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दुपट्टे, ज्वैलरी, घड़ी, बेल्ट, जूते उतरवाये गए क्लास रूम में जाने से पहले

Posted On: 2 Jun, 2016 Hindi News में

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जब भी परीक्षा होती है हर बार चेकिंग भी जरूर होती है ताकि कोई विद्यार्थी नकल न कर सके. लेकिन पिछले कुछ दिनों में नकल को रोकने के लिए, चेकिंग के नाम पर जिस तरह का व्याहार छात्रों के साथ किया जा रहा है, वह बिल्क़ुल भी सही नहीं है, चेकिंग के बहाने लड़कियों के साथ एक तरह का मानसिक शोषण हो रहा है. जिसपर न ही प्रशासन ध्यान दे रहा है और नहीं कॉलेज वाले इसपर रोक लगा रहे हैंं.


ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश में देखने को मिला. राज्य में चल रही पीएससी की राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2016 में, जिस तरह से परीक्षार्थियों की चैकिंग की गयी उससे वहां परीक्षा देने आई लड़कियां काफी दुखी हैंं. उन्होंने कहा कि चेकिंग के दौरान महिला परीक्षार्थियों के दुपट्टे हटाकर खिड़की पर टांग दिए गए, साथ ही गले के लॉकेट भी देखे गए. जिससे अधिकांश लड़कियां काफी असहज हो गयींं. छात्रों ने बताया की हमारे मना करने के बाद भी जाँच चलती रही. लोगोंं ने भी इस मामले में कुछ नहीं बोला.



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लड़कियों में है नाराजगी

चेकिंग के बाद वहां मौजूद लड़कियों ने इसका खुल कर विरोध किया, आपको बता देंं इस पद के लिए करीब 80 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी. पीएससी की परीक्षा के लिए 2 लाख से भी ज्यादा आवेदन भरे गए थे, क्योंकि 250 पद खाली पड़े थे. यह परीक्षा दो सत्रों में होती है सुबह और शाम. चेकिंग इतनी ज्यादा थी कि हॉल में आप सिर्फ अपना रॉल नंबर लेकर जा सकते हैंं. परीक्षा में जाने से पहले सभी परीक्षार्थियों को घड़ी, बेल्ट, पर्स, जूते, आभूषण बाहर रखने पड़े. वहींं महिला परीक्षार्थियों के दुपट्टे कॉलेज गेट के पास रखवा दिए गए. उन्हें परीक्षा कक्ष में करीब 4 घंटे तक बगैर दुपट्टे के बैठना पड़ा.


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दुपट्टा हटाए जाने से एकाग्रता भंग हुई

लड़कियों के दुपट्टा हटाए जाने के बाद वहां पर मौजूद एक छात्रा ने इसका विरोध करते हुए पीएससी को इसकी शिकायत की है. उसका कहना है कि आयोग ने ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया था. वहींं इस मामले में प्रोफेसर भी छात्रों के साथ खड़े नज़र आये. छात्राओं का कहना है कि जांच के नाम पर दुपट्टा हटाने से उनकी एकाग्रता भंग हुई और परीक्षा में भी मन नहीं लगा. सभी लड़कियों को शर्म आ रही थी, जिसकी वजह से उनका ध्यान पर में नहीं गया. साथ ही छात्राओं का कहना है कि परीक्षा से 30 मिनट पहले महिला प्राध्यापक द्वारा पूरी जांच करा लेते, इसके बाद दुपट्टा लेकर कक्ष में जाने देते…Next


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