blogid : 314 postid : 1438

इन्हें स्टार प्रचारक की क्या जरूरत ?

Posted On: 20 Jan, 2012 Hindi News में

समाचार ब्लॉगदुनियां की हर खबर जागरण न्यूज के साथ

Hindi News Blog

1613 Posts

925 Comments

भारतीय राजनीति में शायद ही कोई परिवार या शख्स गांधी परिवार से अधिक महत्व और रुतबा रखता है. गांधी और नेहरू परिवार में ऐसे कई नेता हुए हैं जो आम लोगों के लिए आदर्श बनें. और इन्हीं महान लोगों की वजह से आज नेहरू परिवार की पीढ़ियां भारत पर राज कर रही हैं. लेकिन जब भी चुनावों की बात आती है तो एक सवाल हमेशा खड़ा होता है इस परिवार को आज की तारीख में किसी स्टार प्रचारक की क्या जरूरत.


priyanka-gandhiआज नेहरू परिवार को “गांधी” का स्टार नाम मिला हुआ है. नेहरू जी जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी जिस परिवार से जुड़ा हो जनता उसके साथ जुड़ती ही है. इसके साथ-साथ इस परिवार के साथ ऐसे कई नाम जुड़े हैं जो इस परिवार को जनता की पहली पसंद बनाते हैं. इंदिरा गांधी, राजीव गांधी जैसे कई नाम हैं जिन्होंने देश की जनता के बीच बहुत अच्छी पकड़ बनाई हुई थी और उसी पकड़ का आज नई पीढ़ी को फायदा मिलता है. देश में ऐसे अधिकांश परिवार हैं जो कांग्रेस के हाथ पर सिर्फ इसलिए निशान लगाते हैं क्यूंकि उनके बड़े-बूढ़े बहुत पहले से यही करते आ रहे हैं. आज भी कई लोग कांग्रेस को वोट एक परंपरा के रूप में दे रहे हैं क्यूंकि उनके पूर्वजों को कांग्रेस पर बहुत भरोसा था.


आज कांग्रेस लगातार भ्रष्टाचार के मामलों में फंसती जा रही है जिससे उसकी साख गिरने लगी है. लेकिन इस दौर में भी कांग्रेस को किसी स्टार प्रचारक की जरूरत नहीं है. क्यूंकि इनका परिवार ही एक स्टार प्रचारक है.


मौजूदा विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार का कोई स्टार परिवार है तो वह है गांधी परिवार. इस परिवार के स्टार प्रचारक हैं सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मेनका गांधी और वरुण गांधी. राहुल गांधी करीब साल भर से उत्तर प्रदेश में मोर्चा संभाले हैं. राहुल गांधी उत्तर प्रदेश की जनता के लिए खासे महत्व रखते हैं. उनके बीच जाकर उन्होंने अच्छी पैठ बना ली है.

Priyanka Gandhi in Election Campaign

सोनिया-राहुल के ‘सियासी घर’ यानी रायबरेली और अमेठी की कमान संभाल ली है प्रियंका वाड्रा ने. प्रियंका गांधी यूं तो कभी राजनीति में सक्रिय नहीं रही है लेकिन जब बात प्रचार की आती है तो कांग्रेस के लिए यह बिटिया तुरूप का इक्का साबित होती है. प्रियंका गांधी की सौम्यता और सादगी उन्हें आम जनता के बीच खासा लोकप्रिय बनाए हुए है.


ऐसा नहीं है कांग्रेस के पास ही “गांधी” पावर है बल्कि भाजपा के खेमे में भी वरुण गांधी और मेनका गांधी सरीखे पत्ते हैं जो लोगों को अपनी और खींचने का माद्दा रखते हैं. भाजपा में भी वरुण की खासी डिमांड है. मेनका गांधी भी पार्टी की चुनावी मुहिम को परवान चढ़ाने में जुटी हुई हैं.


लेकिन भाजपा कभी भी वरूण गांधी का सही फायदा नहीं उठा पाई और यही वजह है कि गांधी परिवार का होने के बाद भी वरूण गांधी को लोग उतना नहीं जानते. अगर भाजपा ने वरूण गांधी को आगे करके उनके कंधे पर हथियार रखकर गोली चलाई होती तो शायद आज भारत का राजनैतिक ढांचा ही बदला हुआ होता.



Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 3.00 out of 5)
Loading...
  • Facebook
  • SocialTwist Tell-a-Friend

अन्य ब्लॉग