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कभी किराये पर रहती थी हनीप्रीत, ऐसे आई राम रहीम के संपर्क में और बदल गई किस्‍मत

Posted On: 1 Sep, 2017 Hindi News में

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साध्वियों से बलात्कार के दोषी डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। हनीप्रीत और डेरा के प्रवक्ता आदित्य इंसा सहित तीन लोगों के खिलाफ पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। इसका मतलब है कि ये लोग देश छोड़कर नहीं जा सकते।  हनीप्रीत के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज किया गया है। उन पर कोर्ट के फैसले के बाद गुरमीत सिंह को भगाने की साजिश रचने का आरोप है। मगर क्‍या आपको पता है कि आज जो हनीप्रीत, गुरमीत सिंह की सबसे खास है वह कभी किराये के घर में रहती थी और उसके दादा डेरे के अनुयायी थे। आइये जानते हैं हनीप्रीत के बारे में खास बातें।


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फतेहाबाद की रहने वाली है हनीप्रीत

37 वर्षीय हनीप्रीत को गुरमीत राम रहीम सिंह ने साल 2009 में गोद लिया था। फेसबुक पर खुद को डेरामुखी का वारिस घोषित करने वाली हनीप्रीत का असली नाम प्रिंयका तनेजा है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो डेरे में हनीप्रीत का रौब भी राम रहीम की तरह ही चलता है। मूलरूप से फतेहाबाद, हरियाणा की रहने वाली हनीप्रीत उर्फ प्रियंका तनेजा के परिवार को जानने वालों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में इस परिवार की किस्‍मत बदल गई।


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परिवार के साथ जाती थी डेरा

प्रियंका तनेजा (हनीप्रीत) का परिवार 1988 से 1998 तक चार मरला कॉलोनी में पंजाब नेशनल बैंक के पीछे एक संकरी गली में किराये के मकान में रहता था। त‍ब प्रियंका स्प्रिंग डेल स्‍कूल में 9वीं कक्षा में पढ़ती थी। उसके दादा डेरा सच्‍चा सौदा के अनुयायी थे। प्रियंका भी परिवार के साथ डेरा जाती थी। इसी दौरान वह गुरमीत राम रहीम सिंह के संपर्क में आई।


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गुरमीत राम रहीम सिंह के संपर्क में आने के बाद छोड़ दिया फतेहाबाद

इसके बाद हनीप्रीत के दादा रामशरण दास डेरा के कैशियर बन गए। फिर इसके परिवार ने जगजीवनपुरा में अपना मकान बना लिया और उसमें रहने लगे। हनीप्रीत के पिता रामानंद ने फतेहाबाद में टायरों की कंपनी की डीलरशिप ले ली। मगर हनीप्रीत का परिवार अपने मकान में ज्‍यादा दिन नहीं रुका और चार साल में ही डेरे में शिफ्ट हो गया। आसपास के लोग बताते हैं कि कुछ वर्षों तक कभी-कभी हनीप्रीत का परिवार फतेहाबाद आता था, लेकिन बाद में यहां का मकान भी बेच दिया।


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