



bhargava



हालांकि भार्गव ने एक वेबसाइट के पत्रकारों को उन व्यक्तियों का नाम बताने से इंकार किया जिनकी इस परियोजना ‘ग्लोबल इनिशिएटिव ऑफ एकेडमिक नेटवर्क(जीआईएएन)’ के तहत नियुक्ति की जाएगी. लेकिन उन्होंने कहा कि, ‘मैं ऐसे लोगों को आमंत्रित करना चाहता हूँ जिन्होंने विद्यार्थियों को बेजोड़ गणितज्ञ बनाने में महती भूमिका निभाई हो और अपना जीवन उन्हें गणित विषय के बारे में उत्सुक बनाने में गुज़ार दिया.’



Read: गणित में फिसड्डी क्यों हैं हमारे छात्र




उन्होंने यह भी जोड़ा कि, ‘इस अभियान के तहत वो खुद भी भारतीय तकनीकी संस्थान खड़गपुर और मुंबई में विद्यार्थियों को पढ़ाएँगे.’




Read: नासा से भी टैलेंटेड वैज्ञानिक भारत की गलियों में घूम रहे हैं, यकीन नहीं आता तो खुद ही पढ़ लीजिए




ये वही मंजुल भार्गव हैं जिन्हें गणित के क्षेत्र में ‘फील्ड मेडल’ से सम्मानित किया गया था. फील्ड मेडल को ‘गणित का नोबेल पुरस्कार’ माना जाता है. सोल में आयोजित इंटरनेशनल कांग्रेस ऑफ मैथमेटिक्स 2014 में अंतर्राष्ट्रीय गणितज्ञ संघ ने उन्हें यह फील्ड मेडल प्रदान किया था. प्रिंसटन विश्वविद्यालय में गणित के प्राध्यापक भार्गव को ज्यामिती संख्या में महत्तवपूर्ण नई पद्धति को विकसित करने के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया. Next….




Read more:

एक ऐसा गांव जहां हर आदमी कमाता है 80 लाख रुपए

जब गणित का तेज विद्यार्थी दुनिया का महान क्रिकेटर बना

अगर इस भारतीय तेज गेंदबाज की सहायता न की जाती तो ये अफ्रीका के किसी देश में मजदूरी कर रहा होता


Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग