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मोदी सरकार ने दिखाई सख्ती, 'भ्रष्ट अफसरों' को नहीं मिलेगी ये बड़ी सुविधा

Posted On: 30 Mar, 2018 Hindi News में

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भ्रष्‍टाचार पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार कड़े कदम उठा रही है। आमतौर पर लोगों का मानना होता है कि यदि अफसरशाही सख्‍त हो जाए, तो देश में भ्रष्‍टाचार समाप्‍त हो सकता है। ऐसे आरोप लगते रहे हैं कि भ्रष्‍टाचार की सबसे मजबूत जड़ें अफसरशाही में ही जमी हुई हैं। अब मोदी सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिससे भ्रष्‍ट अफसरों पर नकेल कसी जा सकेगी। आइये आपको इसके बारे में विस्‍तार से बताते हैं।

 

 

नहीं दिया जाएगा पासपोर्ट

 

 

केंद्र सरकार ने निर्णय लिया है कि भ्रष्टाचार के मामले में दोषी या आरोपी अधिकारियों को पासपोर्ट नहीं दिया जाएगा या उनका पासपोर्ट रोक दिया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यदि किसी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में कोई जांच चल रही है या वह दोषी पाया गया है, अथवा उसके खिलाफ ऐसी कोई एफआईआर दर्ज की गई है, तो उसे पासपोर्ट नहीं दिया जाएगा। सरकार ने पासपोर्ट के लिए जो संशोधित गाइडलाइन जारी की है, उसके मुताबिक ऐसे अधिकारियों को पासपोर्ट जारी करने के लिए सतर्कता मंजूरी (विजिलेंस क्‍लीयरेंस) नहीं दी जाएगी। उस अधिकारी के खिलाफ भी सतर्कता मंजूरी रोकी जा सकती है, जिस पर किसी मामले में संदेह हो, जिसके खिलाफ चार्जशीट जारी तो हो गई हो, लेकिन अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित हो।

 

आपराधिक मामले में पहले से है यह नियम

 

 

गौरतलब है कि किसी अधिकारी के खिलाफ कोई आपराधिक मामला चल रहा हो, तो उसका पासपोर्ट रोक देने का नियम पहले से है। मगर अब भ्रष्टाचार के मामले में भी ऐसा किया जा रहा है। नए नियम में कहा गया है कि यदि किसी अधिकारी के खिलाफ कोई निजी एफआईआर दर्ज की गई है और किसी सक्षम एजेंसी द्वारा चार्जशीट दाखिल हुई हो, तो ही उसे पासपोर्ट देने से इनकार किया जाएगा। हालांकि, सरकार ने कुछ मामलों में रियायत भी दी है।

 

मेडिकल इमरजेंसी में छूट

 

 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसे मामलों में मेडिकल इमरजेंसी की हालत में छूट दी गई है। नई गाइडलाइन में कहा गया है कि संबंधित प्राधिकरण उस मामले में फैसले ले सकता है, जिसमें भ्रष्टाचार के आरोप झेल रहे अधिकारी को मेडिकल इमरजेंसी जैसी आपात स्थिति में विदेश जाना जरूरी हो। ऐसे मामलों में संबंधित विभाग फैसले ले सकता है। हालांकि, सक्षम प्राधिकरण इस पर विचार कर सकता है कि क्या मेडिकल इमरजेंसी जैसी आपात स्थिति में अधिकारी का विदेश यात्रा करना आवश्यक है…Next

 

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