blogid : 314 postid : 1379234

केंद्रीय विद्यालयों में प्रार्थना को बताया हिंदू धर्म का प्रचार, अब अदालत में होगा फैसला!

Posted On: 11 Jan, 2018 Hindi News में

समाचार ब्लॉगदुनियां की हर खबर जागरण न्यूज के साथ

Hindi News Blog

1625 Posts

925 Comments

अगर आप भी केंद्रीय विद्यालय में पढ़ चुके हैं तो आपको अपने स्कूल की वो सुबह वाली प्रार्थना तो जरूर याद होगी जो कुछ ऐसी होती है।

असतो मा सदगमय!

तमसो मा ज्योतिर्गमय!

मृत्योर्मा अमृतं गमय।।


cover kv

बता दें कि केवल केंद्रीय विद्यालयों में ही नहीं अपितु कई सारे राज्यों के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में भी कक्षाओं से पहले हर सुबह प्रार्थना का आयोजन किया जाता है। अब वेद की ये ऋचाएं भी सुप्रीम कोर्ट में घसीट दी गई हैं। केंद्रीय विद्यालयों में हर रोज सुबह होने वाली हिंदी-संस्कृत की प्रार्थनाओं पर विवाद खड़ा हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए केन्‍द्र सरकार और केन्‍द्रीय विद्यालयों को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ये बड़ा गंभीर संवैधानिक मुद्दा, जिस पर विचार जरूरी है।


50 सालों से चल रही है प्रार्थना

सुप्रीम कोर्ट में विनायक शाह ने याचिका लगाई है, जिनके बच्चे केंद्रीय विद्यालय में पढ़े हैं। याचिका के मुताबिक देश भर में पिछले 50 सालों से 1125 केंद्रीय विद्यालयों की प्रार्थना हो रही है। ये संविधान के अनुच्छेद 25 और 28 के खिलाफ है और इसे इजाजत नहीं दी जा सकती है। कानून के मुताबिक, राज्यों के फंड से चलने वाले संस्थानों में किसी धर्म विशेष को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता।


KV


प्रार्थना से धार्मिक मान्यता को बढ़ावा ?

याचिका की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की मोदी सरकार और केंद्रीय विद्यालय संगठन को नोटिस जारी कर पूछा है कि, रोजाना सुबह स्कूल में होने वाली हिंदी और संस्कृत की प्रार्थना से किसी धार्मिक मान्यता को बढ़ावा मिल रहा है? इसकी जगह कोई सर्वमान्य प्रार्थना क्यों नहीं कराई जा सकती?


kv prayer


4 हफ्ते में सरकार देगी जवाब

सवालों के जवाब कोर्ट ने 4 हफ्ते में तलब किये हैं। कोर्ट इस बात पर फैसला करेगा कि क्या इससे एक धर्म को बढ़ावा मिल रहा और संविधान का उल्लंघन हो रहा है? बेंच की अध्यक्षता कर रहे जस्टिस आरएफ नरीमन ने कहा कि यह एक बहुत महत्वपूर्ण संवैधानिक मुद्दा है। जानाकारी के लिए बता दें, हिंदी और संस्‍कृत की प्रार्थना धर्म विशेष हिंदू का प्रचार करती हैं, जो अनुच्छेद 28 और 19 का उलंल्घन है।

kvs


स्कूली प्रार्थनाएं संवैधानिक मूल्यों का उल्लंघन है

याचिका में कहा गया है कि सभी धर्म और संप्रदाय के बच्चों को ये प्रार्थनाएं गानी होती हैं और सुबह की सभा में प्रार्थना में हिस्सा लेना अनिवार्य होता है। इसके साथ ही प्रार्थना में कई सारे संस्कृत के शब्द भी शामिल होते हैं। विनायक शाह ने कहा कि ये स्कूली प्रार्थनाएं संवैधानिक मूल्यों का उल्लंघन हैं। संविधान हर नागरिक को इस बात की इजाजत देता है कि वे अपने धर्म का पालन करे। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य प्रायोजित कोई भी स्कूल एक धर्म को प्रोत्साहित नहीं कर सकता।…Next



Read More:

एक नहीं बल्कि तीन बार बिक चुका है ताजमहल, कुतुबमीनार से भी ज्यादा है लंबाई!

सीरिया-इराक से खत्म हो रही IS की सत्ता, तो क्या अब दुनिया भर को बनाएंगे निशाना!

अक्षय ने शहीदों के परिवार को दिया खास तोहफा, साथ में भेजी दिल छू लेने वाली चिट्ठी

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग