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यहां एक दर्जन अंडे की कीमत है 12 हजार, हर 34 घंटे में बढ़ रही महंगाई

Posted On: 29 Nov, 2017 Hindi News में

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भारत में अंडों की कीमत में 35 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हो गया है। लगातार बढ़ती महंगाई की वजह से लोगों में रोष है। लेकिन एक ऐसा भी देश है, जहां महंगाई 4000 फीसदी बढ़ चुकी है। यहां लोगों को एक दर्जन अंडों के लिए 12 हजार तक चुकाने पड़ रहे हैं, यह हाल है वेनेजुएला का। ऐसे में आज हम आपको उन देशों के बारे में बताएंगे जहां महंगाई ने रिकॉर्ड तोड़ दिए।

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हर हफ्त के लिए 7 लाख बॉलिवर

दरअसल वेनेजुएला की मुद्रा बॉलिवर की वैल्यू डॉलर के मुकाबले काफी ज्यादा गिर चुकी है। इसकी वजह से यहां भुखमरी के हालात पैदा हो गए हैं। सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक यहां एक हफ्ते का गुजारा करने के लिए लोगों को 7 लाख बॉलिवर खर्च करने पड़ रहे हैं।


venezuela


84000 में बिक रहा एक पैकेट दूध

वेनेजुएला के केंद्रीय बैंक के पास अब सिर्फ 10 अरब डॉलर बचे हुए हैं। बैंक का खाजाना कर्ज चुकाने में ही खत्म हो गया है। अभी वह अपना पूरा कर्ज नहीं दे पाया है, यहां एक डॉलर की वैल्यू 84000 बॉलिवर हो गई है। यहां एक पैकेट दूध के लिए लोगों को 84000 बॉलिवर चुकाने पड़ रहे हैं।


Venezuelan


जिंबाब्वे में भी बहुत बढ़ी है महंगाई

वेनेजुएला के अलावा जिंबाब्वे में भी हायपरइंफ्लेशन के हालात बने हुए हैं। यहां महंगाई इतनी ज्यादा स्तर पर है कि यहां भी भुखमरी के हालात पैदा हो गए हैं। जिंबाब्वे कई सालों से अतिमहंगाई के हालात से जूझ रहा है। जिम्बाब्वे में एक वक्त महंगाई के हालात इतने बद्तर हो गए कि यहां एक ब्रेड का पैकेट खरीदने के लिए लोगों को करोड़ों डॉलर खर्च करने पड़ रहे थे।


Zimbabwe


यूगोस्लाविया में हर 34 घंटे में महंगाई बढ़ी

यही हाल यूगोस्लाविया का भी रहा, अति महंगाई ने इस देश की कमर तोड़ दी थी। अन्य  देशों ने इससे व्यापार करना बंद कर दिया था। इससे निपटने के लिए यहां नये नोट छापे गए। इसकी वजह से यहां हर 34 घंटे में महंगाई बढ़ने लगी थी। यहां 1992 से लेकर 1994 के बीच ये हालात रहे। इस दौरान यहां के केंद्रीय बैंक ने 5 खरब दिनार का भी नोट छापा था।


Yugoslavia


जर्मनी में ट्रक भरकर ले जाने पड़े थे पैसे

जर्मनी में भी अति महंगाई के हालात पनपे। एडॉल्फ हिटलर की तानाशाही के दौरान 1922-23 में यहां महंगाई काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थी। यहां लोगों को रोजमर्रा का सामान खरीदने के लिए ट्रक भरकर रुपये ले जाने पड़ते थे।…Next

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